Source :- LIVE HINDUSTAN
हार्ट अटैक की समस्या आजकल बेहद आम हो चुकी है और लोग अक्सर इसके लक्षणों को इग्नोर कर देते हैं। यूएस बेस्ड डॉक्टर कुणाल सूद का कहना है कि अगर समय रहते इन लक्षणों को देखा जाए, तो आप बच सकते हैं।
आजकल का गलत खान-पान और दिनचर्या लोगों की सेहत पर बुरा असर डाल रही है। किसी भी किडनी फेल हो रही है, तो कोई हार्ट अटैक का शिकार हो रहा है। हार्ट अटैक के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं और ये हर उम्र के लोगों के लिए खतरा बन चुका है। यूएस के मशहूर कार्डियोलॉजिस्ट कुणाल सूद ने इस बारे में अपने इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर करते हुए बताया कि कार्डियक अरेस्ट कभी भी अचानक नहीं होता, बल्कि इससे पहले शरीर कुछ सिग्नल भेजता है। लेकिन ज्यादातर लोग इन्हें इग्नोर कर देते हैं। चलिए बताते हैं आखिर ये संकेत क्या हैं?
हार्ट अटैक से पहले क्या संकेत मिलते हैं?
1- पैरों में सूजन
डॉक्टर के मुताबिक, दिन खत्म होते-होते पैर के निचले हिस्से या एड़ी के पास सूजन दिखती है। ये संकेत होता है कि फ्लूइड टिश्यू में जमा हो रहा है, जिसे एडिमा भी कहा जाता है। इस तरह के लक्षण हार्ट अटैक और किडनी खराब होने के शुरुआती संकेत हो सकते हैं। ऐसे में हार्ट जब ब्लड सर्कुलेट करता है, तब वह पैर तक नहीं आ पाता और ऐसे में टिश्यू में फ्लूइड्स घूमते रहते हैं। इसी वजह से सूजन दिखेगी।
2- दिल की धड़कन
अगर आपको दिल की धड़कन में बार-बार तेज धकधक या अनियमित धड़कन महसूस हो रही है, तो इसे नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार यह स्थिति अक्सर एरिदमिया (Arrhythmia) का संकेत होती है, जिसमें दिल की धड़कन सामान्य लय से बाहर हो जाती है। एरिदमिया का सबसे आम प्रकार फिब्रिलेशन (Fibrillation) है। यह ऐसी अवस्था है, जिसमें दिल बहुत तेजी और असामान्य तरीके से धड़कने लगता है। डॉक्टरों का कहना है कि फिब्रिलेशन होने पर स्ट्रोक और हार्ट फेल्योर का खतरा काफी बढ़ जाता है।
3- सीने से लेकर बाहों तक दर्द
हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. सूद का कहना है कि अगर सीने का दर्द हाथ, जबड़े, गर्दन या पीठ तक फैल रहा है, तो यह सामान्य गैस या मांसपेशियों का दर्द नहीं भी हो सकता। यह एंजाइना (Angina) या यहां तक कि हार्ट अटैक (Heart Attack) का संकेत हो सकता है। डॉक्टरों के मुताबिक, इस तरह के दर्द को मरीज अक्सर भारीपन, दबाव या कुचलने जैसा महसूस बताते हैं। कई लोग इसे सीने पर वजन रखे जाने जैसा अनुभव करते हैं। यह दर्द शारीरिक गतिविधि, सीढ़ियां चढ़ने या मानसिक तनाव के दौरान शुरू हो सकता है। लेकिन चिंता की बात तब होती है जब यह अचानक आराम की स्थिति में भी शुरू हो जाए और आराम करने के बाद भी ठीक न हो।
4- तेज धड़कन के साथ बेहोशी
अगर दिल की धड़कन तेज होने के दौरान या उसके तुरंत बाद बेहोशी आ जाए, तो इसे हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे मामले अक्सर दिल की धड़कन से जुड़ी गंभीर गड़बड़ी की ओर इशारा करते हैं। डॉक्टर बताते हैं कि यह स्थिति टैकीकार्डिया (Tachycardia) या हाइपरट्रॉफिक कार्डियोमायोपैथी (Hypertrophic Cardiomyopathy) जैसी समस्याओं से जुड़ी हो सकती है। इस तरह की बेहोशी को मेडिकल भाषा में कार्डियक सिंकोप (Cardiac Syncope) कहा जाता है।
5- नस का तेज चलना
अगर आपको अपनी नाड़ी (पल्स) अचानक तेज और अनियमित महसूस हो रही है, खासकर जब पहले ऐसा अनुभव न हुआ हो, तो यह दिल की गंभीर समस्या की ओर इशारा कर सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह अक्सर एट्रियल फिब्रिलेशन (Atrial Fibrillation/AFib) का संकेत होता है। एट्रियल फिब्रिलेशन दुनिया भर में पाई जाने वाली सबसे आम हार्ट रिदम डिसऑर्डर है। डॉक्टरों का कहना है कि AFib होने पर स्ट्रोक का खतरा लगभग पांच गुना तक बढ़ जाता है। अगर आप इस लक्षण को इग्नोर करते हैं, तो गलत है।
नोट- यह खबर सामान्य जानकारियों पर आधारित है। किसी भी तरह की विशेष जानकारी के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ से उचित सलाह लें।
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