Source :- LIVE HINDUSTAN
ब्रिटेन के महाराजा चार्ल्स चार दिनों के लिए अमेरिका की यात्रा पर हैं। उनके साथ महारानी कैमिला भी हैं। यहां दोनों ने वाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और मेलानिया ट्रंप से मुलाकात की।
ब्रिटेन के महाराजा किंग चार्ल्स III इन दिनों अपनी पत्नी महारानी कैमिला के साथ अमेरिका पहुंचे हैं। यहां मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी पत्नी मेलानिया ट्रंप ने दोनों का वाइट हाउस में स्वागत किया। इस दौरान एक मजेदार वाकया हुआ जो लोगों का ध्यान खींच रही है। दरअसल वाइट हाउस में अपने भाषण के दौरान किंग चार्ल्स ने ट्रंप पर मजेदार अंदाज में एक तंज कस दिया। किंग चार्ल्स ने ट्रंप के पहले दिए एक बयान पर चुटकी लेते हुए कहा कि अगर ब्रिटेन नहीं होता तो अमेरिका आज भी फ्रेंच बोल रहा होता यानी अमेरिका आज भी फ्रेंच शासकों के अधीन होता।
इससे पहले किंग चार्ल्स की राजकीय यात्रा के दौरान आयोजित स्टेट डिनर में ट्रंप और किंग दोनों ने नेताओं ने भाषण दिए। इस दौरान अमेरिका, ब्रिटेन और यूरोप के बीच लंबे समय से चले आ रहे ऐतिहासिक संबंधों का भी जिक्र हुआ। भाषण देते हुए किंग चार्ल्स ने कहा, “मिस्टर प्रेसिडेंट, आपने हाल ही में टिप्पणी की थी कि अगर अमेरिका न होता, तो यूरोपीय देश जर्मन बोल रहे होते। क्या मैं यह कहने की हिम्मत कर सकता हूं कि, अगर हम न होते, तो आप फ्रेंच बोल रहे होते।” यह सुनते ही हॉल में बैठे सारे मेहमान हंस पड़े।
किंग चार्ल्स की इस टिप्पणी को ट्रंप पर एक जबरदस्त तंज माना जा रहा है। इतिहास की बात करें तो लगभग 250 साल पहले ब्रिटिश और फ्रांस अमेरिका पर कब्जे के लिए लड़ रहे थे। इसके बाद 4 जुलाई 1776 को 13 अमेरिकी राज्यों ने ब्रिटेन से अलग होकर खुद को आजाद घोषित किया था। इसके बाद 3 सितंबर 1783 को पेरिस की संधि के तहत ग्रेट ब्रिटेन ने आधिकारिक तौर पर अमेरिका की आजादी को मान्यता दी थी।
नाटो देशों पर भड़के हैं ट्रंप
बता दें कि किंग चार्ल्स का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब अमेरिकी राष्ट्रपति ने बीते कुछ दिनों में यूरोपीय देशों पर हमले तेज कर दिए हैं। उन्होंने ब्रिटेन, जर्मनी, फ्रांस सहित कई देशों पर ईरान जंग में बंद पड़े स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खुलवाने में अमेरिका की मदद न करने का आरोप लगाया था। वहीं इससे पहले ट्रंप इन देशों पर रक्षा बढ़ाने का भी दबाव बना चुके हैं। यही नहीं ट्रंप ने खुद को नाटो से अलग करने की भी धमकी दी है। वहीं कई पश्चिमी देशों के प्रमुख ने खुलकर अमेरिका के खिलाफ बयान दिया है। ऐसे में किंग चार्ल्स का यह दौरा बेहद है माना जा रहा है।
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