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अमेरिका-ईरान तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने के बीच, रूस ने पाकिस्तान को रियायती दरों पर तेल देने की पेशकश की है। रूसी राजदूत ने ट्रंप की सैन्य कार्रवाई की आलोचना की और वैश्विक तेल संकट पर चिंता जताई। पढ़ें पूरी खबर।
रूस ने पाकिस्तान को सस्ते तेल की पेशकश की है। यह खबर ऐसे समय में आई है जब मध्य पूर्व में जारी जंग के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति बाधित हो रही है और पाकिस्तान में ईंधन की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं। पाकिस्तान में रूस के राजदूत अल्बर्ट खोरेव ने कहा है कि उनका देश पाकिस्तान को रियायती (डिस्काउंटेड) दरों पर तेल की आपूर्ति करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने पाकिस्तान से इस अवसर का लाभ उठाने का आग्रह किया है।
मंगलवार को इस्लामाबाद में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, खोरेव ने स्पष्ट किया कि यदि इस्लामाबाद इस मामले पर औपचारिक रूप से उनके देश से संपर्क करता है, तो रूस पाकिस्तान को सस्ता तेल बेचेगा। हालांकि, राजदूत ने यह भी बताया कि इस संबंध में अभी तक कोई औपचारिक संपर्क नहीं किया गया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ऊर्जा क्षेत्र दोनों देशों के द्विपक्षीय सहयोग का सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ बना हुआ है और इस क्षेत्र में कोई भी प्रगति इस्लामाबाद द्वारा की जाने वाली पहल और बातचीत पर निर्भर करेगी।
मध्य पूर्व संकट और पाकिस्तान पर असर
दुनिया भर की कई अर्थव्यवस्थाओं की तरह, पाकिस्तान भी मध्य पूर्व में जारी युद्ध और तनाव के कारण सप्लाई चेन के बाधित होने से ईंधन की बढ़ती कीमतों से जूझ रहा है। अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों के जवाब में ईरान द्वारा रास्ता रोके जाने के बाद, वैश्विक तेल परिवहन के लिए एक प्रमुख मार्ग- होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से होने वाला शिपिंग यातायात पूरी तरह से ठप हो गया है। इस भारी व्यवधान के बीच, पाकिस्तान ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 20% की भारी वृद्धि की है। हालांकि, वहां के केंद्रीय मंत्रियों का कहना है कि यह वृद्धि अस्थायी है और संघर्ष शांत होने के बाद इसे वापस ले लिया जाएगा।
गौरतलब है कि पाकिस्तान पहले भी रूस से छूट वाले कच्चे तेल का आयात कर रहा है, हालांकि यह मात्रा सीमित रही है। पाकिस्तान अपनी कुल तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा सऊदी अरब, UAE जैसे खाड़ी देशों से पूरा करता है, लेकिन हालिया वैश्विक संकट ने सप्लाई चैन को प्रभावित किया है। हाल ही में रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान को मार्च 2026 में रूसी तेल का एक बड़ा शिपमेंट मिलने की उम्मीद है। हालांकि, पाकिस्तान की रिफाइनरियां ज्यादातर हल्के क्रूड के लिए डिजाइन की गई हैं, जबकि रूसी उराल्स क्रूड भारी होता है, जिससे तकनीकी चुनौतियां भी हैं।
अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और ईरान पर रूस का रुख
रूसी राजदूत ने कहा कि मध्य पूर्व में ईरान की प्रतिक्रिया खाड़ी के जलक्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर केंद्रित थी, लेकिन मौजूदा अनिश्चितता का हवाला देते हुए उन्होंने इस पर अधिक टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। खोरेव ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सैन्य कार्रवाइयों से दुनिया हैरान रह गई है। उन्होंने मौजूदा स्थिति को जटिल और अप्रत्याशित बताते हुए कहा कि यह कहना बहुत मुश्किल है कि वर्तमान तनाव कैसे और कब समाप्त होगा।
ईरान में स्कूल पर हमले की निंदा और अमेरिका-इजरायल की आलोचना
रूसी राजदूत ने ईरान में लड़कियों के एक स्कूल पर हुए हमले की भी कड़ी निंदा की, जिसमें 170 बच्चों की जान चली गई। इसे अत्यंत निंदनीय बताते हुए उन्होंने सभी पक्षों से संयम बरतने का आग्रह किया। उन्होंने तनाव में शामिल सभी पक्षों से बल प्रयोग से बचने और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के तहत राजनीतिक और कूटनीतिक तरीकों से मुद्दों को हल करने का आह्वान किया। इसके अलावा, रूसी दूत ने अमेरिका और इजरायल की कार्रवाइयों की तीखी आलोचना की। उन्होंने कहा कि ईरान के खिलाफ उनके बल प्रयोग ने संकट को और गहरा कर दिया है, जिसका मुख्य उद्देश्य ईरान के नेतृत्व को कमजोर करना और इस्लामी दुनिया के भीतर विभाजन पैदा करना है।
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