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कौन कहता है आसमान में सूराख नहीं होता, एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारो’ असंभव को संभव बनाने वाला यह शेर Aashish Kumbhat पर एकदम फिट बैठता है, जिन्होंने तमाम विपरित परिस्थितियों के बावजूद मजूबत इच्छाशक्ति के दम पर अपनी कंपनियों को बुलंदियों तक पहुंचा दिया है।
‘कौन कहता है आसमान में सूराख नहीं होता, एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारो’ असंभव को संभव बनाने वाला यह शेर Aashish Kumbhat पर एकदम फिट बैठता है, जिन्होंने तमाम विपरित परिस्थितियों के बावजूद मजूबत इच्छाशक्ति के दम पर अपनी कंपनियों को बुलंदियों तक पहुंचा दिया है। चेन्नई के रहने वाले आशीष आज 100 करोड़ टर्नओवर वाली कंपनी अर्बन के मालिक हैं। अर्बन मोबाइल एक्सेसरीज बनाती है और भारत में कंपनी ने अपने कारोबार की शुरुआती स्मार्टवॉच बेचने से की थी। धीरे-धीरे कंपनी ने अन्य प्रोडक्ट्स कैटेगरीज में कदम रखा और आज अर्बन 15 से ज्यादा कैटेगरीज में काम कर रही है। पढ़िए आशीष के साथ हमारी बातचीत के कुछ अंश…
कैसे शुरू हुई अर्बन की जर्नी?
आशीष बताते हैं कि हम मोबाइल फोन एक्सेसरीज के क्षेत्र में लगभग 20 सालों से हैं। हमने छोटे-मोटे इम्पोर्ट से काम शुरू किया था। हमने उस दौरान दो तीन ब्रांड्स बिल्ड अप करे। धीरे-धीरे हमें एहसास हुआ कि मार्केट में एक प्रीमियम प्रोडक्ट्स की रेक्विरेमेंट आ रही है। उस समय स्मार्टवॉच कैटेगरी बिल्कुल नई थी और इस फील्ड में हर कोई नहीं था, तब हमने सोचा की चलो स्मार्टवॉच बाजार में उतारते हैं। फिर हमने सोचा कि स्मार्टवॉच के लिए एक ब्रांड लॉन्च करते हैं और ऐसे अर्बन अस्तित्व में आया। हमने काफी मार्केट रिसर्च करके आइडेंटिफाई किया का अर्बन सही नाम रहेगा। हमने पहले मॉडल अर्बन फिट एंड अर्बन बीप नाम से स्मार्टवॉच लॉन्च कीं, जो कॉलिंग वॉच थीं। उस समय कुछ ही कंपनियां थीं, जो एंट्री लेवल प्राइस में कॉलिंग वॉच दे रहीं थीं और हम उनमें से एक थे। उस समय में ऑर्गनाइज्ड सेगमेंट में कोई भी ऐसा ब्रांड नहीं था जो कम कीमत में कॉलिंग स्मार्टवॉच ऑफर कर रहा हो। और ऐसे हमारी पॉपुलैरिटी बढ़ती चली गई।
आशीष ने बताया कि मैंने बीटेक किया और फिर एमबीए किया और टेक इंडस्ट्री से काफी कनेक्टेड था। काफी करीब से टेक प्रोडक्ट यूज करते समय लगा कि यहां पर एक गैप है और हम एक नए बिजनेस की तलाश भी कर रहे थे, तो लगा कि चलो इसको एक अच्छी तरीके से करते हैं। लोग अच्छी क्वालिटी के प्रोडक्ट चाहते थे और उस समय पर चाइनीज प्रोडक्ट आते है, जो अन्य ब्रांड्स के कॉपी रहते थे। ऐसे में मार्केट में बहुत बड़ा गैप था। मार्केट में लोगों को एक विश्वसनीय नाम नहीं मिल पा रहा था। तो ऐसे हमारी शुरुआती हुई। हमने धीरे-धीरे खुद को स्थापित किया और बड़े पार्टनर्स के साथ हाथ मिलाया, उनके साथ नए प्रोडक्ट्स लॉन्च किए, तो कुछ इस तरह हमारी शुरुआत हुई और हमने मार्केट में एंट्री की।
लेकिन यहां तक पहुंचने का सफर इतना आसान नहीं था। आशीष बताते हैं मैं एक फाइनेंशियल बैकग्राउंड से आता हूं। जब मैं बीटेक कर रहा था तब फैमिली की फाइनेंशियल कंडीशन भी उतनी अच्छी नहीं थी। जब मैंने अच्छे नंबरों के साथ अपना कॉलेज खत्म किया औरे फिर सोचा की बिजनेस ही करेंगे। लेकिन शुरू मैं हम ट्रेडिंग कर रहे थे, यानी एक जगह से सामान लेना और दूसरे को बेचना, लेकिन उस समय भी हम क्वालिटी का खास ख्याल रखते थे। एक अच्छे टाइम तक हमने बाइंग-सेलिंग की, कभी दिल्ली मार्केट से ले लिया, कभी बॉम्बे मार्केट से लिया, मैं चेन्नई से हूं, तो चेन्नई मार्केट में भी अच्छा खासा काम किया। फिर लगा कि दुकान लें, एक ट्रस्ट बिल्ड करने के लिए, लेकिन उस समय हमारे पास दुकान के लिए पैसे तक नहीं थे, फिर भी जैसे तैसे हमने दुकान का एडवांस देने के लिए 50 हजार- 1 लाख रुपये की व्यवस्था की, ताकि एडवांस दे सकें। ऐसे हमने लगभग जीरो से शुरुआत की।
हमने शुरू से ही प्रोडक्ट डेवलपमेंट और क्वालिटी में फोकस किया। हम यह देखते थे कि मार्केट में नया क्या है, लोगों को क्या नया चाहिए, क्या एस्पिरेशनल चाहिए। हम ऐसे ब्रांड होते थे जो हर चीज को मार्केट में सबसे पहले लॉन्च करते थे। भले ही हम कम क्वांटिटी में लॉन्च करते थे, लेकिन करते थे और हमने लोगों ने अपनाया भी। ब्रांड तो हमारे पास था तो क्वालिटी ही हमारा क्राइटेरिया होता था। धीरे-धीरे हमारा अच्छा खासा कस्टमर बेस बन गया। हम आगे बढ़ते गए और अलग-अलग कैटेगरीज में एंट्री करते चले गए, फिर प्रॉडक्ट डेवलप करते गए।
आज हम काफी अच्छी पॉजीशन पर आ गए हैं और साउथ में तो मोस्ट लीडिंग ब्रांड में से एक हैं, जहां हम बड़े-बड़े ब्रांड्स को टक्कर दे रहे हैं। अब हम नॉर्थ में भी तेजी से अपना विस्तार कर रहे हैं।
आज कितना बड़ा ब्रांड बन गया है अर्बन?
आशीष बताते हैं कि आने वाले फाइनेंशियल ईयर में हम 100 करोड़ का आंकड़ा पार करने जा रहे हैं। आगे हमारे कई प्लान्स हैं। साउथ के कई राज्य जैसे आंध्रप्रदेश, केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु, तेलंगाना में तो हम है हीं, हाल ही में हमने अहमदाबाद में अपना ऑफिस खोला है। अब हम नॉर्थ में पूरे दमखम के साथ अपना विस्तार कर रहे हैं। पूरी सेल्स टीम बिल्ड अप कर रहे हैं। रीजनल लेवल्स मैनेजर्स अपॉइंट किए हैं, स्टेट हेड्स अपॉइंट किए हैं और टर्शरी टीम एरिया सेल्स मैनेजर्स सबकुछ बिल्ड कर रहे हैं, वो भी बहुत ही ऑर्गनाइज्ड तरीके से। हमारे पास अच्छी खासी संख्या में डिस्ट्रीब्यूटर्स हैं। पैन इंडिया हमारे पास करीब 150 डिस्ट्रीब्यूटर्स हैं। इसके अलावा, लार्ज फॉर्मेट रिटेल्स जैसे संगीता मोबाइल्स, पूर्विका मोबाइल्स, रिलायंस, क्रोम से भी हमारा टाइअप है। इधर साउथ में लगभग हर एक लार्ज बड़े रिटेलर्स पर हमारी उपस्थिति है। आठ से दस हजार टच पॉइंट्स पर भी हमारे प्रोडक्ट्स बिक रहे हैं।
चाइनीज ब्रांड ने बढ़ाया कॉम्पीटिशन, अर्बन कैसे अपनी जगह मजबूत कर रहा है?
माना की शाओमी, वनप्लस समेत अन्य ब्रांड्स का दबदबा है, लेकिन हम जो प्रोडक्ट देते हैं, उसमें यह कोशिश करते हैं कि उनसे आधी या एक तिहाई कीमत में उनसे अच्छी क्वालिटी दे पाएं। लोग भी यह समझते हैं और भरोसा करते हैं। हमारे प्रोडक्ट में उनसे ज्यादा फीचर्स मिलते हैं।
शायद कॉम्पिटिशन ब्रांड्स को बोलने की जरूरत नहीं पड़ती। उनके नाम से दिख जाता है लेकिन हम ज्यादा फीचर्स प्रदान करते हैं। जी हां, हमारे प्रोडक्ट्स में उनसे भी ज्यादा फीचर्स होते हैं। इसलिए हम उनसे मुकाबला कर पा रहे हैं और उनसे भी एडवांस्ड प्रॉडक्ट लेकर आते हैं। ग्राहक भी जानते हैं कि हमारे प्रोडक्ट में क्वालिटी से कोई समझौता नहीं है, तो हमें मदद मिलती है। हम अन्य ब्रांड की तुलना में काफी बड़ी रेंज में प्रोडक्ट लॉन्च करते हैं। हमारे पोर्टेफोलियों में स्मार्टवॉच के ही करीब 70 मॉडल हैं।
किन नई कैटेगरी में एंट्री करने की प्लानिंग है?
कंपनी के पोर्टफोलियों मे फिलहाल 15 से ज्यादा कैटेगरी के प्रोडक्ट हैं, जिसमें पोर्टेबल ब्लेंडर्स, हार्मोनिक्स, ऑडियो, पावरबैंक, वियरेबल्स, होम ऑडियो, स्मार्टवॉच, चार्जर एंड केबल शामिल हैं। आशीष ने कहा कि हम खुश है कि लोग हमें तेजी से अपना रहे हैं। पोर्टेबल ब्लेंडर का भी बहुत अच्छा रिस्पांस आ रहा है। उसको बहुत अच्छा रिकग्निशन भी मिले हैं। आगे हम कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में जाना चाह रहे हैं।
रेवेन्यू में सबसे ज्यादा हिस्सा किस प्रोडक्ट का है?
हैरानी की बात यह है कि पूरी इंडस्ट्री इस कैटेगरी में डाउनफॉल दिख रही है। लेकिन हमें अभी भी जिस कैटेगरी में ग्रोथ दिख रही है, वो है स्मार्ट वियरेबल्स यानी स्मार्टवॉच। हमे पूरे रेवेन्यू का 40% से 45% तक स्मार्टवॉच कैटेगरी दे देती है। बाकी होम ऑडियो भी, जिसे हमने डेढ़ साल पहले लॉन्च किया था, वहां भी हमें एक अच्छा खासा पुश मिल रहा है। पर्सनल ऑडियो कैटेगरी भी अच्छा कर रही है। हम इस साल पावर कैटेगरी को काफी गंभीरता से देख रहे हैं, क्योंकि टेक्नोलॉजी बहुत मैच्योर्ड हो गई है और वहां पे अच्छा खासा स्कोप भी है। हम कोशिश कर रहे हैं कि हम पावर कैटेगरी में भी ब्रांड को अच्छी तरह से स्थापित करें।
IPO लाने का प्लान भी है?
हम इस पर काम कर रहे हैं लेकिन देखते हैं कि क्या होता है और कैसे होता है? हम इसके बारे में सोच रहे हैं और 100% आज नहीं तो कल उसमें जाएंगे क्योंकि हमें कंपनी को बड़ा करना है और आईपीओ लाने से कंपनी को बढ़ाने में मदद मिलेगी।
सरकार मेक इन इंडिया पर फोक्स कर रही है, आपको क्या सहूलियत चाहिए?
हमें लगभग सभी बेहतरीन सर्विस मिल ही रही है। इतना कुछ ज्यादा चैलेंज नहीं है, क्योंकि हम यहां को-पार्टनर्स के साथ काफी किफायती कीमत में असेंबल कर पा रहे हैं, लेकिन अगर ऐसा इकोसिस्टम मिल जाए, जहां हर तरह के सप्लायर्स एक ही जगह पे रहेंगे तो वो बहुत आसान हो जाता है। कभी कभी कोई पार्ट्स अगर मिस हो जाते है तो चैलेंज हो जाता है क्योंकि वो पार्ट फिर से चाइना से इम्पोर्ट करना पड़ता है, तो भारत में एक अच्छे इकोसिस्टम्स की जरूरत है। इंडिया में अगर इकोसिस्टम्स बिल्ड अप हो जाए, तो काफी सुविधा हो जाएगी।
भारत के अलावा और कहां-कहां आपका कारोबार है?
भारत के अलावा, हम श्रीलंका, नेपाल और यूएसए तक अपने प्रोडक्ट्स एक्सपोर्ट करते हैं।
SOURCE : LIVE HINDUSTAN

