Source :- LIVE HINDUSTAN
Gold Siver Rate Today: शुक्रवार को एमसीएक्स पर चांदी की कीमत में मामूली गिरावट आई। एमसीएक्स चांदी की कीमत 0.7% गिरकर 2,66,001 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई, जबकि एमसीएक्स सोने की कीमत 0.3% गिरकर 1,59,764 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई।
Gold Siver Rate Today: अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण निकट अवधि में अमेरिकी ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें कम होने से शुक्रवार को एमसीएक्स पर चांदी की कीमत में मामूली गिरावट आई। एमसीएक्स चांदी की कीमत 0.7% गिरकर 2,66,001 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई, जबकि एमसीएक्स सोने की कीमत 0.3% गिरकर 1,59,764 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई।
इंटरनेशनल मार्केट में क्या है हाल
सिंगापुर में सुबह के कारोबार में स्पॉट गोल्ड में 0.4% की मामूली बढ़त दर्ज की गई और यह 5,099.98 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। चांदी की कीमत में भी 0.4% का इजाफा हुआ और यह 84.18 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर कारोबार कर रही थी। इसके अलावा प्लैटिनम और पैलेडियम में भी तेजी देखने को मिली।
सोने-चांदी कीमतों में इस हफ्ते गिरावट
अगर साप्ताहिक आधार पर देखें तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में इस हफ्ते गिरावट देखी जा रही है, जिसकी मुख्य वजह अमेरिकी डॉलर का मजबूत होना है। वहीं, मध्य पूर्व में जारी युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी ने सोने के लिए मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। हालांकि, शुक्रवार को कुछ निवेशकों ने कम कीमतों पर खरीदारी की, जिससे सोना 5,100 डॉलर प्रति औंस के स्तर को पार कर गया, लेकिन फिर भी यह साप्ताहिक आधार पर 1% से अधिक की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है।
बढ़ती महंगाई ने बढ़ाई सोने की मुश्किलें
सोने के लिए सबसे बड़ी चिंता बढ़ती ऊर्जा कीमतों और महंगाई को लेकर है। ऊंचे क्रूड ऑयल ने महंगाई बढ़ने की आशंका को जन्म दिया है, जिसके चलते अमेरिकी फेडरल रिजर्व और अन्य केंद्रीय बैंकों से ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें कम हो गई हैं। अमेरिका में जारी हालिया बेरोजगारी के आंकड़ों ने भी यही संकेत दिया है कि अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है, जिससे ब्याज दरों में जल्द कमी की संभावना और धूमिल हुई है।
ब्याज दर पर फैसला भी डालेगा असर
अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में हुई तेजी के कारण शॉर्ट टर्म यील्ड अगस्त के बाद अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गए हैं। बाजार के लगभग सभी विश्लेषक अब अगले हफ्ते होने वाली फेडरल रिजर्व की बैठक में ब्याज दरों में कटौती की संभावना को नकारात्मक मान रहे हैं। पूरे साल के दौरान दरों में कटौती की संभावना भी घटकर महज 70% रह गई है, जो पहले इससे अधिक थी। उच्च ब्याज दरें आमतौर पर सोने जैसी कीमती धातुओं के लिए नकारात्मक होती हैं, क्योंकि वे कोई ब्याज नहीं देती हैं।
लंबे समय तक चला संघर्ष बढ़ा सकता है दबाव
पिछले दो हफ्तों में बाजार में उतार-चढ़ाव देखा गया है क्योंकि निवेशकों ने अपने अन्य निवेशों में हुए नुकसान की भरपाई के लिए सोना बेचा है। इस सबके बावजूद, सोने में इस साल अब तक लगभग 18% की तेजी आई है और यह अधिकतर समय 5,000 डॉलर प्रति औंस के महत्वपूर्ण स्तर से ऊपर बना हुआ है।
आगे की क्या है राह
अगर यह संघर्ष लंबा खिंचता है और कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं, तो सोने पर और दबाव बढ़ सकता है। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) ने गुरुवार को कहा कि यह युद्ध वैश्विक तेल बाजार के इतिहास में सबसे बड़ी आपूर्ति बाधा पैदा कर रहा है। इससे एक दिन पहले ही एजेंसी के सदस्य देशों ने अपने आपातकालीन भंडार से रिकॉर्ड 400 मिलियन बैरल तेल जारी करने पर सहमति जताई थी।
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