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सावधान! 4 संक्रमण जो मां के शरीर में छिपकर बच्चे को पहुंचाते हैं नुकसान, डॉक्टर ने दी सलाह

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Source :- LIVE HINDUSTAN

गर्भावस्था के दौरान कुछ ऐसे संक्रमण हो सकते हैं जिनमें मां को कोई लक्षण महसूस नहीं होता। बिना किसी लक्षण के भी ये संक्रमण चुपचाप बच्चे को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए इन्हें पहचानना मुश्किल होता है, जब तक कि विशेष तरह की जांच न की जाए।

गर्भावस्था का सफर एक मां के लिए जितना खुशियों भरा होता है, उतनी ही बड़ी जिम्मेदारी भी साथ लेकर आता है। गर्भवती महिला अक्सर उन बीमारियों से तो बचाव कर लेती हैं, जिसके लक्षण बुखार या दर्द के रूप में दिखाई देते हैं, लेकिन असली खतरा आमतौर पर उन ‘खामोश’ संक्रमणों (Silent Infections) से होता है जो मां के शरीर में बिना किसी आहट के दस्तक देते हैं। ये कुछ ऐसे संक्रमण होते हैं जिनके कोई स्पष्ट लक्षण नजर नहीं आते जैसे न कोई सर्दी, न खांसी, न ही कोई बेचैनी। लेकिन ये प्लेसेंटा के जरिए गर्भ में पल रहे शिशु तक पहुंचकर उसके विकास में बाधा डालने का खतरा पैदा कर सकते हैं। अपने इस लेख में हम उन्हीं छिपे हुए खतरों की गहराई से चर्चा करेंगे, जिसके लिए हमने बात की सीके बिरला अस्पताल की प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. तृप्ति रहेजा से, ताकि समय रहते जागरूकता और सही जांच के जरिए आप अपने आने वाले नन्हे मेहमान की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकें।

डॉ. तृप्ति रहेजा कहती हैं कि गर्भावस्था के दौरान कुछ ऐसे संक्रमण हो सकते हैं जिनमें मां को कोई लक्षण महसूस नहीं होता। बिना किसी लक्षण के भी ये संक्रमण चुपचाप बच्चे को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए इन्हें पहचानना मुश्किल होता है, जब तक कि विशेष तरह की जांच न की जाए।

साइटोमेगालोवायरस (CMV)

डॉ. तृप्ति रहेजा कहती हैं इसका एक कॉमन उदाहरण साइटोमेगालोवायरस (CMV) है। अधिकतर गर्भवती महिलाओं को CMV होने पर कोई लक्षण महसूस नहीं होते, लेकिन यह संक्रमण बच्चे तक पहुंच सकता है और आगे चलकर उसकी सुनने की क्षमता या विकास पर असर डाल सकता है। रूबेला भी ऐसा ही संक्रमण है, जिसमें मां को बहुत हल्के या बिल्कुल भी लक्षण नहीं दिखते, लेकिन शुरुआती गर्भावस्था में यह बच्चे में हृदय दोष, सुनने की समस्या या आंखों से जुड़ी दिक्कतें पैदा कर सकता है।

TORCH संक्रमण (टॉक्सोप्लाजमोसिस)

टॉक्सोप्लाजमोसिस, यह अधपका मांस खाने या बिल्ली के मल के संपर्क में रहने से हो सकता है, मां में इसके लक्षण दिखे बिना यह बच्चे को संक्रमित कर सकता है। जिससे बच्चे की आंखें और दिमाग में असर पड़ता है।

सिफिलिस

सिफिलिस भी शुरुआती चरण में बिना लक्षण के रह सकता है, लेकिन इलाज न होने पर गंभीर जटिलताएं पैदा कर सकता है।

हेपेटाइटिस B

इसी तरह हेपेटाइटिस B और HIV भी बिना लक्षण के हो सकते हैं, जो बच्चे के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकते हैं। इन्हें हल्का सा अनदेखा करने पर UTI भी समय से पहले प्रसव का कारण बन सकता है। सिफिलिस और HIV जैसे संक्रमणों का अगर समय से इलाज न किया जाए तो गर्भावस्था या डिलीवरी के दौरान बच्चे तक पहुंच सकते हैं।

सलाह

रेनबो अस्पताल की प्रसूति एवं स्त्रीरोग विशेषज्ञ डॉ. निवेदिता एस कहती हैं कि गर्भावस्था के दौरान कई संक्रमण ऐसे होते हैं जो मां में बिना लक्षण के रहते हैं, लेकिन अगर समय पर पता न चले तो बच्चे के लिए हानिकारक हो सकते हैं। इनमें TORCH संक्रमण (टॉक्सोप्लाजमोसिस, रूबेला, साइटोमेगालोवायरस, हर्पीस), सिफिलिस, हेपेटाइटिस B, HIV, ज़ीका, यूरिन इन्फेक्शन (UTI) और योनि संक्रमण (vaginal infection) शामिल हैं। कई बार महिला खुद को पूरी तरह स्वस्थ महसूस करती है, इसलिए खतरे से बचने के लिए समय पर इनकी जांच बहुत जरूरी हो जाती है। जिसके लिए नियमित एंटीनैटल चेकअप, साधारण ब्लड टेस्ट,टीकाकरण की जानकारी (खासकर रूबेला), साफ-सफाई, सुरक्षित भोजन की आदतें और सुरक्षित यौन व्यवहार इन संक्रमणों को समय पर पहचानने में मदद और उपचार से बच्चे पर होने वाले जोखिम को काफी हद तक कम कर सकते हैं।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN