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सातवें आसमान पर कच्चे तेल का भाव, साढ़े तीन साल में पहली बार 100 डॉलर के पार, पेट्रोल-डीजल पर बढ़ा दबाव

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Source :- LIVE HINDUSTAN

शिकागो मर्सेंटाइल एक्सचेंज पर कच्चे तेल का भाव 16.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी के बाद 107.97 डॉलर प्रति बैरल के लेवल पर पहुंच गया। इससे पहले शुक्रवार को यह 92.69 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ था। अमेरिका स्वीट क्रूड ऑयल को 106.22 डॉलर प्रति बैरल पर बेच रहा है।

Crude Oil Price: ईरान-इजरायल-अमेरिका युद्ध की वजह से कच्चे तेल की कीमतें सातवें आसमान पर हैं। साढ़े तीन साल के बाद पहली बार कच्चे तेल का भाव 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। शिकागो मर्सेंटाइल एक्सचेंज पर कच्चे तेल का भाव 16.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी के बाद 107.97 डॉलर प्रति बैरल के लेवल पर पहुंच गया। इससे पहले शुक्रवार को यह 92.69 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ था। अमेरिका स्वीट क्रूड ऑयल को 106.22 डॉलर प्रति बैरल पर बेच रहा है। जोकि शुक्रवार की क्लोजिंग की तुलना में 16.90 प्रतिशत अधिक है। बता दें, यूएस क्रूड फ्यूचर्स इससे पहले 30 जून 2022 को 100 डॉलर के पार गया था। तब यह 105.76 डॉलर के स्तर पर पहुंच गया था।

पिछले एक हफ्ते में यूएस क्रूड प्राइस 36 प्रतिशत बढ़ा है। वहीं, ब्रेंट क्रूड की कीमतों में 28 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखने को मिली है। युद्ध की वजह से एक तरफ जहां कच्चे तेल का प्रोडक्शन प्रभावित हुआ है। ईराक, कुवैत और यूएई ने अपने ऑयल प्रोडक्शन में कटौती की है। तो वहीं दूसरी तरफ स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते आने वाले कच्चे तेल के शिपमेंट पर भी बुरा असर पड़ा है। बता दें, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते से दुनिया का 20 प्रतिशत तेल आता है।

नेचुरल गैस का भी दाम बढ़ा

युद्ध का असर नेचुरल गैस की कीमतों पर भी पड़ा है। रविवार क यह 3.33 डॉलर की बढ़ोतरी के बाद यह 1000 क्यूबिक फिट पर पहुंच गया था। पिछले एक हफ्ते में कीमतों में 11 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।

क्या भारत में भी बढ़ेंगे पेट्रोल और डीजल के दाम

भारत सरकार से जुड़े सूत्रों का कहना है कि फिलहाल पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई इजाफा नहीं किया जाएगा। हालांकि, एलपीजी की कीमतों में तेजी के बाद से ही पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर लोगों के बीच चर्चाएं शुरू हो गई थी। अगर कच्चे तेल का भाव इसी तरह से बढ़ा तो घरेलू मार्केट में भी तेल की कीमतों पर इसका असर देखा जा सकता है। बता दें, भारत, खाड़ी के देशों से आपूर्ती प्रभावित होने के बाद रूस की तरफ रुख किया है। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि रूस की तरफ से डिस्काउंट पर तेल इस बार नहीं दिया जाएगा।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN