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शादी के बाद खत्म हो रही एक दूसरे की चाहत? इंटीमेसी बढ़ाने के लिए जानें एक्सपर्ट की सलाह

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Source :- LIVE HINDUSTAN

जब रिलेशन में इमोशनल कनेक्शन कमजोर होने लगता है तो इंटिमेसी भी धीरे-धीरे कम होने लगती है। इसी समस्या को समझाते हुए गुंजन तनेजा के पॉडकास्ट में सीमा आनंद ने कपल्स के लिए एक बहुत ही सिंपल और प्रैक्टिकल एडवाइस दी है, जो रिलेशन में फिर से क्लोजनेस ला सकती है।

आजकल एक कॉमन समस्या तेजी से देखने को मिल रही है और वह है कपल्स के बीच इंटीमेसी का कम होना। इसकी वजह सिर्फ फिजिकल कमजोरी नहीं होती, बल्कि रिलेशनशिप में बढ़ती दूरी भी इसका बड़ा कारण है। आज की बिजी लाइफ में कपल साथ तो रहते हैं लेकिन क्वालिटी टाइम साथ नहीं बिताते। दिनभर की थकान, वर्क का प्रेशर और मोबाइल पर ज्यादा टाइम बिताने की वजह से कम्युनिकेशन कम होता जा रहा है। जब रिलेशन में इमोशनल कनेक्शन कमजोर होने लगता है तो इंटिमेसी भी धीरे-धीरे कम होने लगती है। इसी समस्या को समझाते हुए गुंजन तनेजा के पॉडकास्ट में सीमा आनंद ने कपल्स के लिए एक बहुत ही सिंपल और प्रैक्टिकल एडवाइस दी है, जो रिलेशन में फिर से क्लोजनेस ला सकती है। आइए जानते हैं।

इंटिमेसी का मतलब सिर्फ फिजिकल रिलेशन नहीं होता

इंटिमेसी का मतलब सिर्फ फिजिकल रिलेशन बनाना नहीं होता। असली इंटिमेसी तब बनती है जब दो लोग एक-दूसरे के साथ इमोशनली कनेक्टेड होते हैं। जब आप अपने पार्टनर के साथ खुलकर बात कर पाते हैं, अपने दिन की छोटी-छोटी बातें शेयर करते हैं और बिना हिचक अपने फीलिंग्स बता पाते हैं, वहीं से असली क्लोजनेस शुरू होती है। इंटिमेसी का मतलब है अपने पार्टनर के साथ सेफ महसूस करना। ऐसा महसूस होना कि सामने वाला आपको समझता है और बिना किसी कंडीशन के आपके साथ है।

परफॉर्मेंस नहीं, प्रेजेंस ज्यादा जरूरी है

आजकल लोग इंटिमेसी को भी एक तरह की परफॉर्मेंस की तरह देखने लगे हैं, जबकि असल में जरूरत सिर्फ प्रेजेंस की होती है। जब रिलेशन सिर्फ फिजिकल एक्ट तक सीमित हो जाता है तो उसमें इमोशनल कनेक्शन कम हो जाता है। इंटिमेसी बेहतर करने के लिए पहले अपने पार्टनर को टाइम देना शुरू करें। उन्हें यह फील कराएं कि आप उनके साथ हैं। कई बार सिर्फ पास बैठना भी रिलेशन को स्ट्रॉन्ग बना देता है।

सीमा आनंद की 15 मिनट वाली खास एडवाइस

सीमा आनंद कहती हैं कि रोज कम से कम 15 मिनट अपने पार्टनर के साथ लेटें और सिर्फ बात करें। इस दौरान किसी तरह का प्रेशर ना रखें। सिर्फ अपने दिन के बारे में बताएं, उनकी बातें सुनें और नॉर्मल बातचीत करें। इस समय का मकसद सिर्फ एक-दूसरे के साथ रहना होना चाहिए, ना कि कुछ एक्सपेक्ट करना।

स्किन टू स्किन कनेक्शन से बढ़ती है क्लोजनेस

एक्सपर्ट बताती हैं कि जब आप अपने पार्टनर के साथ स्किन टू स्किन टच करते हैं, टाइम बिताते हैं तो इससे इमोशनल बॉन्डिंग मजबूत होती है। इससे कम्फर्ट और ट्रस्ट दोनों बढ़ते हैं। वह कहती हैं कि यह छोटा सा एफर्ट आपको याद दिलाता है कि आपके रिलेशन की असली स्ट्रेंथ क्या है। जब आप रेगुलर ऐसा करते हैं तो दूरी अपने आप कम होने लगती है।

डिजायर को फोर्स नहीं किया जा सकता

डिजायर को जबरदस्ती पैदा नहीं किया जा सकता। यह नैचुरली तब आता है जब रिलेशन हेल्दी और कम्फर्टेबल होता है। इसलिए वे सलाह देती हैं कि सिर्फ सेक्स पर फोकस करने के बजाय कनेक्शन पर काम करें। जब कनेक्शन बेहतर होगा तो इंटिमेसी और डिजाइजर दोनों अपने आप बेहतर हो जाएंगे। इससे सेक्स ड्राइव में भी धीरे-धीरे इम्प्रूवमेंट दिखने लगेगा।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN