Home  लाइफस्टाइल समाचार वृंदावन में देख आएं फूलों की होली, जानें सेफ्टी टिप्स और बांके...

वृंदावन में देख आएं फूलों की होली, जानें सेफ्टी टिप्स और बांके बिहारी मंदिर के अलावा कहां जाएं

8
0

Source :- LIVE HINDUSTAN

वृंदावन में होली का रंग देखने लोग दूर-दूर से आते हैं। बरसाना, वृंदावन, नंदगांव और मथुरा में 40 दिनों तक होली का त्योहार मनाया जाता है। अगर आप इस साल वृंदावन में फूलों की होली का नजारा देखने जा रहे हैं, तो जानें सेफ्टी टिप्स और बांके बिहारी मंदिर के अलावा कहां जाएं

वैसे तो देश-विदेश में होली के त्योहार को खूब धूम-धाम के साथ मनाया जाता है। लेकिन वृंदावन, बरसाना, नंदगांव और मथुरा समेत ब्रज की होली काफी खास होती है। दरअसल, यहां पर होली का त्योहार 40 दिनों तक मनाया जाता है। वृंदावन की सबसे मशहूर होली फूलों वाली है। दुनियाभर से लोग फूलों की होली खेलने के ल‍िए वृंदावन पहुंचते हैं। इस साल 28 फरवरी शनिवार को फूलों की होली मनाई जाएगी। वृंदावन में फूलों की होली देखने जा रहे हैं तो जानें सेफ्टी टिप्स और बांके बिहारी मंदिर के अलावा कहां घूमने जाएं।

बांके बिहारी मंदिर के अलावा फूलों की होली देखने कहां घूमने जाएं

बांके बिहारी मंदिर

फूलों की होली मुख्य तौर से बांके बिहारी मंदिर में ही मनाई जाती है। इस होली के दौरान मंदिर के पुजारी लगभग आधे घंट तक लोगों पर ताजे फूलों की पंखुड़ियां बरसाते हैं। अगर आप बांके बिहारी मंदिर में फुलों की होली खेलने जाना चाहते हैं तो सुबह 9 बजे तक पहुंचने की कोशिश करें क्योंकि फूलों की होली लगभग 9:30 बजे शुरू हो जाती है।

गोपीनाथ मंदिर

वृंदावन स्थित राधा गोपीनाथ मंदिर यमुना नदी के पास केशी घाट के पास है, ये वैष्णव संप्रदाय के सबसे पुराने सात प्राचीन मंदिरों में से एक है। गोपीनाथ मंदिर में विधवाओं की होली अक्सर फूलों की होली के बाद मनाई जाती है।

पुराना वृंदावन

फूलों की होली देखने के बाद यमुना नदी से मंदिर तक की पैदल घूमें। इस दौरान वृंदावन के लोग फूलों की पंखुड़ियों से हल्की होली खेलते और पारंपरिक ब्रज भजन गाते हुए मिलेंगे।

वृंदावन जाएं तो याद रखें ये सेफ्टी टिप्स

टाइम का रखें ख्याल- सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे के बीच सबसे ज्यादा भीड़ होती है। अगर आपको भीड़भाड़ से दिक्कत है तो मंदिर जाने से बचें।

बंदरों से बचाव- वृंदावन के बंदर आपके हाथों से चश्मा, फोन और कैमरा छीन सकते हैं। अगर आप चश्मा पहनते हैं, तो स्ट्रैप का इस्तेमाल करें या उसे जिप वाली जेब में रखें।

जेबकतरों से बचाव- रुपये और फोन के लिए कपड़ों के नीचे पहनने वाला क्रॉस-बॉडी बैग या वाटरप्रूफ नेक पाउच इस्तेमाल करें।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN