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राजी मूवी से तिरंगे के बजाय पाकिस्तानी झंडा लहराया, कॉलिंग सहमत के ऑथर के मेघना गुलजार पर शॉकिंग आरोप

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Source :- LIVE HINDUSTAN

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कॉलिंग सहमत के ऑथर हरिंदर सिक्का का कहना है कि वह मेघना को राजी फिल्म नहीं देना चाहते थे। उन्होंने जानबूझकर फिल्म में तिरंगा नहीं दिखाया और भारत शब्द लाए बिना चालाकी से ऐ वतन मेरे गाना लिखवाया।

कॉलिंग सहमत के ऑथर हरिंदर सिंह सिक्का का एक ट्वीट चर्चा में है। उन्होंने राजी फिल्म की डायरेक्टर मेघना गुलजार पर कई आरोप लगाए हैं। हरिंदर का कहना है कि सहमत पर फिल्म मेघना गुलजार को देना उनकी सबसे बड़ी गलती थी। सिक्का ने एक इंटरव्यू में बताया कि मेघना के साथ काम करने में क्या दिक्कतें आईं। साथ ही आरोप लगाया कि मेघना ने जानबूझकर फिल्म में तिरंगा नहीं दिखाया जबकि पाकिस्तान का झंडा लहराया गया।

फिल्म में नहीं दिखाया तिरंगा

धुरंधर 2 की सक्सेस के बीच मेघना गुलजार के डायरेक्शन में बनी फिल्म राजी चर्चा में आ गई है। फिल्म जिस किताब पर बनी है उसके ऑथर ने खुलेआम मेघना पर गुस्सा निकाला है। हमारे सहयोगी हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत में हरिंदर सिक्का ने बताया कि वह इस मुद्दे को काफी समय से उठा रहे हैं और धुरंधर 2 आने के बाद यह फिर सुर्खियों में आ गया। वह बोले, ‘मैं किताब के राइट्स नहीं बेचना चाह रहा था लेकिन गुलजार साहब को किए गए वादे की वजह से राजी हो गया। मेरी दिक्कत ये है कि फिल्म से उसने तिरंगा ही हटा दिया जबकि पाकिस्तान का झंडा लहरा रहा है। यहां तक कि पाकिस्तानी सेना को सॉफ्ट लाइट में दिखाया गया है जबकि किताब में जब लीड एक्ट्रेस भारत वापस आती है तो उसका स्वागत जन गण मन से होता है। फिल्म में ये सब मिसिंग है। क्लाइमैक्स में दिखाया गया है कि सहमत ने भारत के फाइट करके गलती की, इससे कश्मीरियों के उद्देश्य का नुकसान होता है।’

फिल्म खत्म होने के बाद किया गंदा मैसेज

हरिंदर ने मेघना गुलजार के साथ पहली मुलाकात के बारे में बताया, बोले, ‘मैंने उससे कहा कि उसके पिता की रिक्वेस्ट पर उन्हें अपॉइंट कर रहा हूं जबकि इंडस्ट्री में उसकी अच्छी रेप्युटेशन नहीं थी। शूटिंग के वक्त वह मुझे अंकल कहती थी, फिल्म पूरी होने के बाद उसने गंदा मैसेज भेजा, जिसमें लिखा था, ‘मैं आपसे कभी बात नहीं करना चाहती।’ जो डायरेक्टर का कट था वो आर्मी को दिखाया गया, मुझे नहीं।’ हरिंदर ने धुरंधर की तारीफ की और कहा कि ऐसी फिल्में अच्छी लगती हैं जो पाकिस्तान का असली चेहरा दिखाती हैं।

चालाकी से लिखा गाना जिसमें भारत शब्द नहीं था

हरिंदर ने बताया कि मेघना ने जो राजी के लिए बदलाव किए उसने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया। वह बोले, ‘मेघना ने कहानी बदल दी और अपने पिता से गाना लिखवाया ‘ऐ वतन वतन मेरे आबाद रहे तू।’ इसमें भारत शब्द तक नहीं है। यह चालाकी से लिखा और प्रेजेंट किया गया था। मुझे किताब लिखने में आठ साल लगे थे और एक फिल्म की वजह से कड़ी मेहनत पर पानी फिर गया।’ हरिंदर बोले कि फिल्म ने कॉमर्शियल सक्सेस पाई लेकिन उन्हें पता था कि इसे नैशनल फिल्म अवॉर्ड नहीं मिलेगा। वह बोले, ‘फिल्म इस काबिल ही नहीं थी, इसने भारत को गंदा किया।’

टाइटल पर भी हुए थे क्लैश

हरिंदर बताते हैं कि मेघना ने सहमत का टाइटल राजी कर दिया, वह इसके लिए भी तैयार नहीं थे। सिक्का ने दावा किया कि एक इवेंट में गुलजार ने उन्हें बोलने भी नहीं दिया था। बोले, ‘मेरे पास जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल टीम की तरफ से एक लेटर आया था। इसमें लिखा था कि मिस्टर गुलजार ने मना किया था कि उन्हें बोलने ना दें। जब मैंने गुलजार से पूछा तो बोले कि टायपो होगा।’ बता दें कि सिक्का ने ट्वीट किया था कि मेघना गुलजार को फिल्म देना उनकी सबसे बड़ी भूल थी। इसके साथ ये भी लिखा था कि मेघना ने उनकी पीठ पर छुरा घोंपा है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN