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युद्ध की आहट के बीच तेहरान के बदले सुर, अमेरिका–ईरान के बीच क्या पक रही नई डील?

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Source :- LIVE HINDUSTAN

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने क्षेत्र में सैन्य उपस्थिति बढ़ा दी है और वार्ता विफल होने पर स्थिति और बिगड़ने की बार-बार चेतावनी दी है। ईरान ने भी अमेरिका द्वारा हमला किए जाने पर जवाबी कार्रवाई की बात कही है।

मिडिल ईस्ट में तनाव के बादल छाए हुए हैं। सैन्य टकराव की आशंकाओं के बीच अमेरिका और ईरान परमाणु कार्यक्रम को लेकर फिर से बातचीत की मेज पर बैठने की तैयारी कर रहे हैं। प्रतिबंधों में छूट के दायरे और निगरानी तंत्र पर गहरे मतभेद बने हुए हैं। इस बीच एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने बताया कि मार्च की शुरुआत में वार्ता का नया दौर संभव है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या अमेरिका और ईरान के नई डील पक रही है।

दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने क्षेत्र में सैन्य उपस्थिति बढ़ा दी है और वार्ता विफल होने पर स्थिति और बिगड़ने की बार-बार चेतावनी दी है। ईरान ने भी अमेरिका द्वारा हमला किए जाने पर जवाबी कार्रवाई की बात कही है। इस बीच ईरानी अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया कि पिछले दौर की वार्ता से स्पष्ट हुआ कि प्रतिबंधों में छूट के दायरे और तंत्र के संबंध में अमेरिका के विचार ईरान की मांगों से अलग हैं। दोनों पक्षों को प्रतिबंध हटाने के लिए एक तार्किक समय-सारिणी पर पहुंचना होगा।

प्रतिबंधों को लेकर गतिरोध जारी

बता दें कि ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं को लेकर वर्षों से ठप पड़ी कूटनीति के बाद इस महीने की शुरुआत में वार्ता फिर से शुरू हुई, जिसमें प्रतिबंधों में छूट देना मुख्य अड़चनों में से एक बनकर उभरा है। वाशिंगटन ईरान की यूरेनियम संवर्धन गतिविधियों पर सख्त सीमाएं लगाने और उसके अत्यधिक समृद्ध यूरेनियम (HEU) के भंडार को नष्ट करने के लिए दबाव डाल रहा है, जबकि तेहरान इस बात पर जोर दे रहा है कि किसी भी समझौते में शांतिपूर्ण परमाणु संवर्धन के उसके अधिकार की मान्यता और प्रतिबंधों को स्पष्ट तथा चरणबद्ध तरीके से हटाना शामिल होना चाहिए।

ईरान ने ‘शून्य संवर्धन’ की अमेरिकी मांग को खारिज कर दिया है, लेकिन अधिकारियों ने संकेत दिया है कि यदि प्रतिबंधों में अनुमानित और सत्यापन योग्य तरीके से छूट दी जाती है, तो परमाणु गतिविधियों पर समझौता करने की कुछ इच्छा है। ईरानी अधिकारी ने कहा कि तेहरान अपने उच्च-संवर्धित यूरेनियम भंडार के एक हिस्से का निर्यात करने, अपने सबसे समृद्ध यूरेनियम की शुद्धता का स्तर कम करने और क्षेत्रीय संवर्धन संघ में भाग लेने पर विचार कर सकता है। उन्होंने कहा कि ये कदम ईरान के ‘शांतिपूर्ण परमाणु संवर्धन’ के अधिकार की औपचारिक मान्यता पर निर्भर होंगे।

अमेरिकी दबाव के आगे झुकेंगे नहीं

शनिवार को ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने कहा कि तेहरान अमेरिकी दबाव के आगे नहीं झुकेगा। ईरान के पैरालिंपिक एथलीटों को सम्मानित करने के एक समारोह में बोलते हुए उन्होंने कहा कि धमकियों या डरा-धमकाकर रियायतें हासिल करने के प्रयास विफल होंगे और आर्थिक तथा राजनीतिक तनाव के बावजूद ईरान दृढ़ रहेगा।

गौरतलब है कि इस महीने की शुरुआत में ओमान में अप्रत्यक्ष वार्ता फिर से शुरू हुई और 17 फरवरी को जिनेवा में जारी रही। दोनों पक्षों ने चर्चाओं को रचनात्मक बताया, लेकिन स्वीकार किया कि संवर्धन सीमा, निगरानी तंत्र और प्रतिबंधों के क्रम को लेकर अभी भी महत्वपूर्ण मतभेद बने हुए हैं।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN