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मुझे सुप्रीम लीडर बनाना चाहता था ईरान, मैंने मना कर दिया; डोनाल्ड ट्रंप का अजीब दावा

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Source :- LIVE HINDUSTAN

ईरान ने बुधवार को पश्चिम एशिया में युद्धविराम के अमेरिका के प्रस्ताव को खारिज कर दिया और इजरायल व खाड़ी अरब देशों पर हमले तेज कर दिए। ईरान ने कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को भी निशाना बनाया, जिससे वहां भीषण आग लग गई।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दावा कर रहे हैं कि ईरान उन्हें अगला सुप्रीम लीडर बनाना चाहता था। हाल ही में आयोजित रिपब्लिकन कार्यक्रम में उन्होंने ऐसा दावा किया है। हालांकि, इस पर ईरान ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। ट्रंप का बयान ऐसे समय पर आया है, जब खबरें हैं कि ईरान की तरफ से अमेरिका की युद्धविराम की मांग को खारिज कर दिया गया है। ट्रंप ने पाकिस्तान के जरिए ये मांगें ईरान तक पहुंचाई थीं।

ट्रंप ने दावा किया, ‘उनकी बहुत ज्यादा इच्छा समझौता करने की है, लेकिन ऐसा कहने से डर रहे हैं। क्योंकि उन्हें पता है कि उन्हें उनके लोग ही मार देंगे। उन्हें इस बात का भी डर है कि वो हमारे हाथों मारे जाएंगे।’

ट्रंप ने कहा, ‘दुनिया में किसी भी देश का ऐसा कोई नेता नहीं रहा होगा, जो ईरान का प्रमुख बनने से इतना बचना चाहता हो। हमने उन्हें साफ तौर पर कहते सुना है। वे कहते हैं, मुझे यह पद नहीं चाहिए। हम आपको अगला सुप्रीम लीडर बनाना चाहते हैं, तो वे कहते हैं, नहीं, शुक्रिया। मुझे यह नहीं चाहिए।’

ईरान ने सीजफायर से मना कर दिया

ईरान ने बुधवार को पश्चिम एशिया में युद्धविराम के अमेरिका के प्रस्ताव को खारिज कर दिया और इजरायल व खाड़ी अरब देशों पर हमले तेज कर दिए। ईरान ने कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को भी निशाना बनाया, जिससे वहां भीषण आग लग गई। ईरान ने यह जवाबी हमले ऐसे समय में किये हैं, जब इजरायल ने तेहरान पर हवाई हमले किए और वाशिंगटन ने क्षेत्र में पैराट्रूपर्स व अधिक संख्या में मरीन सैनिकों की तैनाती की।

ईरान के सरकारी समाचार प्रसारक ‘प्रेस टीवी’ ने एक अज्ञात अधिकारी के हवाले से बताया कि ईरान ने अमेरिका के युद्धविराम प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है। प्रेस टीवी की यह खबर पाकिस्तान द्वारा ईरान को प्रस्ताव भेजे जाने के बाद आई है। प्रेस टीवी ने अधिकारी के हवाले से बताया, “ईरान युद्ध तभी समाप्त करेगा जब वह ऐसा चाहेगा और जब उसकी शर्तें पूरी होंगी।”

अधिकारी ने बताया कि तेहरान पश्चिम एशिया में अपने ‘जोरदार हमले’ जारी रखेगा। ईरान को प्रस्ताव सौंपने वाले पाकिस्तान के दो अधिकारियों ने 15 बातों का जिक्र करते हुए बताया कि इसमें प्रतिबंधों में राहत, ईरान के परमाणु कार्यक्रम को वापस लेना, मिसाइलों की सीमा तय करना और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना शामिल है।

अमेरिका का दावा- बात जारी है

वाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत जारी है, जबकि ईरानी अधिकारी इससे इनकार कर रहे हैं। लीविट ने बुधवार को व्हाइट हाउस में एक प्रेस वार्ता में कहा, ‘बातचीत जारी है। जैसा कि राष्ट्रपति ने सोमवार को कहा था, यह सार्थक है और आगे भी जारी रहेगी।’

ईरान ने इस बात पर जोर दिया कि वह अपने बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम या उन क्षेत्रीय सशस्त्र समूहों को दिए जाने वाले समर्थन को लेकर कोई चर्चा नहीं करेगा, जिसे वह अपनी सुरक्षा के लिए अहम मानता है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN