Home विश्व समाचार मिडिल-ईस्ट में बढ़ते युद्ध के बीच पुतिन ने UAE और कतर को...

मिडिल-ईस्ट में बढ़ते युद्ध के बीच पुतिन ने UAE और कतर को लगाया फोन, क्या हुई बातचीत

17
0

Source :- LIVE HINDUSTAN

कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी से बातचीत में पुतिन ने संघर्ष के विस्तार के जोखिमों और तीसरे देशों के शामिल होने के खतरे पर चिंता जताई। दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय युद्ध को पूर्ण पैमाने पर फैलने से रोकने की जरूरत पर सहमति जताई।

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने मध्य-पूर्व में बढ़ते युद्ध के बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और कतर के नेताओं से फोन पर बातचीत की। उन्होंने तत्काल युद्धविराम की अपील की। सोमवार को हुई इन बातचीतों में पुतिन ने क्षेत्रीय स्थिरता पर जोर दिया। क्रेमलिन के बयान के अनुसार, अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान पर हमलों के बाद तेहरान की जवाबी कार्रवाई से खाड़ी क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है, जिससे दुबई और अबू धाबी जैसे प्रमुख हवाई अड्डों पर यातायात ठप हो गया। हवाई क्षेत्र बंद कर दिया गया। पुतिन ने इस संघर्ष को व्यापक होने से रोकने की जरूरत बताई।

यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से बातचीत में दोनों नेताओं ने तत्काल युद्धविराम पर जोर दिया। साथ ही, राजनीतिक-कूटनीतिक प्रक्रिया की ओर लौटने की बात कही। क्रेमलिन ने कहा कि पुतिन ने UAE की शिकायतों को तेहरान तक पहुंचाने की पेशकश की और क्षेत्र में स्थिरता के लिए हर संभव सहायता देने की बात कही। ईरान के जवाबी हमलों से खाड़ी देश प्रभावित हुए हैं, जिससे यूएई ने गंभीर चिंता जताई। दोनों पक्षों ने सहमति जताई कि सैन्य वृद्धि से बचना जरूरी है और बातचीत से ही समस्याओं का हल निकाला जा सकता है।

तत्काल कदम उठाने पर जोर

कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी से बातचीत में पुतिन ने संघर्ष के विस्तार के जोखिमों और तीसरे देशों के शामिल होने के खतरे पर चिंता जताई। दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय युद्ध को पूर्ण पैमाने पर फैलने से रोकने की जरूरत पर सहमति जताई। क्रेमलिन के अनुसार, यह बातचीत संघर्ष को कम करने और शांति बहाल करने की दिशा में अहम कदम है। रूस ने खुद को मध्यस्थ की भूमिका में पेश किया है, क्योंकि वह ईरान का सहयोगी है और खाड़ी देशों से भी अच्छे संबंध रखता है।

किस बात का है खतरा

यह घटनाक्रम मध्य पूर्व में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे गंभीर टकराव का हिस्सा है, जहां हाल के हमलों ने स्थिति को और जटिल बना दिया है। व्लादिमीर पुतिन की अपील से लगता है कि रूस क्षेत्रीय शांति के लिए सक्रिय प्रयास कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर प्रमुख देशों के बीच समन्वय बढ़ा तो युद्धविराम संभव हो सकता है, नहीं तो खाड़ी क्षेत्र में बड़ा संकट गहरा सकता है। पुतिन ने अन्य खाड़ी नेताओं से भी संपर्क किया है, जो वैश्विक स्तर पर कूटनीतिक गतिविधियों को दर्शाता है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN