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मम्मी-पापा बच्चों को जरूर सिखाएं ये 5 बेसिक मैनर्स, कभी किसी के आगे नहीं होना पड़ेगा शर्मिंदा

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Source :- LIVE HINDUSTAN

बच्चों को बेहतर इंसान बनाने के लिए पेरेंट्स को बचपन से ही कुछ बातों की सीख उन्हें देनी चाहिए। बच्चों को कुछ बेसिक मैनर्स हर माता-पिता को जरूर सिखाने चाहिए, जिससे उन्हें कभी शर्मिंदा न होना पड़े। चलिए बताते हैं कौन से मैनर्स आप सिखा सकते हैं।

घर की नींव मजबूत बनानी हो तो आप ईंट, मिट्टी, मौरंग, सीमेंट सब अच्छी क्वालिटी का चुनते हैं, ऐसे ही बच्चों का भविष्य और उन्हें बेहतर इंसाना बनाना हो, तो बचपन से ही कुछ आदतों और बातों को उनके जेहन में डालना जरूरी होता है। माता-पिता बच्चों के कर्ता-धर्ता होते हैं और उनकी परवरिश से ही पता चलता है कि बच्चा क्या सीख रहा है। अगर आप अच्छे संस्कार और बातें सिखाते हैं, तो बच्चा अच्छी चीजें ही सीखेगा। अगर गलत चीजों को देखेगा और उन्हें सीखता है, तो आगे चलकर वैसा ही वो करेगा। फिर माता-पिता बच्चों को डांटते-मारते हैं। कुछ बेसिक मैनर्स हैं, जो हर माता-पिता को बच्चों को जरूर सिखाना चाहिए। आज हम कुछ ऐसे बेसिक मैनर्स के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें अगर बच्चा सही समय पर नहीं सीखता है, तो दूसरों के आगे पेरेंट्स को शर्मिंदगी झेलनी पड़ती है। इसलिए आपकी जिम्मेदारी है कि बच्चों को ये जरूर सिखाएं।

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कौन से 5 बेसिक मैनर्स?

1- धैर्य रखना सिखाएं- बच्चों को मैनर्स का पाठ पढ़ाते हुए सबसे पहले धैर्य रखना और दूसरों का इंतजार करना सिखाएं। जैसे अगर खाना सभी साथ में खाते हैं, तो जब तक सभी खाना शुरू न करें, तब तक खाना नहीं खाना है। ऐसा करने से बच्चे के अंदर इंतजार करने की क्षमता बढ़ेगी और उसे धैर्य रखना भी आएगा। आजकल के बच्चों को अंदर किसी भी चीज को लेकर पेशेंस नहीं है। वह लोग हर चीज तुरंत चाहते हैं।

2- सफाई और खुद का काम- अगर घर में सभी लोग एक दूसरे की काम में मदद करते हैं, तो बच्चा भी वही सीख लेगा। लेकिन अगर आप ऐसा नहीं करते, तो वह भी आप से हर काम करने की उम्मीद रखेगा, जो गलत है। बच्चे को अपनी चीजों को साफ करना और अपना बेसिक काम खुद करना सिखाएं। जैसे बच्चा अपना बैग सेट करें, कपड़ों को फोल्ड करके रखें, अपना ब्लैंकेट फोल्ड करें, खाने की प्लेट हटाएं ये बेसिक काम होते हैं।

3- इजाजत लेना सीखें- आजकल बच्चे माता-पिता से बिना परमिशन लिए ही चीजों को खाना शुरू कर देते हैं या फिर कोई चीज देखने लगते हैं। हम लोग अपने माता-पिता से पूछकर ही किसी भी काम को करते थे। बच्चे को हर काम पूछकर करने के लिए कहें। ऐसा करने से आप ये जान सकेंगे कि वह सही-गलत क्या कर रहा है और अगर कोई मेहमान घर पर आया और वो उनका सामान छू रहा है, तो उसके लिए भी पूछेगा। ऐसे आपको किसी के आगे शर्मिंदा नहीं होना पड़ेगा।

4- बड़ों के बीच न बोलना- आजकल बच्चे भी बड़ों के बीच बैठ जाते हैं और बोलने लगते हैं, जबकि हमने अपनी मां से सीखा था कि बड़ों के बीच नहीं बैठना है और बीच में बोलना नहीं है। आपको भी बच्चे को यही सीख देनी है, जब बड़े बात कर रहे हो, तो बीच में न बोलें और उनके साथ न बैठो। ऐसा करने से ये मैसेज जाएगा कि आपका बच्चा बड़ों का सम्मान कर रहा है।

5- धीरे से अपनी बात रखें- कुछ बच्चों की आदत होती है कि अगर कोई मेहमान घर पर आ गया या मम्मी फोन पर बात कर रही है, तो बीच में रोकर-चिल्लाकर कोई चीज पूछ लेंगे और फिर वहां से चले जाएंगे। बच्चे का ये बिहेवियर आपको शर्मिंदा कर सकता है। उसे आपको सिखाना होगा कि जब किसी के आगे कुछ कहना हो तो पहले Excuse Me बोलें और फिर हल्की आवाज में अपनी बात रखें। फिर चाहे मां फोन पर बात कर रही हो या किसी से सामने बैठकर।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN