Source :- LIVE HINDUSTAN
अमेरिकी डिफेंस सेकरेट्री पीटर हेगसेथ ने कहा कि हिंद महासागर में-एक अमेरिकी सबमरीन ने एक ईरानी वॉरशिप को डुबो दिया, जिसे लगा कि वह इंटरनेशनल पानी में सेफ है। इसके बजाय, उसे एक टॉरपीडो से डुबो दिया गया-क्विट डेथ।
सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की हत्या के बाद ईरान-अमेरिका के बीच जंग और तीखी हो गई है। हिंद महासागर में भारत के पास और श्रीलंका के दक्षिण तट पर अमेरिकी नौसेना ने पनडुब्बी से हमला करके ईरानी युद्धपोत को डुबो दिया। इस भीषण हमले का वीडियो सामने आया है, जिसमें युद्धपोत पर हमला करते हुए दिखाया गया है। हिंद महासागर में हुए इस हमले के बाद युद्ध का दायरा और बढ़ता दिख रहा है। अभी तक मिडिल ईस्ट, गल्फ के इलाकों तक ही यह युद्ध सीमित था।
हमले के समय ईरानी युद्धपोत पर तकरीबन 180 लोग सवार थे। अब तक 87 लोगों की मौत हो चुकी है। कई लोग पानी में गायब हो गए हैं। हमले के तुरंत बाद श्रीलंकाई नोसैना ने ऑपरेशन शुरू करते हुए युद्धपोत पर सवार ईरानी लोगों की जान बचाई। अमेरिकी डिपार्टमेंट ऑफ वॉर की तरफ से 20 सेकंड का वीडियो जारी किया गया है। इसमें ईरानी युद्धपोत को निशाना बनाते हुए दिखाया गया है। कुछ ही सेकंड में जहाज पर एक बड़ा ब्लास्ट होता है और पानी कई फीट ऊंचे तक उठता दिखता है।
ईरानी युद्धपोत आईआरआईएस डेना भारत से ईरान वापस जा रहा था, जब हिंद महासागर पर इस पर हमला हुआ। इसने हाल ही में विशाखापट्ट्नम में आयोजित किए गए इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू 2026 में हिस्सा लिया था। अमेरिकी डिफेंस सेकरेट्री पीटर हेगसेथ ने कहा, ”हिंद महासागर में-एक अमेरिकी सबमरीन ने एक ईरानी वॉरशिप को डुबो दिया, जिसे लगा कि वह इंटरनेशनल पानी में सेफ है। इसके बजाय, उसे एक टॉरपीडो से डुबो दिया गया-क्विट डेथ। वर्ल्ड वॉर 2 के बाद पहली बार किसी दुश्मन शिप को टॉरपीडो से डुबोया गया। उस वॉर की तरह-जब हम अभी भी वॉर डिपार्टमेंट थे-हम जीतने के लिए लड़ रहे हैं।”
अब तक 87 नाविकों की लाशें बरामद
श्रीलंका की पुलिस और डिफेंस अधिकारियों ने बताया कि श्रीलंका की नौसेना ने एक ईरानी युद्धपोत से 87 नाविकों की लाशें बरामद की हैं। नेवी के एक अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर न्यूज जेंसी AFP को बताया, “हमने 87 लाशें इकट्ठा कर ली हैं, और जो बाकी लापता हैं, उनकी तलाश अभी भी जारी है।” पुलिस और नेवी के प्रवक्ता ने कहा कि 61 नाविक अभी भी लापता हैं। अधिकारियों के मुताबिक, करीब 32 को बचा लिया गया है और उनका इलाज गाले शहर के एक हॉस्पिटल में चल रहा है।
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