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भारत एक महान देश, जिसके टॉप पर… 24 घंटे में ही अक्ल आई ठिकाने; ट्रंप ने लिया यू-टर्न, बताया था नरक का द्वार

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Source :- LIVE HINDUSTAN

नई दिल्ली में US दूतावास के प्रवक्ता क्रिस्टोफर एल्म्स ने बताया कि रिपब्लिकन नेता ने भारत के बारे में गर्मजोशी से बात की है और इसे एक महान राष्ट्र बताया और कहा कि भारत के नेता के साथ उनकी निजी दोस्ती है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ने 24 घंटे से भी कम समय में अपने कदम यू-टर्न ले लिया है। संभवत; उन्हें अपनी गलती का अहसास हो चुका है। अब उन्होंने भारत को एक महान देश बताया है। उन्होंने गुरुवार को भारत की तारीफ की और कहा कि इस देश का नेतृत्व हमारा एक “बहुत अच्छा दोस्त” कर रहा है। इससे पहले दिन में, ट्रंप ने अमेरिकी राजनीतिक टिप्पणीकार और रेडियो होस्ट माइकल सैवेज के पॉडकास्ट से एक नस्लवादी टिप्पणी को रीपोस्ट किया था, जिसमें उन्होंने भारत, चीन और अन्य देशों को “हेल-होल” (नरक का द्वार) कहा था।

नई दिल्ली में US दूतावास के प्रवक्ता क्रिस्टोफर एल्म्स ने बताया कि रिपब्लिकन नेता ने भारत के बारे में गर्मजोशी से बात की है और इसे एक महान राष्ट्र बताया और कहा कि भारत के नेता के साथ उनकी निजी दोस्ती है। ट्रंप ने कहा है, “भारत एक महान देश है, जिसके शीर्ष पर मेरा एक बहुत अच्छा दोस्त है।”

सैवेज का वीडियो शेयर किया था

दरअसल, इससे पहले ट्रंप ने सैवेज के पॉडकास्ट ‘सैवेज नेशन’ का ट्रांसक्रिप्ट और वीडियो शेयर किया था, जिसमें उन्होंने जन्मसिद्ध नागरिकता पर US सुप्रीम कोर्ट के तर्कों की कड़ी आलोचना की थी। US के जन्मसिद्ध नागरिकता कानून में बदलाव की मांग करते हुए अपने नस्लवादी बयान में, सैवेज ने आरोप लगाया था कि इन दो एशियाई देशों के लोग US में “नौवें महीने में बच्चा पैदा करने” आते हैं, और यह कानून उन्हें “तुरंत” US का नागरिक बना देता है।

ट्रुथ सोशल पर एक पत्र भी साझा किया था

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल पर एक पत्र साझा करते हुए इन देशों के लिए आपत्तिजनक शब्दों का उपयोग किया और जन्मसिद्ध नागरिकता सहित कई अमेरिकी नागरिकता कानूनों की आलोचना की। पत्र में कैलिफ़ोर्निया के प्रौद्योगिकी क्षेत्र में नियुक्तियों को लेकर दावा किया गया है कि वहां भारत और चीन से आए लोगों का वर्चस्व है, हालांकि इसके समर्थन में कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया है। पत्र का मुख्य विषय जन्मसिद्ध नागरिकता की नीति है, जिसके तहत अमेरिका में जन्म लेने वाले बच्चों को नागरिकता मिलती है। इसमें आरोप लगाया गया है कि इस प्रावधान का उपयोग कर प्रवासी अपने परिवार के अन्य सदस्यों को भी देश में लाते हैं।

पैदा होने वाला बच्चा तुरंत नागरिक बन जाता है

पत्र में कहा गया, “यहां पैदा होने वाला बच्चा तुरंत नागरिक बन जाता है और फिर वे चीन, भारत या दुनिया के किसी अन्य ‘नरक’ से अपने पूरे परिवार को यहां ले आते हैं।” इस पत्र की भाषा ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। पत्र में यह भी कहा गया है कि इस मुद्दे पर निर्णय न्यायालयों या वकीलों के बजाय जनमत से होना चाहिए। इसमें एक सामाजिक माध्यम सर्वेक्षण का हवाला देते हुए दावा किया गया है कि बहुमत इस नीति में बदलाव के पक्ष में है, साथ ही न्यायिक प्रक्रिया पर अविश्वास भी व्यक्त किया गया है।

अमेरिकी नागरिक स्वतंत्रता संघ की भी आलोचना

पत्र में अमेरिकी नागरिक स्वतंत्रता संघ (एसीएलयू) की भी आलोचना की गई है और उस पर ऐसी नीतियों का समर्थन करने का आरोप लगाया गया है, जो कथित रूप से अवैध प्रवासियों को लाभ पहुंचाती हैं। इसके अलावा पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि प्रवासी स्वास्थ्य सेवाओं और कल्याणकारी योजनाओं का दुरुपयोग करते हैं, जिससे करदाताओं पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है। इसमें कैलिफ़ोर्निया जैसे प्रांतो में कथित अनियमितताओं का भी उल्लेख किया गया है। पत्र में अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट में चल रही कार्यवाही का भी संदर्भ दिया गया है और संवैधानिक व्याख्या को वर्तमान परिस्थितियों से असंगत बताया गया है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN