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बेसिक सैलरी में ₹54000 बढ़ोतरी और 6% का इंक्रीमेंट, 8वां वेतन आयोग देगा तोहफा?

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Source :- LIVE HINDUSTAN

BPMS की मुख्य मांग न्यूनतम वेतन यानी बेसिक सैलरी को बढ़ाकर ₹72,000 प्रति माह करना है। वर्तमान में केंद्रीय कर्मचारियों की बेसिक सैलरी 18,000 रुपये है। BPMS की एक और अहम मांग फिटमेंट फैक्टर को लेकर हैं।

8th Pay Commission latest: केंद्रीय कर्मचारियों को आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों का इंतजार है। वेतन आयोग की ये सिफारिशें 18 महीने में सरकार को सौंपी जाएंगी। इससे पहले, केंद्रीय कर्मचारियों से जुड़े अलग-अलग संगठन वेतन आयोग को अपनी डिमांड लिस्ट दे रहे हैं। भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ (BPMS) ने भी आठवें वेतन आयोग को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा है। इसमें भत्तों, सैलरी स्ट्रक्चर आदि बदलाव का प्रस्ताव दिया गया है। आइए BPMS की मुख्य मांग जान लेते हैं।

बेसिक सैलरी में 54000 रुपये बढ़ोतरी की मांग

BPMS की मुख्य मांग न्यूनतम वेतन यानी बेसिक सैलरी को बढ़ाकर ₹72,000 प्रति माह करना है। वर्तमान में केंद्रीय कर्मचारियों की बेसिक सैलरी 18,000 रुपये है। इस लिहाज से बेसिक सैलरी में 54000 रुपये बढ़ोतरी की मांग की गई है। BPMS के तर्क के अनुसार यह आंकड़ा आर्थिक वास्तविकताओं और संबंधित हितधारकों की जीवन-यापन की जरूरतों को वित्तीय विवेक के साथ संतुलित करेगा। BPMS के अनुसार यह शुरुआती स्तर के कर्मचारियों के लिए सही जीवन स्तर सुनिश्चित करेगा। सुझाव यह भी है कि न्यूनतम मजदूरी को प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि से जोड़ा जाए ताकि सैलरी संशोधन की अधिक तर्कसंगत और पारदर्शी व्यवस्था बनाई जा सके।

फिटमेंट फैक्टर और इंक्रीमेंट

BPMS की एक और अहम मांग फिटमेंट फैक्टर को लेकर हैं। इसके मुताबिक फिटमेंट फैक्टर 4 के स्तर का होना चाहिए। यह मौजूदा प्रणाली के मुकाबले ₹18,000 के न्यूनतम वेतन पर आधारित है। इस मल्टीप्लायर को शामिल करने का उद्देश्य मुद्रास्फीति, महंगाई भत्ता (DA) और आय वृद्धि समायोजन जैसे कारकों को ध्यान में रखना है।

BPMS ने वार्षिक वेतन वृद्धि दर यानी इंक्रीमेंट को 3% से बढ़ाकर 6% करने का भी अनुरोध किया है। इसके अतिरिक्त, यूनियन ने सैलरी कैल्कुलेशन में उपयोग की जाने वाली फैमिली यूनिट की अवधारणा को 3 सदस्यों से बढ़ाकर 5 सदस्यों तक संशोधित करने का प्रस्ताव दिया है। यह सुनिश्चित करेगा कि कर्मचारी अक्सर अपने माता-पिता, साथ ही अपने जीवनसाथी और बच्चों के प्रति जो वित्तीय जिम्मेदारी निभाते हैं, वह उचित हो।

वेतन आयोग की डिटेल

बता दें कि भारत सरकार (GOI) ने 17 जनवरी 2025 को 8वें वेतन आयोग की घोषणा की। आम तौर पर वेतन आयोग हर 10 साल में एक बार गठित किए जाते हैं। 8वां वेतन आयोग का मकसद बेसिक सैलरी, पेंशन और भत्तों में बदलाव के साथ-साथ उनसे जुड़ी शिकायतों के संबंध में सिफारिशें देना है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 28 अक्टूबर 2025 को 8वें वेतन आयोग के लिए संदर्भ की शर्तें (ToR) को मंजूरी दी। इस वेतन आयोग में एक चेयरपर्सन, 1 अंशकालिक सदस्य और 1 सदस्य-सचिव होते हैं। न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई 8वें वेतन आयोग की वर्तमान अध्यक्ष हैं। आयोग को अपने गठन के 18 महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपनी होती है और जरूरत पड़ने पर अंतरिम रिपोर्ट देने का भी प्रावधान है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN