Source :- LIVE HINDUSTAN
संक्षेप:
बांग्लादेश में चुनाव नजदीक आते ही हिंसा की घटनाओं में लगातार इजाफा हुआ है। वहीं अल्पसंख्यकों पर हमलों की घटनाएं भी बढ़ी हैं। बीते दिनों लोगों ने मुहम्मद यूनुस का घर भी घेर लिया था।
बांग्लादेश में चुनाव से पहले सड़कों पर भीषण हिंसा की खबरें सामने आई हैं। 12 फरवरी को होने वाले मतदान से मात्र 72 घंटे पहले देश की सड़कें BNP और जमात के कार्यकर्ताओं के बीच जंग का अखाड़ा बन गई हैं। रविवार कल रात बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) और जमात-ए-इस्लामी के कार्यकर्ताओं के बीच भिड़त में 40 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं। इनमें महिलाएं भी शामिल हैं।
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इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट के मुताबिक जमात के एक कार्यक्रम में कैश बांटने के आरोपों के बाद दोनों पक्षों में हिंसा हुई है। यह हिंसा तब भड़की जब BNP के कुछ कार्यकर्ताओं ने जमात-ए-इस्लामी पर देर रात एक कार्यक्रम में शामिल लोगों को पैसे बांटने का आरोप लगाया। जानकारी के मुताबिक, BNP कार्यकर्ता विरोध दर्ज कराने के लिए कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे, जिसके बाद जमात ने भी अपने समर्थकों को इकट्ठा कर लिया, जिसके बाद दोनों गुटों में खूब मारपीट हुई।
चुनाव से पहले बढ़ी हिंसा
बता दें कि चुनाव की घोषणा के बाद से ही बांग्लादेश में हिंसा की घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी हुई है। देशभर में कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन जारी हैं जिनमें कई जगह भारत विरोधी नारेबाजी भी हुई है। पिछले छह हफ्तों में पूरे बांग्लादेश में चुनाव से जुड़ी हिंसा में कई लोग घायल हो चुके हैं।
हसीना की सरकार के पतन के बाद पहला चुनाव
बांग्लादेश में जुलाई 2024 में प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार के पतन के बाद यह पहला चुनाव है। 12 फरवरी के आम चुनाव में सीधा मुकाबला BNP और जमात के नेतृत्व वाले गठबंधन के बीच ही है। ऐसे में ये दोनों गुट चुनाव में पूरी जी जान लगा रहे हैं। जहां एक तरफ BNP के तारिक रहमान ने बांग्लादेश फर्स्ट का नारा दिया है, वहीं जमात को अपने पारम्परिक इस्लामी वोटर्स से उम्मीदें हैं।
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