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‘बड़ी मुसीबत में पड़ोगे’, चीन ने ईरान के लिए ऐसा क्या किया कि भड़क गए डोनाल्ड ट्रंप

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Source :- LIVE HINDUSTAN

पाकिस्तान ने संयुक्त गश्त का प्रस्ताव दिया है, लेकिन अमेरिका जलमार्ग पर पूर्ण नियंत्रण चाहता है। ईरान की मुख्य शर्त लेबनान में इजरायली हमलों को रोकना है।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार सुबह (भारतीय समयानुसार) ईरान के खिलाफ अपनी आक्रामक बयानबाजी को और तेज करते हुए दावा किया कि अमेरिका ने तेहरान की सैन्य क्षमताओं को पूरी तरह नष्ट कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस्लामाबाद में चल रही वार्ता का परिणाम चाहे जो भी हो, अमेरिका इस युद्ध को जीत चुका है।

वाइट हाउस के बाहर मीडिया से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि ईरान के पास अब न तो नौसेना बची है और न ही वायुसेना। उन्होंने कह, “ईरानी प्रतिनिधि घंटों से बैठक कर रहे हैं। शायद वे कोई सौदा कर लें, शायद न करें। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। अमेरिका के नजरिए से हम जीत चुके हैं। हमारे विशाल टैंकर तेल और गैस के साथ लोड होकर देश की ओर बढ़ रहे हैं।”

ट्रंप ने यह भी दावा किया कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से बारूदी सुरंगों को हटाने की प्रक्रिया जारी है और ईरान की सभी 28 माइन लेयर नावें समुद्र की तलहटी में हैं।

चीन को चेताया- बड़ी मुसीबत में पड़ोगे

ईरान को चीन द्वारा नए एयर डिफेंस सिस्टम (MANPADS) की गुप्त आपूर्ति की खबरों पर ट्रंप ने बीजिंग को सीधे तौर पर चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यदि चीन युद्धविराम के दौरान ईरान को हथियारों की आपूर्ति करता पाया गया तो उसे बड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। यह बयान अगले महीने होने वाली ट्रंप-शी जिनपिंग शिखर वार्ता से पहले तनाव को और बढ़ा सकता है।

पाकिस्तान की मध्यस्थता में शनिवार से इस्लामाबाद में उच्च स्तरीय वार्ता जारी है। 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद यह दोनों देशों के बीच अब तक का सबसे उच्च स्तरीय संपर्क है। अमेरिकी डेलिगेशन का नेतृत्व उपराष्ट्रपति जेडी वेंस कर रहे हैं, उनके साथ स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुश्नर भी मौजूद हैं। ईरानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर ग़ालिबफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची कर रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार, अमेरिका कुछ संपत्तियों को अनफ्रीज करने पर सहमत हो सकता है, लेकिन ट्रंप ने कहा, “देखते हैं क्या होता है।” पाकिस्तान ने संयुक्त गश्त का प्रस्ताव दिया है, लेकिन अमेरिका जलमार्ग पर पूर्ण नियंत्रण चाहता है। ईरान की मुख्य शर्त लेबनान में इजरायली हमलों को रोकना है।

ट्रंप ने अपनी ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति को दोहराते हुए कहा कि ईरान के खिलाफ इस सैन्य जीत में NATO ने उनकी कोई मदद नहीं की। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने अकेले ही तेहरान की सैन्य रीढ़ तोड़ दी है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN