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पॉलिश वाली पीली दाल तो नहीं खा रहे आप? 3 सिंपल टेस्ट से करें मिलावट की पहचान!

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Source :- LIVE HINDUSTAN

दाल को चमकदार पीला रंग देने के लिए केमिकल वाली पॉलिश लगाई जाती है, जिससे ये देखने में ज्यादा अच्छी क्वालिटी लगती हैं। कई बार समझ ही नहीं आता कि पीली दाल पॉलिश वाली है या शुद्ध है। ऐसे में आप कुछ टेस्ट कर के देख सकते हैं।

दाल भारतीय खानपान का अहम हिस्सा है। प्रोटीन और कई तरह के पौष्टिक तत्वों से भरपूर दाल सेहत के लिए काफी फायदेमंद होती है और खाने में भी टेस्टी लगती है। बच्चों को तो खासतौर से अरहर और चने की दाल खूब पसंद होती हैं। अब ये तो आप भी जानते हैं कि आजकल मार्केट में हर चीज मिलावट वाली आ रही है। ऐसे में ये दालें भी पॉलिश वाली आने लगी हैं। इन्हें चमकदार पीला रंग देने के लिए केमिकल वाली पॉलिश लगाई जाती है, जिससे ये देखने में ज्यादा अच्छी क्वालिटी लगती हैं, लेकिन सच्चाई इसके उलट होती है। हालांकि कई बार समझ ही नहीं आता कि पीली दाल पॉलिश वाली है या शुद्ध है। ऐसे में आप कुछ टेस्ट कर के देख सकते हैं। ये टेस्ट इतने सिंपल हैं कि आप घर पर ही पीली दाल की मिलावट का पता लगा सकते हैं। आइए जानते हैं।

पानी में भिगोकर टेस्ट करें दाल की मिलावट

पीली दाल मिलावटी है या शुद्ध इसे आप आसानी से घर पर टेस्ट कर सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले पानी लें और उसमें थोड़ी सी दाल मिला दें। दाल को लगभग 15 मिनट के लिए ऐसे ही छोड़ दें। अगर दाल पर पीले रंग की पॉलिश चढ़ी हुई है तो पानी का रंग पीला हो जाएगा। वहीं अगर दाल प्योर है तो पानी के रंग पर कोई भी प्रभाव नहीं पड़ेगा।

वाइट पेपर पर दाल को रब कर के देखें

दाल बहुत ही ज्यादा पीली और शाइनी लग रही है तो एक बार ये सिंपल टेस्ट जरूर करें। बहुत ज्यादा पॉलिश वाली दाल होगी तो इसका रंग आसानी से छूट जाएगा। इसके लिए एक सफेद पेपर पर दाल को रगड़कर देखें। दाल का थोड़ा सा रंग भी अगर पेपर पर ट्रांसफर हो रहा है तो समझ जाएं कि दाल पॉलिश वाली है। बाहर दाल खरीदने जा रहे हैं तो ये टेस्ट वहां भी कर के देख सकते हैं।

डायल्यूटेड HCL से घर पर करें टेस्ट

दाल में थोड़ी बहुत भी मिलावट है तो इस टेस्ट से आसानी से पता लग जाएगा। इसके लिए आपको डायल्यूटेड HCL की जरूरत होगी। किसी बर्तन या टेस्ट ट्यूब में थोड़ी सी पीली दाल और पानी मिलाएं। फिर इसमें दो-तीन HCL की बूंदे मिलाएं। अगर पानी का रंग गुलाबी हो जाए तो समझ लें कि दाल पॉलिश वाली है।

शुद्ध पीली दाल खरीदते हुए रखें इन बातों का ध्यान

दाल को शाइनी पीला रंग देने के लिए मेटानिल येलो कलर का इस्तेमाल होता है, जो एक परमिटेड फूड कलर नहीं है। लेकिन फिर भी भारत में इसे गैर कानूनी तरीके से दाल, हल्दी, मिठाइयों और मसालों को रंगने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है। इसलिए दाल लेने जाएं तो बहुत ज्यादा चमक या गहरा पीला रंग देखकर धोखा ना खाएं। नेचुरल दाल बहुत ज्यादा शाइनी नहीं होती है। बाकी दाल लाने के बाद इन तीनों से में कोई भी टेस्ट कर के जरूर देख सकते हैं, ताकि सेहत के साथ कोई समझौता ना हो।

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