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पैट्रियट मिसाइल से C-17s तक की तैनाती; ट्रंप ने ईरान पर हमले की कर ली तैयारी, सैटेलाइट इमेजरी में खुलासा

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Source :- LIVE HINDUSTAN

संक्षेप:

अमेरिकी सेना ने 2003 के इराक संघर्ष के दौरान पैट्रियट सिस्टम तैनात किए थे, उन्हें कुवैत में तैनात किया था, जहाँ उन्होंने PAC-3 और गाइडेंस-एन्हांस्ड मिसाइलों का इस्तेमाल करके सरफेस-टू-सरफेस मिसाइलों को इंटरसेप्ट किया था।

मिडिल-ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी सेना ने ईरान पर हमले की पूरी तैयारी कर ली है। सैटेलाइट तस्वीरों से पता चला है कि अमेरिका ने ईरान के करीब कतर और जॉर्डन में अपने सैन्य संसाधनों को बड़े पैमाने पर तैनात कर रखा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, कतर के अल-उदीद एयर बेस (जो मध्य-पूर्व में अमेरिका का सबसे बड़ा सैन्य अड्डा है) पर अमेरिका ने पैट्रियट मिसाइल सिस्टम को ट्रक-माउंटेड लॉन्चर पर लगाया है। ऐसा इसलिए किया गया ताकि जरूरत पड़ने पर मिसाइल सिस्टम को जल्दी दूसरी जगह ले जाया जा सके या तुरंत तैनात किया जा सके।

सैटेलाइट तस्वीरों में यह भी देखा गया कि जनवरी के मुकाबले फरवरी 2026 में इस एयर बेस पर विमान और सैन्य उपकरणों की संख्या बढ़ी है। फरवरी की हालिया सैटेलाइट इमैजरी में यहां RC-135 जासूसी विमान, 3 C-130 ट्रांसपोर्ट विमान, 18 KC-135 स्ट्रैटोटैंकर, 7 C-17 ट्रांसपोर्ट विमान की मौजूदगी दिखी है, जबकि जनवरी में इनकी संख्या बहुत कम थी। रॉयटर्स के मुताबिक, इमेज में HEMTT गाड़ियों पर लगे 10 MIM-104 पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम भी दिखे।

जॉर्डन के मुहाफ्फाक एयर बेस पर भी भारी सैन्य तैनाती

TOI की रिपोर्ट में कहा गया है कि इसी तरह, जॉर्डन के मुहाफ्फाक एयर बेस पर भी भारी सैन्य तैनाती देखी गई। सैटेलाइट तस्वीरों में यहां F-15E फाइटर जेट, A-10 जमीन पर हमला करने वाले विमान, C-17 और C-130 ट्रांसपोर्ट विमान और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर विमान EA-18G Growler दिखे, जो पहले मौजूद नहीं थे। विशेषज्ञों का कहना है कि मिसाइलों को मोबाइल ट्रकों पर रखने का मतलब है कि अमेरिका संभावित हमले से बचाव या जवाबी कार्रवाई के लिए ज्यादा तैयार रहना चाहता है। यह कदम बढ़ते क्षेत्रीय तनाव और सुरक्षा जोखिमों को दिखाता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान भी अपनी मिसाइल क्षमता बढ़ा चुका है और चेतावनी दे चुका है कि अगर उस पर हमला हुआ तो वह क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बना सकता है।

पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम क्या हैं?

फेज्ड ऐरे ट्रैकिंग रडार टू इंटरसेप्ट ऑन टारगेट, या पैट्रियट (MIM-104), एक लंबी दूरी का एयर डिफेंस सिस्टम है जिसे टैक्टिकल बैलिस्टिक मिसाइलों, क्रूज मिसाइलों और एयरक्राफ्ट का मुकाबला करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इसे यूनाइटेड स्टेट्स में रेथियॉन और लॉकहीड मार्टिन मिसाइल्स एंड फायर कंट्रोल बनाते हैं। हाई अलर्ट स्थिति में ये तेजी से लोकेशन बदल सकते हैं और अचानक हमले से बचाव करते हैं। पैट्रियट सिस्टम का इस्तेमाल यूनाइटेड स्टेट्स और कई सहयोगी देश करते हैं, जिनमें जर्मनी, ग्रीस, इज़राइल, जापान, कुवैत, नीदरलैंड्स, सऊदी अरब, साउथ कोरिया, पोलैंड, स्वीडन, कतर, यूनाइटेड अरब अमीरात, रोमानिया, स्पेन और ताइवान शामिल हैं।

इराक में 2003 में पैट्रियट सिस्टम तैनात हुआ था

बता दें कि अमेरिकी सेना ने 2003 के इराक संघर्ष के दौरान पैट्रियट सिस्टम तैनात किए थे, उन्हें कुवैत में तैनात किया था, जहाँ उन्होंने PAC-3 और गाइडेंस-एन्हांस्ड मिसाइलों का इस्तेमाल करके सरफेस-टू-सरफेस मिसाइलों को इंटरसेप्ट किया था। US डिपार्टमेंट ऑफ़ डिफ़ेंस ने अक्टूबर 2019 में सऊदी अरब में दो पैट्रियट मिसाइल बैटरी और एक टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफ़ेंस (THAAD) सिस्टम समेत और फ़ौज और मिलिट्री सिस्टम की तैनाती को भी मंज़ूरी दी थी। यह कदम सितंबर 2019 में सऊदी अरामको की तेल फ़ैसिलिटी पर ड्रोन हमले के बाद उठाया गया था।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN