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‘पाकिस्तान के खिलाफ किए थे चार गोल’, जब अर्चना पूरन सिंह के बेटे ने भारत के लिए खेला फुटबॉल

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Source :- LIVE HINDUSTAN

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भारत के लिए फुटबॉल खेलते थे अर्चना पूरन सिंह के बेटे। उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ चार गोल भी किए थे। आर्यमन ने अपने व्लॉग में बताया कि वो महाराष्ट्र के अंडर 13 के सबसे तेज खिलाड़ी थे। इस व्लॉग में उन्होंने बताया कैसे उन्हें बचपन में बुली किया गया जिसका असर उनके व्यवहार में भी नजर आता था। 

अर्चना पूरन सिंह के बेटे आर्यमन सेठी ने अपने लेटेस्ट व्लॉग में उस वक्त को याद किया जब वो फुटबॉल खेला करते थे। इसी व्लॉग में उन्होंने बताया कि वो हमेशा से फुटबॉल में करियर बनाना चाहते थे, लेकिन उनके पिता परमीत सेठी ऐसा नहीं चाहते थे। इसके बाद आर्यमन ने परमीत सेठी को फुटबॉल के लिए मनाया और उन्होंने बेटे को ट्रेन करने में मदद की। आर्यमन ने बताया कि वो महाराष्ट्र में अंडर-13 के दूसरे सबसे तेज खिलाड़ी थे। व्लॉग में अर्चना पूरन सिंह ने बताया कि उनका बेटा भारत की तरफ से फुटबॉल खेलने गया था और उसने पाकिस्तान के खिलाफ चार गोल मारे थे।

8 बजे के बाद घर के बाहर नहीं जा सकते थे आर्यमान सेठी

इस व्लॉग में आर्यमन के साथ उनके भाई आयुष्मान सेठी और मां अर्चना पूरन सिंह भी मौजूद रहीं। आर्यमन ने बताया कि वो फुटबॉल में अपना करियर बनाना चाहते थे, लेकिन उनके पिता ऐसा नहीं चाहते थे। उन्होंने बताया कि उसके लिए उन्होंने अपने पिता को मनाया। आर्यमन ने बताया, “मैं फुटबॉल खेलना चाहता था, लेकिन पापा ऐसा नहीं चाहते थे क्योंकि फुटबॉल का तब और आज भी भारत में कोई फ्यूचर नहीं है। पापा ने मुझसे कहा- अगर आप फुटबॉल खेलना चाहते हैं, तो आपको वो हर चीज करनी होगी जो मैं कहूंगा। मैं मान गया। उन्होंने कहा कि मैं पार्टीज में नहीं जा सकता। मैं बस 9 साल का था-वो बर्थडे पार्टीज थीं। 8 बजे के बाद मैं घर के बाहर नहीं रह सकता था।”

भारत के लिए खेल चुके हैं अर्चना पूरन सिंह के बेटे

आर्यमन ने बताया कि उनके पिता की ट्रेनिंग की वजह से ही वो आगे बढ़ पाए। उनके पिता ने एक बार उनसे कहा था कि मैं आलसी खिलाड़ी हूं।आलसी और मोटा। वो बुरा लगता था। लेकिन उन्होंने ये भी कहा था कि स्किल्स के कोई मायने नहीं रह जाते, अगर मैं बॉल तक नहीं पहुंच सकता हूं। उन्होंने मुझे एक मशीन बना दिया था। ट्रेनिंग के चार महीने के अंदर ही, आर्यमन महाराष्ट्र के अंडर 13 के दूसरे सबसे तेज खिलाड़ी बन गए थे। उन्होंने बताया कि उन्होंने महाराषट्र और फिर भारत के लिए फुटबॉल खेला।

पाकिस्तान के खिलाफ किए चार गोल

इसके बाद अर्चना पूरन सिंह ने बताया कि कैसे उनके बेटे ने पाकिस्तान के खिलाफ चार गोल किए थे। उन्होंने बताया, “तुम ईरान गए थे और वहां भारत के लिए खेला था। एक मैच में पाकिस्तान के खिलाफ, आपने चार गोल मारे थे। तुम्हारे कोच ने मुझे कॉल किया था और कहा था- मैम आपके बेटे ने पाकिस्तान के खिलाफ चार गोल मारे हैं। मैं बहुत खुश थी।”

आर्यमन ने बताया कि उन्होंने 6 गेम्स में 9 गोल स्कोर किए थे। वो बहुत अच्छा खेले थे। इसके बाद अर्चना पूरन सिंह ने बेटे के सपने को पूरा करने के लिए मेहनत की। अर्चना पूरन सिंह ने अपने बेटे के लिए क्वीन्स पार्क रेंजर्स में उनके लिए ट्रायल मैच का इंतजाम किया। उन्होंने कहा था कि अगर मैं वहां का लोकल होता तो वो मुझे चांस जरूर देते। इसके बाद अर्चना ने उनकी स्कूलिंग वहां पर करवाने का फैसला लिया ताकि उन्हें मौका मिल सके।

दो बार टूटी आर्यमन की टांग

आर्यमन ने बताया कि इसके बाद वो लंदन चले गए और लवली स्कूल में दाखिला लिया। वहां, उनकी टांग टूट गई। वो हेयरलाइन फ्रैक्चर था। इसके बाद आर्यमन भारत वापस आ गए और महाराष्ट्र के लिए खेलने लगे। एक बार फिर उनकी टांग टूट गई। उन्होंने बताया कि उनके माता-पिता के सामने इस बार उनकी टांग टूटी। वो उठ तक नहीं पा रहे थे। वो डरे हुए थे कि उनके पेरेंट्स उनपर गुस्सा करेंगे। वो रो रहे थे क्योंकि उन्हें लग रहा था कि उनके फुटबॉल का सपना टूट गया।

इसके बाद भी आर्यमन ने कोशिश करना नहीं छोड़ा। वो इंगलैंड गए। उनके पैर में रॉड थी। जब वो खेलते थे तो उनके घाव से खून आता था। उन्होंने बताया कि उन्होंने ट्रेनिंग भी ली। वो फुटबॉल में बहुत अच्छे थे, लेकिन वो उस तरह से नहीं खेल पा रहे थे जैसा वो खेला करते थे। उन्होंने बताया कि उनके दिमाग को पता था कि क्या करना है, लेकिन उनका शरीर तीन कदम पीछे थे। वो बहुत ज्यादा परेशान करने वाला था।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN