Source :- LIVE HINDUSTAN
पाकिस्तान हर सिचुएशन में भारत विरोध का रास्ता ढूंढ ही लेता है। अब ताजा मामला अमेरिका के आरोपों पर है। असल में अमेरिकी सांसद तुलसी गाबार्ड ने पाकिस्तानी परमाणु हथियारों को अमेरिका के लिए खतरा बताया है।
पाकिस्तान हर सिचुएशन में भारत विरोध का रास्ता ढूंढ ही लेता है। अब ताजा मामला अमेरिका के आरोपों पर है। असल में अमेरिकी सांसद तुलसी गाबार्ड ने पाकिस्तानी परमाणु हथियारों को अमेरिका के लिए खतरा बताया है। अब पाकिस्तान ने इसको लेकर भारत का नाम लिया है। इस्लामाबाद ने जोर दिया कि उसका परमाणु कार्यक्रम अपने पड़ोसी और परमाणु-संपन्न भारत पर केंद्रित है। इसके अलावा उसने दिल्ली पहुंचे इजरायली दूत की बातों का भी खंडन किया है। इजरायली दूत ने पाकिस्तान को एक ‘रोग देश’ बताया था।
भारत को लेकर क्या कहा
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के अधिकारी ताहिर हुसैन अंदराबी ने अपने देश का बचाव किया। उन्होंने अमेरिकी इंटेलिजेंस चीफ गाबार्ड के बयान पर विरोध जताया। उन्होंने कहाकि पाकिस्तान के परमाणु हथियार पूरी तरह से रक्षात्मक हैं। इनका उद्देश्य देश की संप्रभुता की रक्षा करना और दक्षिण एशिया में शांति और स्थिरता स्थापित करना है। ताहिर हुसैन ने आगे कहाकि पाकिस्तान का मिसाइल कार्यक्रम भारत से खतरों से निपटने के लिए है। इसके साथ ही उन्होंने भारत के मिसाइल कार्यक्रम पर सवाल भी खड़े किए। उन्होंने कहाकि भारतीय मिसाइलों का लक्ष्य 12,000 किलोमीटर से अधिक है, जो पड़ोसी देशों के साथ-साथ अन्य के लिए भी चिंता की बात है।
गाबार्ड ने क्या कहा था
इससे पहले अमेरिका की राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गाबार्ड ने पाकिस्तान के मिसाइल कार्यक्रम को अमेरिका के लिए एक बड़ा संभावित खतरा बताया था। सीनेट में खुफिया समिति के समक्ष 2026 वार्षिक खतरा मूल्यांकन (एनुअल थ्रेट असेसमेंट) रिपोर्ट पेश करते हुए, गबार्ड ने रूस, चीन, उत्तर कोरिया और ईरान के साथ पाकिस्तान को भी उन देशों के रूप में शामिल किया, जो तेजी से परिष्कृत मिसाइल प्रणाली विकसित कर रहे हैं और अमेरिका के लिए संभावित बड़े खतरे हो सकते हैं। उन्होंने कहाकि रूस, चीन, उत्तर कोरिया, ईरान और पाकिस्तान परमाणु और पारंपरिक पेलोड के साथ कई नवीन, उन्नत या पारंपरिक मिसाइल प्रणालियों पर शोध और विकास कर रहे हैं। इन मिसाइलों की पहुंच हमारे अपने देश तक हो सकती है।
34 पेज की रिपोर्ट
गाबार्ड ने यह भी कहा था कि पाकिस्तान के लंबी दूरी के बैलिस्टिक मिसाइल विकास में संभावित रूप से आईसीबीएम (इंटरकांटिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल) शामिल हो सकते हैं जो हमारी मातृभूमि पर हमला करने की क्षमता रखते हैं। अमेरिकी खुफिया अधिकारियों ने 34 पृष्ठों की रिपोर्ट में कहा कि पाकिस्तान उन्नत मिसाइल तकनीक पर काम कर रहा है, जिससे दक्षिण एशिया से परे क्षेत्रों को निशाना बनाने की उसकी क्षमता का विस्तार हो रहा है। मूल्यांकन में चेतावनी दी गयी है कि यदि वर्तमान रुझान जारी रहे, तो पाकिस्तान अंततः अमेरिका तक पहुँचने में सक्षम अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइलें विकसित कर सकता है।
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