Source :- LIVE HINDUSTAN
Harmful Things For Heart Health: आपकी हार्ट हेल्थ के लिए केवल गलत खानपान और लाइफस्टाइल ही नहीं बल्कि ये चीजें भी खतरनाक हो सकती हैं। न्यूयार्क बेस्ड डॉक्टर ने 1 से 10 तक की रैंक देकर बताया हार्ट के लिए हार्मफुल चीजें।
हार्ट को हेल्दी रखना है तो लाइफस्टाइल के साथ खान-पान की आदतों में सुधार की काफी ज्यादा जरूरत होती है। लेकिन राइट इटिंग और राइट लाइफस्टाइल के बाद भी काफी सारे लोग हार्ट फेलियर, हार्ट स्ट्रोक, हार्ट अटैक और कॉर्डियोवस्कुलर जैसी डिसीज के शिकार हो जाते हैं। दरअसल, लाइफस्टाइल के कई सारे फैक्टर हार्ट की हेल्थ के साथ वर्क करते हैं। न्यूयार्क के हार्ट सर्जन जेरेमी लंदन ने दिल की सेहत को नुकसान पहुंचाने वाली ऐसी ही कुछ चीजों को शेयर किया है। जो हार्ट हेल्थ को खराब कर सकती हैं। साथ ही इन चीजों को 1 से लेकर 10 तक की रैंकिंग भी दी है।
सीड ऑयल
सीड ऑयल हार्ट हेल्थ को कितना खराब कर सकता है। इसके लिए डॉक्टर ने 3 रैंकिंग दी है। उनका मानना है कि इन ऑयल के कंज्म्पशन से ओबेसिटी का खतरा ज्यादा होता है।
मोटापा
डॉक्टर ने हार्ट हेल्थ को नुकसान पहुंचाने वाली चीजों में मोटापा यानि ओबेसिटी को 9 नंबर दिए हैं। शरीर में जमा हो रहा विसरल फैट इंफ्लेमेशन बढ़ाता है,टाइप 2 डायबिटीज का रिस्क बढ़ाता है और इन सबके साथ हार्ट डिसीज का रिस्क भी बढ़ जाता है।
हाई ब्लड प्रेशर
हार्ट हेल्थ के लिए सबसे खराब और खतरनाक है हाई ब्लड प्रेशर, डॉक्टर ने इसे पूरे 10 रैंक दिए हैं। हाई ब्लड प्रेशर की वजह से हार्ट डिसीज का रिस्क सबसे ज्यादा होता है। हाई बीपी को साइलेंट किलर बोला जाता है जो धीरे-धीरे शरीर को नुकसान पहुंचाता है। इसलिए अपने ब्लड प्रेशर को कम रखने की कोशिश करें, रोजाना एक्सरसाइज,साबुत अनाज वाले फूड्स को ज्यादा खाएं और साथ ही पर्याप्त मात्रा में आराम जरूर करें।
शिफ्ट वर्क
सुनकर आश्चर्य होगा लेकिन हार्ट सर्जन ने अलग-अलग शिफ्ट में काम करने वाले लोगों के मौत के रिस्क को ज्यादा बताया है। जितनी ज्यादा लंबी शिफ्ट में काम करते हैं उतना ज्यादा उनके लिए खतरा होता है। इससे बचने का तरीका है कि अपनी शिफ्ट के घंटों को बदलें। डॉक्टर ने शिफ्ट वर्क को हार्ट हेल्थ के लिए 7 रैंक दिए हैं।
लो कॉर्डियोवस्कुलर (VO2)
लो कॉर्डियोवस्कुलर एफिसिएंसी (VO2) को हार्ट सर्जन ने पूरे 10 रैंक दिए हैं। ये हार्ट हेल्थ के लिए खतरनाक है। वीओ2 का मतलब है कॉर्डियोवस्कुलर क्षमता को मापना, हार्ट को पर्याप्त न्यूट्रिशन और ऑक्सीजन की सप्लाई टिश्यू के जरिए मिल रही है या नहीं इसको मापना ही VO2 है। अगर ये VO2 कम होगा तो मौत का रिस्क हाई होगा वहीं अगर ये हाई होगा तो मौत का रिस्क कम होगा। रोजाना एक्सरसाइज और एक दिन हाई इंटेसिटी एक्सरसाइज करन से वीओ2 को शिफ्ट किया जा सकता है। जिससे रिस्क कम होता है।
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