Home व्यापार समाचार नौकरी करने वालों की फेवरेट स्कीम…ज्यादा मुनाफा के लिए 5 तारीख तक...

नौकरी करने वालों की फेवरेट स्कीम…ज्यादा मुनाफा के लिए 5 तारीख तक कर लें ये काम

11
0

Source :- LIVE HINDUSTAN

इस स्कीम के निवेशकों के लिए हर महीने की 5 तारीख काफी अहम है। इस तारीख तक आपने PPF अकाउंट में पैसे जमा कर दिए तो उस महीने का ब्याज का फायदा आपको मिलेगा। अगर आप यह समय सीमा चूक जाते हैं तो उस महीने का ब्याज नहीं मिलेगा।

नौकरीपेशा लोगों के बीच लोकप्रिय पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) में निवेश करते हैं तो ये खबर आपके काम की हो सकती है। दरअसल, इस स्कीम के निवेशकों के लिए हर महीने की 5 तारीख काफी अहम है। इस तारीख तक आपने PPF अकाउंट में पैसे जमा कर दिए तो उस महीने का ब्याज का फायदा आपको मिलेगा। अगर आप यह समय सीमा चूक जाते हैं तो उस महीने का ब्याज नहीं मिलेगा। कहने का मतलब है कि हर महीने की 5 तारीख से पहले PPF अकाउंट में निवेश करने से आपको अपना रिटर्न ज्यादा से ज्याद करने में मदद मिलती है।

कितनी है ब्याज दर?

आपके PPF अकाउंट में जमा पैसे पर 7.1% ब्याज मिलता है। सरकार हर साल ब्याज दर तय करती है और 31 मार्च को इसे आपके अकाउंट में जोड़ देती है लेकिन इसकी गणना हर महीने की जाती है। अगर आप हर महीने की 5 तारीख से पहले अपने PPF अकाउंट में निवेश करते हैं तो आपकी जमा राशि को उस महीने के ब्याज की गणना में शामिल किया जाएगा। ऐसे में जो निवेशक PPF में एकमुश्त निवेश करने की सोच रहे हैं उन्हें 5 अप्रैल से पहले ऐसा करना चाहिए। वहीं, मासिक किस्तों में भी यही नियम लागू होता है। आपको हर महीने की 5 तारीख से पहले पैसे जमा कर देने चाहिए।

स्कीम की डिटेल

यह योजना सरकारी गारंटी वाली है, जिसमें कोई बाजार जोखिम नहीं होता और इसमें टैक्स लाभ भी मिलता है। योजना में न्यूनतम ₹500 और अधिकतम ₹1.5 लाख प्रति वित्तीय वर्ष (1 अप्रैल से 31 मार्च) तक जमा किया जा सकता है। यह रकम एकमुश्त या अधिकतम 12 किस्तों में जमा करने की सुविधा है। यह स्कीम 15 वर्ष की लॉक-इन अवधि वाली है। इस स्कीम को मैच्योरिटी के बाद 5-5 वर्ष के लिए बढ़ाया जा सकता है।

कोई भी भारतीय निवासी इस खाते को किसी भी बैंक या पोस्ट ऑफिस में खोल सकता है। कई बैंक ऑनलाइन भी इस अकाउंट को खोलने और पैसे डिपॉजिट करने की सुविधा देते हैं। टैक्स लाभ के तहत पुरानी टैक्स व्यवस्था में धारा 80C के अंतर्गत ₹1.5 लाख तक की जमा राशि पर डिडक्शन मिलता है। वहीं, पहले 5 वर्षों में कोई निकासी नहीं की जा सकती। हालांकि, कुछविशेष परिस्थितियों में 6वें वर्ष से आंशिक निकासी की अनुमति है। पीपीएफ अकाउंट पर लोन की सुविधा भी मिलती है। बता दें कि सरकार हर तिमाही आधार पर पीपीएफ समेत अन्य छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दर पर फैसला लेती है। पीपीएफ की ब्याज दर लंबे समय से स्थिर है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN