Source :- LIVE HINDUSTAN
https://www.livehindustan.com/lh-img/smart/img/2026/03/27/1200x900/deepak_tijori_1774584743239_1774584743413.jpgएक्टर दीपक तिजोरी ने धुरंधर 2 में गालियों के इस्तेमाल पर सवाल उठाया है। उनका कहना है कि आधी गाली म्यूट करके सेंसर बोर्ड ने किसे बचाने की कोशिश की है। उन्होंने लिखा है कि ओटीटी पर तो पूरी गाली होती है और बच्चे भी देखते हैं।
धुरंधर 2 की एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री से कई लोग तारीफ कर रहे हैं। इस बीच दीपक तिजोरी का एक इंस्टाग्राम पोस्ट वायरल हो रहा है। इसमें उन्होंने सीबीएफसी पर सवाल उठाए हैं। दीपक का कहना है कि आधी गाली म्यूट करने का सेंस समझ नहीं आया। वहीं जब फिल्म ओटीटी पर आती है तो यह अनसेंसर्ड होती है। तब बच्चे भी दखते हैं।
दीपक तिजोरी ने उठाए सवाल
दीपक तिजोरी ने गुरुवार को इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट किया। इसमें धुरंधर पार्ट 2 द रिवेंज का एक पोस्टर लगाकर लिखा, ‘मैं मानता हूं… हो सकता है मैंने कुछ मिस कर दिया हो। हो सकता है कि मेरे पास उस तरह का ज्ञान ना हो जो कि सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन CBFC या इसके बोर्ड मेंबर्स के पास होता है।’
आधी गालियां क्यों की गईं म्यूट
दीपक आगे लिखते हैं, ‘मुझे सच में यह समझ नहीं आता कि आधी गालियां क्यों म्यूट की गई हैं और आधी रहने दीं? की जगहों पर पूरी गालियां हैं या कुछ पूरी म्यूट? खासकर फिल्म को जब 18+ सर्टिफिकेट मिला हो, जिसका साफ मतलब है कि यह अडल्ट्स के लिए है। तो हम लोग यहां बचा किसे रहे हैं और किस चीज से… आधे शब्द से?’
ओटीटी पर अनम्यूट रिलीज होती है फिल्म
दीपक ने लिखा, फिर वो पार्ट आता है जो मुझे वाकई में कन्फ्यूज करता है- यही फिल्म एक या दो महीने में ओटीटी पर रिलीज हो जाती है… पूरी तरह से अनम्यूट, बिना बदली हुई, जैसी कि होनी चाहिए और तब इसे बच्चे घर पर देखते हैं वो भी परिवार के साथ बैठकर, इसमें हर चीज पूरी तरह सुनाई दे रही होती है। तो ईमानदारी से मैं यह चीज समझने की कोशिश कर रहा हूं। थिएटर्स में किसी चीज को अडल्ट्स के लिए आधा म्यूट करना कितनी समझदारी है जबकि वही चीज बाद में घर पर फुल वॉल्यूम में बजती है। हो सकता है इसमें कुछ लॉजिक हो जो मैं नहीं देख पा रहा, या हो सकता कि हम गलत चीजों को ज्यादा सोच रहे हों। बस सीबीएफसी और सिनेमा का लॉजिक समझने की कोशिश कर रहा हूं।
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