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दुख, बमबारी और नारेबाजी; खामेनेई की मौत के बाद कैसा बीता ईरान का पहला जुमा

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Source :- LIVE HINDUSTAN

इजरायल  और अमेरिका के हमलों  में मारे गए ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई के बिना इस्लामिक गणराज्य का यह पहला जुमा था। राजधानी तेहरान के साथ-साथ कई बड़े शहरों में हमलों के बीच लोगों ने जुमे की नमाज अदा की और अमेरिका और इजरायल के खिलाफ नारेबाजी की।

अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमले को आज 6 दिन पूरे हो गए हैं। इस्लामिक गणराज्य ईरान के समर्थकों के लिए यह रमजान का पहला जुमा था, जब उनके सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामेनेई इस दुनिया में नहीं थे। राजधानी तेहरान समेत कई शहरों में जारी बमबारी के बीच ईरान के लोगों ने अपने नेता को याद किया और बड़ी संख्या में जुमे की नमाज के लिए इकट्ठा हुए। इस दौरान उनके हाथों में खामेनेई के पोस्टर थे, और वह लगातार उनके समर्थन में नारे लगा रहे थे।

अलजजीरा कि रिपोर्ट के मुताबिक शुक्रवार को जुमे की नमाज के लिए जमा हुए लोगों ने जमकर इजरायल और अमेरिका विरोधी नारे लगाए। यह सब उस समय पर हुआ, जब अमेरिकी और इजरायली विमान लगातार ईरान के एयरस्पेस में मंडरा रहे हैं। लगातार होती बमबारी के बावजूद भी लोगों की भीड़ कम नहीं हुई। जुमे की नमाज के पहले लोग ईरानी झंडे को लहराते हुए नजर आए, जो कि इस्लामिक सरकार के प्रति उनके समर्थन को दिखाता है।

हजारों की संख्या में जुटी भीड़

ईरानी मीडिया द्वारा साझा किए गए एक वीडियो में राजधानी तेहरान में इमाम खुमैनी ग्रांड मस्जिद के बाहर हजारों की संख्या में लोग काले कपड़े पहनकर मैदान में आते हुए दिखाई दिए। एक वीडियो के जरिए लाउडस्पीकर पर एक व्यक्ति को खामेनेई को श्रद्धांजलि देते हुए सुना जा सकता है, जिसमें वह कहता है, “वह हमारे समय के सबसे मजहबी और नेतृत्व के प्रतीक थे।”

इसी वीडियो में जब इमाम लोगों को संबोधित कर रहे थे, तो उसी दौरान लोग अपनी-अपनी चटाइयों पर बैठे रोते हुए भी नजर आ रहे थे। कुछ दिनों पहले भी ईरान की एक मस्जिद की एक पुरानी वीडियो भी वायरल है, जिसमें मस्जिद के शाही इमाम परंपरा के अनुसार संबोधन के अंत में सुप्रीम लीडर को स्वस्थ बनाए रखने की दुआ मांगते हैं, लेकिन जैसे ही उन्हें याद आता है कि वह अब इस दुनिया में नहीं है, तो वह अपना सिर पीटकर रोने लगते हैं, उनके साथ ही वहां मौजूद लोग भी रोने लगते हैं।

ईरान के बड़े शहरों में प्रदर्शन

राजधानी तेहरान के अलावा जाहेदान, बोरुजेर्ड और इलाम में भी हजारों की संख्या में लोग इस्लामिक गणराज्य के समर्थन में अपनी आवाज को उठाते हुए नजर आए। जुमे की नमाज के बाद कई जगहों पर लोगों ने अमेरिका और इजरायल के युद्ध के खिलाफ ईरानी झंड़ा लेकर प्रदर्शन किया। लोगों का यह विरोध ऐसे समय में हो रहा है, जब लगभग सभी शहरों पर लगातार हमले जारी है। रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी और इजरायली फौजों ने हाल में तेहरान के ऊपर हमलों को और भी ज्यादा तेज कर दिया है। इसमें एक सैन्य अकादमी, राजनैतिक कार्यालयों और रिहायशी इमारतों को भी निशाना बनाया जा रहा है।

अल अक्सा मस्जिद में जुमे की नमाज रद्द

ईरान में जारी हमलों के दौरान इजरायल ने पूर्व यरुशलम में मौजूद अल अक्सा मस्जिद में जुमे की नमाज को रद्द कर दिया है। गौरतलब है कि अल अक्सा मस्जिद को इस्लाम का तीसरा सबसे पवित्र स्थल माना जाता है। इजरायली प्रशासन की तरफ से कहा गया कि युद्ध और ईरान की तरफ से किए जा रहे हमलों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है, वहीं दूसरी तरफ अल अक्सा के वरिष्ठ इमाम इकरिमा सबरी ने कहा, “कब्जा करने वाली ताकतों ने हर मौके का इस्तेमाल अल-अक्सा को बंद करने के लिए किया है और यह बिल्कुल गलत है।”

आपको बता दें, इस युद्ध की वजह से पूरे पश्चिम एशिया में असुरक्षा का माहौल पैदा हो गया है। अमेरिका और इजराय की तरफ से रमदान के पवित्र महीने में किए गए इस हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई और हजार से ज्यादा ईरानी नागरिकों की मौत हो गई है। दूसरी तरफ ईरान की तरफ से किए जा रहे पलटवार में भी कई लोगों की जान गई है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से साफ कह दिया गया है कि ईरान के साथ बिना शर्त सरेंडर के अलावा किसी और समझौते पर कोई बात नहीं होगी। इस वजह से इस युद्ध के लंबा चलने की आशंका बढ़ गई है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN