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डॉक्टर बोले- पैरेंट्स को बच्चों से कभी नहीं पूछने चाहिए ये 5 सवाल, कॉन्फिडेंस पर पड़ता है असर!

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Source :- LIVE HINDUSTAN

Parenting Tips: पीडियाट्रिशियन बताते हैं कि अगर आप चाहते हैं कि आपका बच्चा आप पर भरोसा करे और मानसिक रूप से मजबूत बने, तो यह समझना जरूरी है कि कुछ ऐसे सवाल हैं, जो भूलकर भी बच्चों से नहीं पूछना चाहिए।

हर पैरेंट्स चाहते हैं कि उनका बच्चा खुश रहे, आत्मविश्वासी बने और बिना झिझक उनसे अपनी हर बात शेयर करे। लेकिन कई बार जाने-अनजाने में पेरेंट्स बच्चों से कुछ ऐसे सवाल पूछ बैठते हैं, जो बच्चे के मन को चोट पहुंचा सकते हैं। हालांकि ये सवाल बहुत कॉमन से हैं, जिन्हें अक्सर हर मां-बाप अपने बच्चे से पूछ लेते हैं और उन्हें लगता है कि वो अपने बच्चे को सही रास्ता दिखा रहे हैं, जबकि इसका परिणाम बिल्कुल अलग होता है। कई बार इन्हीं सवालों की वजह से बच्चा अंदर ही अंदर दबाव, डर या असुरक्षा महसूस करने लगता है। पीडियाट्रिशियन डॉ. अजय प्रकाश बताते हैं कि बच्चों की अच्छी परवरिश में सिर्फ प्यार देना ही काफी नहीं होता, बल्कि उनसे कैसे बात की जाती है यह भी उतना ही जरूरी है। अगर आप चाहते हैं कि आपका बच्चा आप पर भरोसा करे और मानसिक रूप से मजबूत बने, तो यह समझना जरूरी है कि कुछ ऐसे सवाल हैं, जो भूलकर भी बच्चों से नहीं पूछना चाहिए।

मम्मी या पापा, किससे है ज्यादा प्यार?

डॉ. अजय प्रकाश के अनुसार जब आप बच्चे से पूछते हैं कि वह मम्मी या पापा में किसे ज्यादा प्यार करता है, तो यह सवाल भले ही मजाक में पूछा जाए, लेकिन बच्चे के दिमाग पर इसका गहरा असर पड़ता है। बच्चा खुद को एक ऐसी स्थिति में पाता है जहां उसे दो सबसे करीबी लोगों में से किसी एक को चुनना पड़ रहा है। इससे उसके मन में तनाव पैदा हो सकता है। ऐसे में बेहतर तरीका यह है कि आप उससे ये सवाल पूछें के बजाय यह कहें कि वह खुशकिस्मत है कि उसे मम्मी और पापा दोनों का प्यार मिल रहा है। इससे बच्चा सुरक्षित महसूस करेगा।

बड़े होकर क्या बनोगे?

अक्सर हम बच्चों से पूछते हैं कि बड़े होकर क्या बनोगे, लेकिन डॉक्टर बताते हैं कि छोटे बच्चों का दिमाग अभी खुद को समझने की प्रक्रिया में होता है। ऐसे में यह सवाल उन्हें स्ट्रेस दे सकता है। इसकी जगह आप उनसे यह पूछ सकते हैं कि उन्हें आजकल किस चीज में मजा आ रहा है या वे क्या नया सीख रहे हैं। इस तरह की बातचीत बच्चे को अपनी पसंद बताने का मौका देती है और वह बिना डर के अपनी सोच व्यक्त करता है।

बच्चे की एक्टिविटी को गलत समझना

अगर बच्चा ज्यादा हिलता-डुलता है या एक जगह नहीं बैठ पाता, तो उसे डांटने की बजाय उसकी जरूरत समझनी चाहिए। डॉ. अजय प्रकाश कहते हैं कि बच्चों के लिए मूवमेंट बहुत जरूरी होता है क्योंकि इससे उनका शरीर और दिमाग संतुलित रहता है। आप उसे यह कह सकते हैं कि अगर उसे थकान लग रही है तो वह थोड़ा ब्रेक ले सकता है या थोड़ा चल-फिर सकता है। इससे बच्चा खुद को कंट्रोल करने की कोशिश भी सीखता है।

बच्चे को ‘बड़ा हो गया है’ कहकर शर्मिंदा ना करें

कई बार जब बच्चा रोता है या जिद करता है तो हम कह देते हैं कि अब तुम बड़े हो गए हो, बच्चों जैसी हरकत मत करो। डॉ. अजय बताते हैं कि जब बच्चा स्ट्रेस में होता है तो उसका व्यवहार फिर से छोटे बच्चों जैसा हो सकता है, जो बिल्कुल नॉर्मल बात है। ऐसे समय में उसे डांटने की बजाय यह कहना ज्यादा सही है कि तुम्हें अगर किसी हेल्प की जरूरत है तो मैं तुम्हारे साथ हूं। इससे बच्चा इमोशनली स्ट्रांग फील करेगा।

‘तुम्हें क्या हो गया है, तुम ऐसे बिहेव क्यों कर रहे हो’ ऐसे सवाल ना करें

जब बच्चा कुछ गलत करता है तो गुस्से में हम पूछ लेते हैं कि तुम्हें क्या हो गया है या तुम ऐसे क्यों कर रहे हो। डॉक्टर के अनुसार बच्चा इसे रिजेक्ट किए जाने जैसा फील कर सकता है। इसकी बजाय आप शांत रहकर यह कह सकते हैं कि आप समझ रहे हैं कि वह परेशान है और आप उसकी मदद करना चाहते हैं। इस तरह बच्चा अपनी समस्या आपको बेझिझक बताएगा।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN