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डेंटिस्ट ने बताया मुंह से जुड़ी इन आदतों को छोड़ दें, हेल्थ कर सकती हैं खराब

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Source :- LIVE HINDUSTAN

Oral Health Habits: हेल्दी रहना है तो मुंह से जुड़ी आदतों पर भी फोकस करना जरूरी है। जैसे दांतों में बार-बार ब्रश करना, खर्राटे लेना या बच्चों का मुंह से सांस लेना। मुंह से जुड़ी इन आदतों को छोड़ दें जो हेल्थ को खराब कर सकती हैं। 

हेल्दी रहने के क्रम में दांतों की हेल्थ भी शामिल रहती है। क्योंकि खराब ओरल हेल्थ कई सारी बीमारियों को न्योता देती है। जिसमे हार्ट की बीमारियां तक शामिल हैं। इसके बावजूद काफी सारे लोग अपने दांतों को इग्नोर करते हैं या सिर्फ दो बार ब्रश करने को ही बेस्ट समझते हैं। उन्हें लगता है कि चूंकि वो दो टाइम ब्रश कर रहे इसलिए उनके दांत, मसूड़े सब स्वस्थ रहेंगे। जबकि ऐसा नहीं है, काफी सारे लोग डेली रूटीन में ऐसी आदतों के शिकार होते हैं जो चुपके-चुपके ना केवल दांतों की हेल्थ को खराब करता है बल्कि ओवरऑल हेल्थ को भी नुकसान पहुंचाता है। यूएस बेस्ड डेंटिस्ट डॉक्टर मार्क बरहेनी ने ऐसी ही कुछ आदतों को शेयर किया है जो हेल्थ को साइलेंटली खराब करती हैं।

एंटीबैक्टीरियल माउथवॉश का इस्तेमाल

डेंटिस्ट का कहना है कि माउथवॉश का इस्तेमाल ना केवल मुंह के माइक्रोबियम को खत्म कर देता है बल्कि हेल्दी बैक्टीरिया को खत्म कर ब्लड प्रेशर को भी बढ़ाता है। डॉक्टर ने बताया कि माउथवॉश की बजाय पुराने समय से बताए जा रहे आयुर्वेदिक प्रैक्टिस ऑयल पुलिंग को करें।

खाने के फौरन बाद ब्रश ना करें

काफी सारे लोग सोचते हैं कि खाने के फौरन बाद ब्रश करेंगे तो सारे खाने के कण निकल जाएंगे। जबकि ऐसा करना पूरी तरह गलत है क्योंकि ब्रश की वजह से दांतों की इनैमल खराब हो जाएगी।

बच्चे की माउथ ब्रीदिंग को इग्नोर करना

बचपन में ज्यादातर पैरेंट्स बच्चों के मुंह से सांस लेने की आदत को इग्नोर करते हैं। जबकि ये आदत कई सारी हेल्थ प्रॉब्लम को न्योता देता है। मुंह खोलकर सांस लेने से सिर का पोश्चर बिगड़ता है, डार्क सर्कल बनते हैं जो हेल्थ के लिए सही नहीं।

दांतों को हर महीने व्हाइट करने की कोशिश ना करें

अगर आप दांतों को सफेद रखने के लिए अक्सर टीथ व्हाइटनिंग का इस्तेमाल करते हैं। तो ये आदत बुरी साबित हो सकती है क्योंकि ऐसा करने से दांतों के इनैमल घिस जाते हैं और फिर दोबारा से नहीं आते। वहीं पैराक्साइड सेंसेटिविटी से होने वाला डैमेज कभी ठीक नहीं होता।

खर्राटों को साधारण समझना

काफी सारे लोग खर्राटों को नॉर्मल समझते हैं। जबकि ये पूरी तरह से चिंता की बात है। खर्राटों के आने का मतलब है कि सांस की नली में रुकावट है। जो कि हार्ट डिसीज और मेटाबॉलिक डिसफंक्श से जुड़ा है।

ब्रशिंग के बाद कुल्ला ना करना

डेंटिस्ट का कहना है कि काफी सारे लोग ब्रश करने के बाद मुंह को धुलते हैं। जबकि बेस्ट तरीका कुल्ला करने का है क्योंकि फ्लूराइड को दांतों पर काम करने के लिए समय चाहिए होता है। अगर इसे धो दिया जाए तो ब्रश करने का मेन मकसद ही खत्म हो जाता है।

दांतों के दर्द का इंतजार करना

ज्यादातर लोग जब तक दांतों में दर्द नहीं होता डेंटिस्ट के पास नहीं जाते। जबकि कैविटी के होते ही डेंटिस्ट के पास जाना चाहिए जिससे कैविटी को कंट्रोल किया जा सके।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN