Home विश्व समाचार डुबो देंगे अमेरिकी वॉरशिप, मिसाइलें तैयार; ईरान ने भरी आयरिस डेना के...

डुबो देंगे अमेरिकी वॉरशिप, मिसाइलें तैयार; ईरान ने भरी आयरिस डेना के बदले की हुंकार

8
0

Source :- LIVE HINDUSTAN

ईरान ने आयरिस डेना पर हुए हमले का बदला लेने का ऐलान किया है। ईरानी नेवी ने कहाकि जैसे ही अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर अब्राहम लिंकन, उसकी सीमावर्ती मिसाइलों की रेंज में आएगा, वह इस पर हमला बोल देगा। ईरान के सरकारी मीडिया प्रेस टीवी ने इसकी जानकारी दी।

ईरान ने आयरिस डेना पर हुए हमले का बदला लेने का ऐलान किया है। ईरानी नेवी ने कहाकि जैसे ही अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर अब्राहम लिंकन, उसकी सीमावर्ती मिसाइलों की रेंज में आएगा, वह इस पर हमला बोल देगा। ईरान के सरकारी मीडिया प्रेस टीवी ने इसकी जानकारी दी। इसके मुताबिक, ईरान के नौसेना कमांडर रियर एडमिरल शाहराम ईरानी ने कहाकि ईरान अब्राहम लिंकन विमानवाहक पोत की हर हरकत पर बारीकी से नजर रख रहा है। उन्होंने आगे कहाकि पूर्वी हिंद महासागरीय जलडमरूमध्य और ओमान सागर-जो जलडमरूमध्य और फारस की खाड़ी का दरवाजा है-पूरी तरह से ईरानी नौसेना के नियंत्रण में है।

क्या हुआ था आयरिस डेना के साथ
आयरिस डेना को 4 मार्च को श्रीलंका के दक्षिण में डुबो दिया गया था। इसे गाले के पास, 20 समुद्री मील पश्चिम में अमेरिकी पनडुब्बी ने टॉरपीडो से मार गिराया गया था। एक अनुमान के मुताबिक इस हमले में आयरिस डेना पर सवार 180 चालकों में से 80 से अधिक की मौत हो गई थी। वहीं, बचाए गए अन्य लोगों को श्रीलंकाई सेना ने अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया था। भारतीय नौसेना ने ईरानी फ्रिगेट आयरिस डेना के लिए श्रीलंका के नेतृत्व वाले खोज और बचाव अभियानों में मदद के लिए आईएनएस तरंगिणी और आईएनएस इक्षमक के साथ-साथ अपने P8I जैसी समुद्री गश्ती विमान तैनात किए थे।

2500 अमेरिकी मरीन सैनिक पहुंचे
इस बीच पश्चिम एशिया में एक माह से जारी संघर्ष के बीच अमेरिका के लगभग 2,500 मरीन सैनिक इस क्षेत्र में पहुंच गए हैं और इसके साथ ही यहां पिछले दो दशकों में अमेरिका की सबसे बड़ी सैन्य तैनाती हो गई है। इसके अलावा, 82वीं ‘एयरबोर्न डिवीजन’ के कम से कम 1,000 ‘पैराट्रूपर्स’ को भी पश्चिम एशिया भेजने का आदेश दिया गया है, जो दुश्मन के इलाके में उतरकर अहम ठिकानों और हवाई पट्टियों को सुरक्षित करने में सक्षम हैं। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहाकि अमेरिका जमीनी बल उतारने के साथ ही अपने सभी उद्देश्यों को हासिल कर सकता है।

रिवोल्यूशनरी गार्ड का बयान
इस बीच सरकारी मीडिया ने खबर में बताया कि अर्धसैनिक बल ‘रिवोल्यूशनरी गार्ड’ ने एक बयान में चेतावनी दी कि यदि ईरानी विश्वविद्यालयों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई, तो क्षेत्र में मौजूद इजरायली विश्वविद्यालयों और अमेरिकी विश्वविद्यालयों के परिसर को सीधे तौर पर निशाना बनाया जाएगा।

रिवोल्यूशनरी गार्ड ने कहाकि अगर अमेरिका सरकार चाहती है कि क्षेत्र में उसके विश्वविद्यालय सुरक्षित रहें, तो वह सोमवार 30 मार्च दोपहर 12 बजे तक आधिकारिक बयान जारी कर (ईरानी) विश्वविद्यालयों पर हो रहे हमलों की निंदा करे। इसके साथ ही इसने अमेरिका से यह भी मांग की कि वह इजराइल को ईरानी विश्वविद्यालयों और शोध केंद्रों पर हमले करने से रोके, जिन पर हाल के दिनों में लगातार हमले हुए हैं।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN