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ट्रंप के सैनिक शार्कों का बनेंगे भोजन; जमीन पर उतरने से पहले ईरान की अमेरिका को खुली धमकी

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Source :- LIVE HINDUSTAN

मिडिल ईस्ट अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच लगभग एक महीने से जारी युद्ध के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। अमेरिका अब ईरान में जमीनी सैन्य अभियान की तैयारी कर रहा है, जबकि तेहरान ने कड़ी चेतावनी देते हुए अमेरिकी सैनिकों को फारस की खाड़ी के शार्कों का शिकार बनने की धमकी दी है।

मिडिल ईस्ट अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच लगभग एक महीने से जारी युद्ध के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। अमेरिका अब ईरान में जमीनी सैन्य अभियान की तैयारी कर रहा है, जबकि तेहरान ने कड़ी चेतावनी देते हुए अमेरिकी सैनिकों को फारस की खाड़ी के शार्कों का शिकार बनने की धमकी दी है। ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल इब्राहिम जोल्फागारी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सीधे चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर अमेरिका ईरान में जमीनी हमला करने या फारस की खाड़ी के किसी द्वीप, खासकर महत्वपूर्ण खर्ग द्वीप पर कब्जा करने की कोशिश करता है, तो अमेरिकी सैनिकों को अपमानजनक हार, कैद और अंग-भंग का सामना करना पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि अमेरिकी सैनिक फारस की खाड़ी के शार्कों के लिए अच्छा खुराक साबित होंगे। इस्लाम के योद्धा लंबे समय से ऐसे आक्रामक कदम का इंतजार कर रहे हैं। इस दौरान जोल्फागारी ने ट्रंप पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि वे जेफ्री एपस्टीन कांड में अपनी संलिप्तता के कारण मोसाद के ब्लैकमेल का शिकार हैं और इजरायली प्रधानमंत्री के इशारों पर नाच रहे हैं। उन्होंने ट्रंप को ‘दुनिया के सबसे बेईमान राष्ट्रपति’ करार दिया और उनकी नीतियों को अस्थिर तथा अव्यवहारिक बताया।

दूसरी ओर ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकिर कालिबफ ने रविवार को अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि ईरानी सेनाएं जमीन पर उतरने वाले अमेरिकी सैनिकों का इंतजार कर रही हैं, ताकि उन्हें जलाकर राख कर दिया जाए और उनके क्षेत्रीय सहयोगियों को सजा दी जाए। कालिबफ ने कहा कि हमारी गोलाबारी जारी है, मिसाइलें तैनात हैं और हमारा संकल्प और मजबूत हो गया है। अगर अमेरिकी सेना ईरानी जमीन पर उतरी तो क्षेत्र में मौजूद उनके सैनिकों और सहयोगियों के खिलाफ कड़ा जवाबी हमला होगा।

उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका की 15 सूत्रीय योजना को, जिसे पाकिस्तान ने हाल ही में ईरान को सौंपा था, ‘ट्रंप प्रशासन की इच्छाएं’ बताते हुए खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि जब तक अमेरिका ईरान को आत्मसमर्पण के लिए मजबूर करने की कोशिश करता रहेगा, ईरान का जवाब साफ है कि हम अपमान स्वीकार करने से कोसों दूर हैं।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN