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ट्रंप की डेडलाइन ख़त्म होने से पहले ही अमेरिका और ईरान युद्धविराम पर सहमत, दोनों ने पाकिस्तान को शुक्रिया कहा

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Source :- BBC INDIA

डोनाल्ड ट्रंप

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4 घंटे पहले

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पाकिस्तान की मध्यस्थता में अमेरिका और ईरान दो सप्ताह के युद्धविराम पर सहमत हो गए हैं.

दोनों ही पक्षों ने सीज़फ़ायर के लिए पाकिस्तान का शुक्रिया अदा किया है.

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि पाकिस्तान के नेतृत्व के साथ हुई बातचीत के बाद, अगर ईरान होर्मुज़ स्ट्रेट से जहाज़ों की आवाजाही की अनुमति देने पर सहमत हो जाता है, तो अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम हो जाएगा. उन्होंने कहा, “मैं ईरान पर बमबारी और हमले को दो हफ्तों के लिए रोकने पर सहमत हूं.”

ट्रंप ने कहा कि इस युद्धविराम पर दोनों पक्ष सहमत हैं. ट्रंप की ‘ईरान पर विनाशकारी हमले’ की डेडलाइन भारतीय समयानुसार बुधवार सुबह 5.30 बजे ख़त्म हो रही थी. इसके ठीक 10 मिनट पहले ही पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने एलान किया कि ये सीज़फ़ायर ‘तत्काल प्रभाव’ से लागू हो गया है.

ट्रंप ने आगे कहा कि वह इस दो हफ्ते के युद्धविराम के लिए तभी सहमत होंगे, जब इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान होर्मुज़ स्ट्रेट को पूरी तरह, तुरंत और सुरक्षित तरीके से खोलने पर राज़ी हो जाए.

वहीं ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराग़ची ने भी घोषणा की है कि अगर ईरान पर हमले रोक दिए जाते हैं, तो ईरान युद्धविराम के लिए सहमत होगा.

डोनाल्ड ट्रंप का बयान

उन्होंने आगे कहा, “दो हफ़्ते के पीरियड के दौरान होर्मुज़ स्ट्रेट से जहाज़ों की सुरक्षित आवाजाही संभव होगी.”

अराग़ची के मुताबिक, ” यह व्यवस्था ईरान की सशस्त्र सेनाओं के साथ समन्वय से लागू की जाएगी और इसमें तकनीकी सीमाओं को भी ध्यान में रखा जाएगा.”

इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के ख़िलाफ़ पांच हफ़्तों से चल रहे अमेरिका-इसराइल युद्ध के दौरान कई डेडलाइन तय कीं, मांगें रखीं और धमकियां दीं.

उन्होंने कहा था कि ईरान पर हमलों का नया दौर बेहद विनाशकारी होगा. यह मंगलवार को वॉशिंगटन समय के अनुसार रात 8 बजे (भारतीय समयानुसार बुधवार सुबह 5.30 बजे) से शुरू हो सकता है. चार घंटे के भीतर देश के हर पुल और पावर प्लांट को “तबाह” कर दिया जाएगा.

क्या बोले ट्रंप

7 अप्रैल को व्हाइट हाउस के सामने ईरान युद्ध के विरोध में रैली निकाली गई

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इससे पहले ट्रुथ सोशल पर अपने लंबे पोस्ट में ट्रंप ने कहा, “पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ और फ़ील्ड मार्शल आसिम मुनीर के साथ हुई बातचीत के आधार पर और क्योंकि उन्होंने मुझसे अनुरोध किया कि आज रात ईरान पर विनाशकारी सैन्य कार्रवाई को फिलहाल रोका जाए-मैं, ईरान पर बमबारी और हमले को दो सप्ताह के लिए रोकने पर सहमत हूं. लेकिन इस शर्त पर कि इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान होर्मुज़ स्ट्रेट को पूरी तरह, तुरंत और सुरक्षित तरीके से खोलने पर सहमत हो.”

उन्होंने कहा, “यह एक दोतरफा युद्धविराम होगा.”

ट्रंप ने इसके पीछे वजह बताते हुए कहा कि अमेरिका अपने सभी सैन्य उद्देश्यों को न सिर्फ हासिल कर चुका है, बल्कि उनसे आगे निकल चुका है, और ईरान के साथ दीर्घकालिक शांति और मध्य पूर्व में स्थाई शांति को लेकर एक निर्णायक समझौते के बहुत करीब पहुंच चुका है.

उन्होंने दावा किया कि ईरान की ओर से 10 बिंदुओं का एक प्रस्ताव मिला है, जिसे बातचीत के लिए एक व्यावहारिक आधार माना जा रहा है. ट्रंप के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच पहले से विवाद के लगभग सभी अहम मुद्दों पर सहमति बन चुकी है, लेकिन यह दो सप्ताह का समय समझौते को अंतिम रूप देने और औपचारिक तौर पर लागू करने के लिए दिया जाएगा.

अंत में ट्रंप ने कहा, “संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति के रूप में, और साथ ही मध्य पूर्व के देशों का प्रतिनिधित्व करते हुए, लंबे समय से चले आ रहे मुद्दे के समाधान के करीब पहुंचना सम्मान की बात है.”

ईरान ने क्या कहा?

अब्बास अराग़ची का बयान

बीबीसी पर्शियन की सीनियर रिपोर्टर ग़ोंचे हबीबीज़ाद के मुताबिक़ ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने शर्तों के साथ युद्धविराम की घोषणा की. उसके बाद एक बयान में कहा है कि समझौते के ब्योरे को अंतिम रूप देने के लिए अधिकतम 15 दिनों के भीतर पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में बातचीत होगी.

बयान में कहा गया कि ये बातचीत इसलिए होगी ताकि “मैदान में ईरान की जीत को राजनीतिक बातचीत में भी मज़बूत किया जा सके.”

ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के बयान के अनुसार अमेरिका ने इन बातों पर सहमति जताई है:

  • ईरान के खिलाफ अपनी “आक्रामक कार्रवाई” दोबारा न करने की गारंटी
  • होर्मुज़ स्ट्रेट पर ईरान का नियंत्रण जारी रहना
  • यूरेनियम संवर्धन (एनरिचमेंट) को स्वीकार करना
  • सभी प्रतिबंध हटाना
  • संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी के सभी प्रस्ताव ख़त्म करना
  • ईरान को मुआवज़ा देना
  • क्षेत्र से अमेरिकी लड़ाकू बलों की वापसी
  • और सभी मोर्चों पर युद्ध रोकना, जिसमें “लेबनान की इस्लामिक रेजिस्टेंस” के खिलाफ कार्रवाई भी शामिल है.

शहबाज़ शरीफ़ ये बोले

डोनाल्ड ट्रंप और शहबाज़ शरीफ़

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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने युद्धविराम होने पर अमेरिका और ईरान का शुक्रिया अदा किया है.

शहबाज़ शरीफ़ ने यह भी बताया है कि 10 अप्रैल को ईरान और अमेरिका के प्रतिनिधि इस्लामाबाद आएंगे, यहां अंतिम समझौते पर बातचीत होगी.

डोनाल्ड ट्रंप ने धमकी दी थी कि अगर ईरान अमेरिका की शर्तें नहीं मानता है तो उस पर विनाशकारी हमले होंगे और उसे तबाह कर दिया जाएगा. उन्होंने ईरान को वॉशिंगटन के समयानुसार मंगलवार रात 8 बजे (भारतीय समयानुसार बुधवार सुबह 5.30 बजे) तक की डेडलाइन दी थी.

इस डेडलाइन के ख़त्म होने से ठीक 10 मिनट पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने एक्स पर लिखा, “मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि ईरान और अमेरिका, अपने सहयोगियों के साथ तुरंत प्रभाव से लेबनान समेत हर जगह युद्धविराम पर सहमत हो गए हैं.”

“मैं इस समझदारी भरे कदम का गर्मजोशी से स्वागत करता हूं और दोनों देशों के नेतृत्व को दिल से धन्यवाद देता हूं. साथ ही मैं उनके प्रतिनिधियों को इस्लामाबाद में शुक्रवार, 10 अप्रैल 2026 को आमंत्रित करता हूं ताकि सभी विवादों को खत्म करने के लिए अंतिम समझौते पर आगे बातचीत हो सके.”

उन्होंने लिखा, “दोनों पक्षों ने अद्भुत समझदारी और दूरदर्शिता दिखाई है, शांति और स्थिरता को आगे बढ़ाने में सकारात्मक रूप से जुड़े रहे हैं. हम सच्चे दिल से उम्मीद करते हैं कि इस्लामाबाद वार्ता स्थायी शांति हासिल करने में सफल होगी और आने वाले दिनों में और अच्छी खबरें साझा करने की इच्छा रखते हैं.”

युद्धविराम की शर्तें

  • इराक, लेबनान और यमन में चल रहे युद्ध का पूरी तरह अंत
  • ईरान के ख़िलाफ़ युद्ध का बिना किसी समय सीमा के पूर्ण और स्थायी अंत
  • पूरे क्षेत्र में सभी संघर्षों का पूरी तरह ख़त्म होना
  • होर्मुज़ स्ट्रेट को फिर से खोलना
  • होमुर्ज़ में जहाजों के आने-जाने आज़ादी और सुरक्षा के लिए नियम और शर्तें तय करना
  • ईरान के पुनर्निर्माण की लागत का पूरा मुआवजा देना
  • ईरान पर लगे सभी प्रतिबंधों को हटाने की पूरी प्रतिबद्धता
  • अमेरिका के पास फ्रीज किए गए ईरान के फंड और संपत्तियों को छोड़ना
  • ईरान की पूरी प्रतिबद्धता कि वह कोई भी परमाणु हथियार हासिल करने की कोशिश नहीं करेगा
  • ऊपर बताई गई शर्तों के मंजूर होते ही सभी मोर्चों पर तुरंत युद्धविराम लागू होगा

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SOURCE : BBC NEWS