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टूट गया अरब देशों के सब्र का बांध? ईरान के खिलाफ एकजुट हो गए 12 मुस्लिम देश, तेल ठिकानों पर हमलों से भड़के

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Source :- LIVE HINDUSTAN

‘साउथ पार्स’ प्राकृतिक गैस क्षेत्र पर इजरायल के हमले के बाद ईरान ने खाड़ी क्षेत्र के अपने पड़ोसी देशों के ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमले तेज कर दिए हैं। कतर के गैस केंद्रों पर ईरान ने मिसाइलें दागी हैं।

US-Iran War: अपने गैस ठिकानों पर अमेरिकी और इजरायली हमलों से भड़के ईरान ने गुरुवार को खाड़ी देशों पर बड़ा हमला कर दिया है। तेहरान ने सऊदी, कतर और UAE के कई अहम तेल और गैस ठिकानों को निशाना बनाया है। इसके बाद अब खाड़ी और अरब देशों के सब्र का बांध टूटता नजर आ रहा है। गुरुवार को 12 मुस्लिम देशों ने एक सुर में ईरानी हमलों की निंदा की है। इन देशों ने ईरान को इन हमलों को तुरंत रोकने की चेतावनी भी दी है।

जानकारी के मुताबिक यह बयान सऊदी अरब की राजधानी रियाद में हुई एक बैठक के जारी किया गया है। संयुक्त बयान में 12 अरब और इस्लामी देशों के विदेश मंत्रियों ने ईरान से अपने हमले तुरंत रोकने और अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान करने को कहा। बयान में कहा गया कि इन हमलों में रिहायशी इलाकों, नागरिक बुनियादी ढांचे, तेल सुविधाएं, विलवणीकरण संयंत्र, हवाई अड्डे, आवासीय इमारतें और राजनयिक परिसर को निशाना बनाया गया है जो अस्वीकार्य हैं।

ईरान का बड़ा हमला

इससे पहले बुधवार को इजरायल ने ईरान के अपतटीय प्राकृतिक गैस क्षेत्र पर हमला कर दिया जिससे ईरान आग बबूला हो गया और खाड़ी देशों ले हमलों की तीव्रता बढ़ा दी। ‘साउथ पार्स’ पर हमले के बाद ईरान ने कतर में स्थित दुनिया के सबसे बड़े गैस प्लांट्स में से एक रास लफान पर बड़ा हमला कर दिया। इसके जवाब में कतर ने ईरानी दूतावास के अधिकारियों को 24 घंटे के भीतर देश छोड़ने का आदेश दिया है।

वहीं तेहरान ने संयुक्त अरब अमीरात के हबशान गैस संयंत्र और बाब क्षेत्र को भी निशाना बनाया है जिसे वहां की सरकार ने युद्ध में ‘उकसाने वाला खतरनाक कदम” बताया। अबू धाबी के अधिकारियों ने कहा कि इन स्थलों पर गैस परिचालन बंद कर दिया गया था। इसके अलावा सऊदी अरब में स्थित कई तेल ठिकानों को भी निशाना बनाया गया है। सऊदी अरब ने कहा है कि इस हमले से ईरान के प्रति भरोसा पूरी तरह टूट चुका है।

बढ़ रहा दबाव

कतर और संयुक्त अरब अमीरात पर हुए इन हमलों से खाड़ी के अरब देशों पर दबाव बढ़ रहा है। ये देश 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद से ईरानी हमलों से अपनी रक्षा कर रहे हैं, लेकिन अपने सैन्य अड्डों, असैन्य स्थलों और ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमले झेलने के बावजूद उन्होंने ईरान के खिलाफ कोई जवाबी सैन्य कार्रवाई नहीं की है। हालांकि अब इन देशों ने ईरान के हमलों की खुलकर निंदा की है और एक्शन लेने की धमकी भी दी है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN