Source :- LIVE HINDUSTAN
कई मामलों में दिल धीरे-धीरे कमजोर होने लगता है। जिसके शुरुआती संकेत अक्सर हल्के होने की वजह से लोग उन्हें आसानी से नजरअंदाज कर देते हैं।
अगर आपको भी यह लगता है कि दिल से जुड़ी बीमारियां अचानक दस्तक देती हैं तो आपको अपनी सोच बदलने की जरूरत है। डॉक्टरों की मानें तो व्यक्ति का दिल कमजोर होने से कई महीनों पहले से ही ‘खामोश संकेत’ भेज रहा होता है। टखनों में आने वाली हल्की सी सूजन या सीढ़ियां चढ़ते समय फूलती सांसें महज थकान या बढ़ती उम्र का असर नहीं होतीं, बल्कि आपके दिल की धीमी पड़ती रफ्तार की पुकार हो सकती हैं। हृदय रोग विशेषज्ञों के अनुसार, इन सूक्ष्म लक्षणों (Subtle signs) को नजरअंदाज करना एक ऐसी भूल है जो भविष्य में ‘हार्ट फेलियर’ जैसी गंभीर स्थिति का कारण बन सकती है। शरीर के इन इशारों को डिकोड करना और समय रहते सचेत होना ही एक स्वस्थ जीवन की असली कुंजी है। फोर्टिस एस्कॉर्ट हार्ट इंस्टीट्यूट के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. आशीष जयकिशन कहते हैं कि दिल से जुड़ी समस्याएं कभी भी अचानक सामने नहीं आतीं। कई मामलों में दिल धीरे-धीरे कमजोर होने लगता है। जिसके शुरुआती संकेत अक्सर हल्के होने की वजह से लोग उन्हें आसानी से नजरअंदाज कर देते हैं। इन लक्षणों को थकान, बढ़ती उम्र या व्यस्त जीवनशैली का असर मान लिया जाता है। हालांकि, इन शुरुआती संकेतों को पहचानने से समय रहते हृदय रोग का पता लगाया जा सकता है और गंभीर जटिलताओं से बचाव संभव है। आइए जानते हैं वो 5 संकेत जो दिल कमजोर होने से कई महीनों पहले देने लगता है।
1. असामान्य सांस फूलना
सीढ़ियां चढ़ते समय या थोड़ी दूर चलने जैसी सामान्य गतिविधियों के दौरान सांस फूलना इस बात का संकेत हो सकता है कि दिल प्रभावी रूप से रक्त पंप नहीं कर पा रहा है। कुछ लोगों को लेटते समय सांस लेने में कठिनाई या रात में अचानक सांस फूलने की समस्या भी हो सकती है।
2. लगातार थकान महसूस होना
पर्याप्त आराम करने के बाद भी लगातार थकान महसूस होना इस बात का संकेत हो सकता है कि दिल शरीर तक ऑक्सीजन से भरपूर रक्त पर्याप्त मात्रा में नहीं पहुंचा पा रहा है। कई लोग यह महसूस करते हैं कि जिन कामों को वे पहले आसानी से कर लेते थे, वे अब अधिक थकाने वाले लगने लगे हैं।
3. पैरों या टखनों में सूजन
पैरों, टखनों या निचले पैरों में सूजन- विशेषकर दिन के अंत में, शरीर में तरल पदार्थ जमा होने का संकेत हो सकती है। जब दिल कमजोर हो जाता है, तो रक्त संचार धीमा पड़ जाता है और शरीर के निचले हिस्सों में तरल पदार्थ जमा होने लगता है।
4. बिना कारण वजन बढ़ना
कुछ दिनों के भीतर अचानक वजन बढ़ना कभी-कभी भोजन की मात्रा बढ़ने के कारण नहीं बल्कि शरीर में तरल पदार्थ के जमा होने के कारण होता है। यह तब होता है जब दिल ठीक से रक्त पंप नहीं कर पाता और शरीर में पानी रुकने लगता है।
5. दिल की धड़कन तेज या अनियमित होना (पाल्पिटेशन)
दिल की धड़कन का तेज होना, फड़फड़ाना या अनियमित महसूस होना इस बात का संकेत हो सकता है कि दिल पर दबाव है। हालांकि कभी-कभी होने वाली धड़कन की अनियमितता सामान्य हो सकती है, लेकिन यदि यह बार-बार हो तो डॉक्टर से जांच कराना आवश्यक है।
सलाह
गंभीर बीमारी विकसित होने से पहले दिल अक्सर चेतावनी संकेत देता है। सांस फूलना, लगातार थकान, सूजन, अचानक वजन बढ़ना या दिल की धड़कन का अनियमित होना जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर चिकित्सकीय जांच से हृदय संबंधी समस्याओं की पहचान और उपचार संभव हो सकता है। इसके अलावा नियमित व्यायाम और संतुलित आहार, रक्तचाप, मधुमेह तथा कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने में मदद कर सकते हैं। ये सभी दिल की सेहत को बनाए रखने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माने गए हैं। इन शुरुआती संकेतों को समझना भविष्य में गंभीर हृदय रोगों से बचाव में मदद कर सकता है।
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