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जब अनुराग कश्यप को मिला बड़ा धोखा, पहले आया हार्ट अटैक फिर लग गई शराब की लत

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Source :- LIVE HINDUSTAN

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Anurag Kashyap: जब अनुराग कश्यप की सेहत पर जब असर पड़ना शुरू हुआ तो उन्हें एक मेजर हार्ट अटैक आया, जिसके बाद दिल में स्टेंट डाला गया और उन्हें ब्लड थिनर्स पर रखा गया।

‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ फेम डायरेक्टर अनुराग कश्यप ने अपनी जिंदगी के एक दर्दनाक दौर का खुलासा किया है। एक इंटरव्यू में अनुराग कश्यप ने बताया कि जब ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स ने उनके महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट ‘मैक्सिमम सिटी’ को अचानक बंद करने का फैसला किया गया, तो वह अंदर से पूरी तरह टूट गए थे। सुकेतू मेहता की मशहूर किताब पर आधारित इस वेब सीरीज के लिए अनुराग ने 2 साल तक कड़ी मेहनत की थी। प्रोजेक्ट कैंसिल होने का उन्हें इतना गहरा सदमा लगा था कि उन्हें न केवल हार्ट अटैक आया, बल्कि मानसिक और शारीरिक तौर पर टूटने के बाद उन्हें रिहैब तक जाना पड़ा।

नेटफ्लिक्स ने किया ऐसा धोखा कि टूट गए

अनुराग कश्यप ने मिड-डे के साथ बातचीत में बताया कि इस प्रोजेक्ट की शुरुआत ही एक झूठ के साथ हुई थी। उन्होंने नेटफ्लिक्स से पूछा था कि क्या उन्होंने किताब पढ़ी है? जिस पर सभी ने ‘हां’ कहा था, लेकिन असल में किसी ने भी उसे नहीं पढ़ा था। सीरीज को हरी झंडी मिलने के बाद ही उन्होंने काम शुरू किया था। स्क्रिप्ट का पहला हिस्सा पढ़ने के बाद ही मेकर्स ने तय कर लिया था कि इसे बनाना मुश्किल है, लेकिन अनुराग को यह बात समय पर नहीं बताई गई। वह लगातार दो साल तक इस पर काम करते रहे और भावनात्मक रूप से जुड़ गए। जब उन्हें पता चला कि ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स ही उनके साथ ऐसा कर रहा है, तो वह बुरी तरह टूट गए।

बीमारियों ने घेरा, फिर लगी शराब की लत

मानसिक तनाव का असर अनुराग की सेहत पर जब पड़ना शुरू हुआ तो उन्हें एक मेजर हार्ट अटैक आया, जिसके बाद दिल में स्टेंट डाला गया और उन्हें ब्लड थिनर्स पर रखा गया। लगातार गिरती सेहत के बीच उन्हें वैक्सीन के साइड इफेक्ट्स के कारण अस्थमा की समस्या भी हो गई। सांस की तकलीफ बढ़ने पर उन्हें स्टेरोइड्स दिए जाने लगे, जिससे उनकी नींद उड़ हो गई और वह बेचैन रहने लगे। इस बेचैनी और स्ट्रेस को कम करने के लिए उन्होंने शराब का सहारा लेना शुरू कर दिया। उनकी ऐसी हालत देखकर उनकी बेटी ने अनुराग शराब की लत छुड़ाने के लिए उन्हें रिहैब सेंटर भेजा।

बिस्तर पर पैर ऊपर करके लेटे रहते थे

रिहैब का सफर भी अनुराग के लिए किसी सजा से कम नहीं था। वहां उनके दाएं पैर के लिगामेंट में चोट लग गई, जिसे स्टाफ समय पर पहचान नहीं सका और दर्द बढ़ता गया। चूंकि वह पहले से ही हार्ट अटैक की वजह से ब्लड थिनर्स ले रहे थे, इसलिए डॉक्टर उनके पैर की सर्जरी भी नहीं कर पा रहे थे। अनुराग ने बताया कि वह बिस्तर पर पैर ऊपर करके लेटे रहते थे और एक साथ अस्थमा, स्टेरोइड्स और पैर के भयंकर दर्द से जूझ रहे थे। उन्होंने महसूस किया कि उस वक्त उनकी पूरी जिंदगी थम गई थी।

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