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घर में लगा CCTV कैमरा कर रहा है जासूसी? भारत ने इसलिए बैन किए चाइनीज कैमरे

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Source :- LIVE HINDUSTAN

आपके घर में लगा CCTV कैमरा आपकी सुरक्षा के बजाय जासूसी का तरीका भी बन सकता है। इसी खतरे को देखते हुए भारत समेत कई देशों ने चीनी कैमरों पर सख्ती बढ़ा दी है।

दुनिया तेजी से डिजिटल हो रही है और इसके साथ ही सुरक्षा से जुड़े खतरे भी पहले से कहीं ज्यादा कॉम्प्लेक्स होते जा रहे हैं। CCTV कैमरे, जो कभी सिर्फ निगरानी का आसान तरीका माने जाते थे, आज इंटरनेट से जुड़कर स्मार्ट डिवाइस बन चुके हैं और आसानी से इंस्टॉल किए जा सकते हैं। यही वजह है कि अब इन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरे को तौर पर भी देखा जा रहा है। इसी सोच के चलते भारत समेत कई देशों ने चाइनीज CCTV कंपनियों पर सख्ती शुरू कर दी है।

भारत में हाल ही में लागू किए गए नए नियमों ने एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने साफ कर दिया है कि अब हर इंटरनेट-बेस्ड CCTV कैमरे को सर्टिफिकेशन से गुजरना होगा। इसके अलावा 1 अप्रैल, 2026 के बाद से भारत में चाइनीज CCTV कैमरे नहीं बेचे जा सकेंगे। हालांकि इसे सीधे बैन नहीं कहा गया, लेकिन असर लगभग वैसा ही है क्योंकि अब बिना सर्टिफिकेशन वाले कैमरे भारत में बेचे नहीं जा सकते।

अन्य देशों ने भी उठाए कड़े कदम

भारत ऐसा करने वाला अकेला देश नहीं है। United States ने पहले ही 2022 में कड़ा रुख अपनाते हुए Federal Communications Commission (FCC) के जरिए Hikvision और Dahua जैसे चाइनीज ब्रैंड्स पर प्रतिबंध लगा दिया था। इन कंपनियों को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया गया था। अमेरिका का मानना है कि ऐसे डिवाइस के जरिए संवेदनशील डाटा विदेशी सरकारों तक पहुंच सकता है।

ऐसे ही United Kingdom ने भी अपने सरकारी दफ्तरों और संवेदनशील इमारतों से चीनी CCTV कैमरे हटाने का आदेश दिया। सरकार को आशंका थी कि इनकी मदद से संवेदनशील जानकारी लीक हो सकती है। Australia ने भी इसी दिशा में कदम उठाते हुए रक्षा विभाग और अन्य सरकारी परिसरों से हजारों चीनी कैमरों को हटाया है। वहीं, Canada ने भी Hikvision को सुरक्षा के लिए खतरा मानते हुए उसके उपयोग पर प्रतिबंध लगाए हैं।

इस वजह से लेना पड़ा बड़ा फैसला

चाइनीज CCTV कैमरों से जुड़ी सभी फैसलों के पीछे सबसे बड़ा कारण है, डाटा सुरक्षा और जासूसी का डर। आधुनिक CCTV कैमरे केवल वीडियो रिकॉर्ड नहीं करते, बल्कि इंटरनेट के जरिए क्लाउड सर्वर से जुड़े होते हैं। ऐसे में यह आशंका बनी रहती है कि इनमें सेव होने वाला डाटा किसी विदेशी सर्वर पर स्टोर हो सकता है। खासतौर पर China जैसे देशों के साथ जियो-पॉलिटिकल तनाव के चलते यह चिंता और बढ़ जाती है।

हैक किए जा सकते हैं CCTV कैमरे

साथ ही एक और बड़ा खतरा ‘बैकडोर एक्सेस’ का है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि कुछ कैमरों में ऐसे hidden access points हो सकते हैं, जिनके जरिए बिना वेरिफिकेशन के डाटा तक पहुंच बनाई जा सकती है। अगर ऐसे डिवाइस संवेदनशील स्थानों, जैसे- सैन्य ठिकाने, सरकारी कार्यालय या महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर में लगे हों, तो इसका जोखिम कई गुना बढ़ जाता है। साथ ही इंटरनेट से जुड़े होने के चलते इन स्मार्ट CCTV कैमरों को हैक किया जा सकता है।

बैन का फायदा अन्य ब्रैंड्स को मिलना तय है, पूरे घटनाक्रम का असर ग्लोबल मार्केट पर भी साफ दिखाई दे रहा है। जहां एक तरफ चाइनीज कंपनियों का दबदबा कम हो रहा है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय और भरोसेमंद कंपनियों को बढ़ावा मिल रहा है। हालांकि, अगर आपके घर या दफ्तर में पहले से चाइनीज कंपनी का CCTV कैमरा इंस्टॉल है तो उसे हटाना नहीं होगा और वह पहले की तरह काम करता रहेगा।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN