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घर पर शुगर चेक करते हुए ये 5 गलतियां करते हैं आप, तभी नहीं आती सही रीडिंग- डॉक्टर से सीखें!

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Source :- LIVE HINDUSTAN

संक्षेप:

Diabetes Care: आजकल लोग घर में ही ग्लूकोमीटर की मदद से शुगर लेवल की जांच कर लेते हैं। लेकिन इस दौरान की गई छोटी-छोटी गलतियां गलत रीडिंग दे सकती हैं, जिसका असर इलाज और डाइट प्लान पर पड़ सकता है। 

डायबिटीज आजकल काफी कॉमन बीमारी बन चुकी है। हर दूसरे घर में आपको एक शुगर पेशेंट मिल ही जाएगा। चूंकि ये एक लाइफस्टाइल संबंधी बीमारी है, इसलिए आपका रहन-सहन और खानपान ही आमतौर पर इसके पीछे का कारण बनते हैं। यही वजह है कि डायबिटीज मैनेजमेंट में नियमित रूप से शुगर चेक करते रहना अहम माना जाता है। आजकल लोग घर में ही ग्लूकोमीटर की मदद से शुगर लेवल की जांच कर लेते हैं। लेकिन इस दौरान की गई छोटी-छोटी गलतियां गलत रीडिंग दे सकती हैं, जिसका असर इलाज और डाइट प्लान पर पड़ सकता है। डायबिटीज रिवर्सल एक्सपर्ट डॉ प्रमोद त्रिपाठी ने ऐसी ही 5 गलतियों के बारे में बताया है जो अक्सर लोग करते हैं और रीडिंग एक्यूरेट नहीं आ पाती।

टाइमिंग से जुड़ी है सबसे बड़ी गलती

डॉ प्रमोद कहते हैं कि शुगर चेक करते हुए सबसे बड़ी गलती टाइमिंग से जुड़ी होती है। पोस्ट मील यानी खाने के बाद की शुगर चेक करते हुए लोग अक्सर खाना खत्म होने के दो घंटे बाद की शुगर चेक करते हैं। जबकि ये तरीका सही नहीं है। आपको खाना खाना शुरू करने के दो घंटे बाद शुगर लेवल चेक करना चाहिए। यानी जब आप खाने के पहला निवाला मुंह में लेते हैं, उसके दो घंटे बाद शुगर चेक करें। ना कि खाना पूरा खत्म करने के दो घंटे बाद।

फास्टिंग (खाली पेट) शुगर चेक करने का सही तरीका

फास्टिंग शुगर यानी खाली पेट शुगर लेवल चेक करते हुए भी अक्सर लोग एक कॉमन गलती करते हैं। डॉ प्रमोद कहते हैं कि सुबह उठते ही कई लोग ब्रश कर लेते हैं, थोड़ा टहल लेते हैं, घर का काम कर लेते हैं या वॉक कर लेते हैं, फिर उसके बाद फास्टिंग शुगर चेक करते हैं, जो बिल्कुल भी सही तरीका नहीं है। सही रीडिंग के लिए आपको उठते ही बेड पर बैठे-बैठे अपना फास्टिंग शुगर लेवल चेक करना चाहिए। जैसे ही आप चलने लगते हैं, तो लिवर थोड़ा-थोड़ा शुगर आपके ब्लड में डालने लगता है। जिससे शुगर लेवल बढ़ा हुआ आता है।

उंगली को दबा-दबाकर खून ना निकालें

कुछ लोग मशीन से सुई मारने के बाद उंगली को बहुत दबा-दबाकर ब्लड निकालते हैं, जो सही तरीका नहीं है। डॉ प्रमोद कहते हैं कि ऐसा करने से टिशू फ्लूइड भी खून में उतर जाता है, जिससे आपकी शुगर रीडिंग कम आती है। इसलिए बहुत ज्यादा दबाकर खून निकालने से बचना चाहिए।

सैनिटाइजर का इस्तेमाल करने के बाद शुगर चेक करना

कुछ लोग सैनिटाइजर से हाथ क्लीन करने के बाद शुगर लेवल चेक करने बैठते हैं, जो रीडिंग को प्रभावित कर सकता है। डॉ प्रमोद कहते हैं कि पहला तो सैनिटाइजर में अल्कोहल होता है और दूसरा, ये आपके हाथों पर रह गए छोटे-छोटे खाने के कणों को नहीं निकाल पाता है। इस वजह से फॉल्स हाई यानी ज्यादा शुगर आ सकती है।

लैंसेट (सुई) समय पर ना बदलना

शुगर चेक करने के लिए इस्तेमाल होने वाली सुई (लैंसेट) को समय पर ना बदलना भी एक कॉमन मिस्टेक है, जो ज्यादातर लोग करते हैं। डॉ प्रमोद कहते हैं कि आपको एक लैंसेट (सुई) सिर्फ एक ही बार यूज करना चाहिए। हालांकि अगर केवल आप ही उसे दोबारा यूज करने वाले हैं, तो 3-5 बार इस्तेमाल कर सकते हैं। लेकिन उससे ज्यादा इसे यूज बिल्कुल भी ना करें।

नोट: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसे किसी भी तरह से पेशेवर मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें। किसी भी स्वास्थ्य समस्या या मेडिकल कंडीशन से जुड़े सवालों के लिए हमेशा अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN