Source :- BBC INDIA
इमेज स्रोत, Getty Images
3 घंटे पहले
पढ़ने का समय: 5 मिनट
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख़्वाजा आसिफ़ के एक बयान को इसराइल ने ‘शर्मनाक और निंदनीय’ बताया है.
ख़्वाजा आसिफ़ ने इसराइल को ‘मानवता के लिए धब्बा’ और ‘कैंसर राष्ट्र’ कह दिया था जिस पर इसराइल ने तीखी प्रतिक्रिया दी है.
पाकिस्तान, अमेरिका और ईरान युद्धविराम में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है.
अमेरिका और ईरान दोनों के ही प्रतिनिधियों की इस्लामाबाद में शनिवार को इस सिलसिले में बैठक होने वाली है. लेकिन इसराइल पाकिस्तान के रोल को लेकर असहज है.
गुरुवार को भारत में इसराइल के राजदूत ने कहा था कि पाकिस्तान पर ‘भरोसा नहीं किया जा सकता.’
पाकिस्तान ने अभी तक इसराइल को एक देश के रूप में मान्यता भी नहीं दी है. ऐसे में दोनों देशों में राजनयिक संबंध भी नहीं हैं.
ख़्वाजा आसिफ़ का बयान और इसराइल की प्रतिक्रिया
इमेज स्रोत, Lev Radin/Pacific Press/LightRocket via Getty Images
गुरुवार को ख़्वाजा आसिफ़ ने एक्स पर लिखा, “इसराइल शैतान है और मानवता पर धब्बा है. जहां इस्लामाबाद में शांति की बातें हो रही हैं वहां वो लेबनान में जनसंहार कर रहा है. पहले वो ग़ज़ा में निर्दोष लोगों को मार रहा था और अब लेबनान में यही कर रहा है. उसका ख़ून ख़राबा बेरोक टोक जारी है. जिन लोगों ने यूरोपीय यहूदियों से छुटकारा पाने के लिए फ़लस्तीनियों की ज़मीन पर इस कैंसरनुमा देश को बनाया है वो जहन्नुम में जलें.”
इस पर इसराइल के विदेश मंत्री डिगियन सार ने एक्स पर लिखा, “इसराइल उस सरकार की ओर से आए इन खुले तौर पर यहूदी-विरोधी और झूठे ख़ूनी आरोपों को बेहद गंभीरता से देखता है, जो खुद को ‘शांति की मध्यस्थ’ बताती है. यहूदी राष्ट्र को ‘कैंसरग्रस्त’ कहना दरअसल उसके विनाश की मांग करने जैसा है. इसराइल उन आतंकियों के खिलाफ अपनी रक्षा करेगा, जो उसके ख़ात्मे की कसम खाते हैं.”

वहीं इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू के ऑफ़िस की ओर से भी एक्स पर पोस्ट किया गया, “पाकिस्तान के रक्षा मंत्री की ओर से इसराइल के ख़ात्मे की कामना करना बेहद आपत्तिजनक है. किसी भी सरकार से ख़ास कर उस सरकार से जो ख़ुद को शांति का मध्यस्थ बताती हो, उससे ऐसे बयान की उम्मीद नहीं की जा सकती.”
युद्धविराम को लेकर पाकिस्तान और इसराइल में मतभेद
इमेज स्रोत, Mazo/LightRocket via Getty Images
इस युद्धविराम में इसराइल और पाकिस्तान के बीच लेबनान को लेकर मतभेद पहले दिन ही उभरकर सामने आ गए थे.
ईरान और पाकिस्तान दोनों का ही दावा है कि अमेरिका और ईरान के बीच हुए युद्धविराम की शर्तों में लेबनान पर हमले ना करना भी शामिल है.
वो युद्धविराम के बाद भी इसराइल के लेबनान पर हो रहे हमलों को युद्धविराम समझौते का उल्लंघन बता रहे हैं. लेकिन इसराइल और अमेरिका दोनों ने ही कहा कि युद्धविराम में लेबनान शामिल नहीं है.

हालांकि इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने गुरुवार को कहा कि उन्होंने अपनी कैबिनेट से जितनी जल्दी हो सके लेबनान के साथ सीधे बातचीत शुरू करने को कहा है.
हिब्रू में एक्स पर पोस्ट किए गए एक बयान में कहा गया है कि उन्होंने लेबनान की ओर से बातचीत शुरू करने के लिए बार-बार और लगातार की जा रही अपीलों के मद्देनज़र अपने कैबिनेट से बुधवार को यह अनुरोध किया.
उन्होंने कहा कि इस बातचीत का केंद्र हिज़्बुल्लाह को निरस्त्र करना, इसराइल और लेबनान के बीच शांति संबंधों की स्थापना होगा.
इसराइल पाकिस्तान को लेकर असहज
शॉर्ट वीडियो देखिए
प्लेबैक आपके उपकरण पर नहीं हो पा रहा

SOURCE : BBC NEWS



