Source :- BBC INDIA

अपडेटेड 51 मिनट पहले
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आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई की मौत के बाद पाकिस्तान के कराची में हिंसक प्रदर्शन हुआ है. बीबीसी उर्दू के अनुसार, शहर के अमेरिकी कॉन्सुलेट के बाहर हुए इस हिंसक प्रदर्शन में नौ लोगों की मौत हुई है.
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दिख रहा है कि कुछ लोगों ने वाणिज्य दूतावास का गेट तोड़ा और रिसेप्शन के पास स्थित सिक्युरिटी रूम की खिड़कियां तोड़ दीं.
मजलिस-ए-वहदत मुस्लिमीन के प्रवक्ता ने कहा कि यह एक सार्वजनिक प्रदर्शन था, जिसमें लोग आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई की मौत के बाद अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के बाहर जमा हुए.
उन्होंने दावा किया कि इन लोगों पर कॉन्सुलेट के अंदर से भी गोलियां चलाई गईं. कराची पुलिस के अधिकारी डॉक्टर समी सैयद ने पुष्टि की कि प्रदर्शन के दौरान नौ लोग मारे गए और आठ लोग घायल हुए.
कराची के अलावा इस्लामाबाद में भी प्रदर्शन हुए हैं. पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर के गिलगित-बाल्टिस्तान में भी प्रदर्शन काफ़ी हिंसक हो गया
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पाकिस्तान के सिंध प्रांत के गृह मंत्री ज़ियाउल हसन लांजर ने इस प्रदर्शन के संबंध में कराची के अतिरिक्त आईजी से रिपोर्ट मांगी है.
उन्होंने कहा कि किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी और कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाले तत्वों के ख़िलाफ़ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी.
उन्होंने पुलिस को संवेदनशील प्रतिष्ठानों की सुरक्षा और अधिक बढ़ाने का निर्देश दिया.
समाचार एजेंसी एएफ़पी के एक पत्रकार के मुताबिक रविवार को सैकड़ों ईरान समर्थक प्रदर्शनकारियों ने कराची में अमेरिकी कॉन्सुलेट पर धावा बोलने की कोशिश की.
युवाओं की भीड़ मेन गेट पर चढ़ गई और कॉन्सुलेट बिल्डिंग के ड्राइव वे में घुस गई, जिससे कुछ खिड़कियां टूट गईं. एएफ़पी के पत्रकार के मुताबिक पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले छोड़े, जिससे वे तितर-बितर हो गए.
सोशल मीडिया पर शेयर किए जा रहे वीडियो में युवा कॉन्सुलेट की मेन बिल्डिंग की खिड़कियां तोड़ते हुए दिख रहे थे, जबकि कंपाउंड के ऊपर अमेरिकी झंडा लहराता हुआ देखा जा सकता था. कंपाउंड के चारों ओर कांटेदार तार लगे हैं.
गिलगित-बल्तिस्तान में भी हिंसक प्रदर्शन
इमेज स्रोत, AFP via Getty Images
आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई की मौत के बाद पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर के गिलगित-बल्तिस्तान में भारी और हिंसक विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं.
पत्रकार मुहम्मद ज़ुबैर ख़ान ने बीबीसी उर्दू को बताया कि गिलगित-बल्तिस्तान के स्कार्दू इलाके में हिंसक प्रदर्शन हुए हैं, जिसमें संयुक्त राष्ट्र के ऑफिस को जला दिया गया है.
गिलगित और स्कार्दू में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें हुई हैं. इसमें बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं. स्कार्दू में एसपी हाउस, सॉफ्टवेयर टेक्नॉलॉजी पार्क और संयुक्त राष्ट्र के दफ़्तर में तोड़फोड़ की गई है और उनमें आग लगा दी गई है.
बीबीसी उर्दू के मुताबिक पाकिस्तान के कई इलाकों में ख़ामेनेई की मौत के बाद प्रदर्शन हो रहे हैं.
पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नक़वी ने लोगों से अपील की है कि वे कानून को अपने हाथ में न लें और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज करें.
मोहसिन नक़वी ने कहा है, “आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई की शहादत से पाकिस्तान का हर नागरिक उसी तरह शोकग्रस्त है, जिस तरह ईरान के लोग दुख में डूबे हुए हैं.”
इस बीच पाकिस्तान में अमेरिका के दूतावास ने कहा है, “हम कराची और लाहौर में अमेरिकी दूतावास के बाहर हो रहे प्रदर्शन पर नज़र बनाए हुए हैं. पेशावर और इस्लामाबाद में भी हम हालात पर नज़र रख रहे हैं. हम पाकिस्तान में मौजूद अमेरिकी नागरिकों को स्थानीय समाचारों पर नज़र बनाए रखने और व्यक्तिगत सुरक्षा के लिए सतर्क रहने का निर्देश देते हैं.”
इस्लामाबाद और लाहौर में भी प्रदर्शन

इस्लामाबाद में हो रहे विरोध प्रदर्शनों के मद्देनजर, शहर के रेड ज़ोन की ओर जाने वाले सभी मार्गों को बंद कर दिया गया है.
इस्लामाबाद में बीबीसी उर्दू के संवाददाता शहजाद मलिक के अनुसार, प्रदर्शनकारी आबपारा चौक पर जमा हुए और अमेरिकी दूतावास की ओर मार्च करने लगे. इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की.
बीबीसी उर्दू के मुताबिक विरोध प्रदर्शन के दौरान, एक निजी समाचार चैनल के ओबी वैन पर भी हमला किया गया. प्रदर्शनकारियों ने चैनल के कर्मचारियों के साथ भी हिंसा की.
एक पुलिस अधिकारी ने बीबीसी उर्दू को बताया कि इस्लामाबाद की डिप्लोमैटिक एन्क्लेव की ओर जाने वाली सड़कों पर सुरक्षा की तीन स्तरीय व्यवस्था की गई है.
अधिकारी के अनुसार, एफसी और रेंजर्स भी पुलिस की सहायता के लिए मौजूद हैं.
पुलिस ने कुछ जगहों पर प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे. ऐसी भी ख़बरें हैं कि कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस अधिकारियों पर पत्थर फेंके. पत्थरबाज़ी में चार पुलिस अधिकारी घायल हो गए. हिंसा में एक पत्रकार भी घायल हो गया.
बीबीसी उर्दू संवाददाता तरब असगर के अनुसार, लाहौर में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के बाहर प्रदर्शनकारी डटे रहे और पुलिस ने उन्हें तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे.
पाकिस्तान स्थित अमेरिकी दूतावास का कहना है, “हम कराची और लाहौर में अमेरिकी वाणिज्य दूतावासों के बाहर चल रहे विरोध प्रदर्शनों की रिपोर्टों के साथ-साथ इस्लामाबाद में अमेरिकी दूतावास और पेशावर में वाणिज्य दूतावास के बाहर और अधिक विरोध प्रदर्शनों के आह्वान पर नजर रख रहे हैं.”
दूतावास ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर लिखा, “हम पाकिस्तान में मौजूद अमेरिकी नागरिकों को स्थानीय खबरों पर नजर रखने और व्यक्तिगत सुरक्षा संबंधी सावधानियां बरतने की सलाह देते हैं.”
ईरान पर अमेरिका और इसराइल के संयुक्त हमले में शनिवार को आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई की मौत हो गई थी. ईरान के सरकारी टीवी ने रविवार सुबह इसकी पुष्टि की थी.
इससे पहले कराची में अमेरिकी कॉन्सुलेट ने अपने नागरिकों के लिए एडवाइज़री भी जारी की थी.
इसमें कहा गया है, “इलाक़े के मौजूदा तनाव को देखते हुए अत्यधिक सावधानी के तौर पर कराची स्थित अमेरिकी कॉन्सुलेट जनरल अमेरिकी सरकार के कर्मचारियों की आवाजाही पर सोमवार, 2 मार्च, 2026 को स्थानीय समय के मुताबिक़ शाम पांच बजे तक रोक लगा रहा है.”
” हम अमेरिकी नागरिकों को याद दिलाते हैं कि वे अपनी हिफ़ाजत के लिए बेहतर सुरक्षा उपायों का इस्तेमाल करें.”
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.
SOURCE : BBC NEWS



