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क्या है EA-37B ‘कम्पास कॉल’? जिसे US ने अब जंग में उतारा; ईरानी रडार, संचार और GPS के लिए क्यों काल

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Source :- LIVE HINDUSTAN

Iran War Updates: US सेंट्रल कमांड से मिली जानकारी के अनुसार, EA-37B को हाल ही में उन संपत्तियों की सूची में जोड़ा गया है जिनका इस्तेमाल ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ में किया जा रहा है। इसका आदेश डोनाल्ड ट्रम्प ने दिया था।

Iran War Updates: ईरान युद्ध का आज (गुरुवार, 2 अप्रैल को) 34वां दिन है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय समयानुसार आज अहले सुबह देश के नाम संबोधन में साफ किया कि अब ईरान युद्ध पूरा होने के करीब है। उन्होंने सैन्य कार्रवाई तेज करने की चेतावनी देते हुए घोषणा की कि ईरान युद्ध ‘पूरा होने के करीब’ है। इसकी बानगी अमेरिकी सेना के एक और कदम से भी देखने को मिलती है, जिसके तहत अमेरिकी एयर फोर्स ने महीने भर की जंग के बाद अब EA-37B ‘कम्पास कॉल’विमान को उतारा है।

क्या है EA-37B ‘कम्पास कॉल’विमान?

EA-37B ‘कम्पास कॉल’ एक नया इलेक्ट्रॉनिक युद्धक विमान है, जिसे ब्रिटेन के RAF Mildenhall एयरबेस पर देखा गया है। उम्मीद जताई जा रही है कि यह ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ में निर्णायक रूप से मदद करेगा। फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा से पता चला है कि दो EA-37B विमान 30 मार्च को एरिज़ोना के डेविस-मोंथन एयर फ़ोर्स बेस से रवाना हुए और बाद में UK में उतरे। दोनों विमानों ने कॉल साइन AXIS 41 और AXIS 43 का इस्तेमाल किया। ऑनलाइन शेयर की गई तस्वीरों ने भी Mildenhall में इन विमानों की मौजूदगी की पुष्टि की गई है। इनमें इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणालियों के लिए डिजाइन किया गया इनका बदला हुआ ढांचा दिखाई दे रहा था।

EA-37B ‘कम्पास कॉल’की खूबियां

EA-37B ‘कम्पास कॉल’अमेरिकी वायु सेना का एक ऐसा अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक हमलावर विमान है, जिसे दुश्मन के संचार, रडार, जीपीएस और नेविगेशन सिस्टम को जाम करने के लिए डिजाइन किया गया है। इसका मतलब है कि यह सीधे लक्ष्यों पर हमला करने के बजाय दुश्मन की रक्षा और आक्रमण प्रणालियों को बाधित कर सकता है। इसके अलावा यह दुश्मन की हवाई रक्षा प्रणालियों को जानकारी साझा करने से रोक सकता है। यह हवाई और जमीनी, दोनों तरह के सैन्य ऑपरेशन्स में भी मदद करता है। इसका मुख्य काम दुश्मन के कमांड और कंट्रोल सिस्टम को बाधित करना और रडार को ‘अंधा’ करना है, जिससे मित्र देशों के विमानों के लिए रास्ता साफ हो सके।

770 मील प्रति घंटे की रफ्तार

यह विमान लगभग 770 मील प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ सकता है, 45,000 फीट तक की ऊंचाई तक पहुंच सकता है। इस विमान की मारक क्षमता लगभग 4,400 नॉटिकल मील है। इसमें BAE Systems द्वारा विकसित उन्नत इलेक्ट्रॉनिक अटैक (EA) उपकरण लगे हैं। इसमें नौ क्रू सदस्य तक सवार हो सकते हैं। इनमें एक पायलट, एक को-पायलट और विशेषज्ञों की एक टीम शामिल होती है जो इलेक्ट्रॉनिक युद्ध से जुड़े ऑपरेशन्स – जैसे कि सिग्नल की निगरानी और उन्हें बाधित करना – को संभालती है। इसकी एक मुख्य खासियत इसका एक एडवांस्ड सिस्टम है, जिसे SWORD-A कहा जाता है। यह सिस्टम विमान को अपनी टेक्नोलॉजी को तेज़ी से अपग्रेड करने और नए खतरों के हिसाब से खुद को ढालने में मदद करता है। इसकी वजह से यह आधुनिक कम्युनिकेशन सिस्टम और दुश्मन की लगातार बदलती रणनीतियों का मुकाबला करने में सक्षम हो जाता है।

US के पास अभी पांच EA-37B विमान

कुल मिलाकर, EA-37B को दुश्मन के डिफेंस को कमज़ोर करने के लिए बनाया गया है। यह युद्ध के दौरान दुश्मन के आपस में बातचीत करने और तालमेल बिठाने की क्षमता को खत्म करके ऐसा करता है। हालांकि, इस विमान को अब तैनात संपत्तियों की सूची में शामिल कर लिया गया है, लेकिन अभी तक यह साफ नहीं हो सका है कि इसने कोई सक्रिय मिशन पूरा किया है या नहीं। अधिकारियों ने ऑपरेशनल सुरक्षा का हवाला देते हुए इस बारे में और कोई जानकारी नहीं दी है। TOI की रिपोर्ट के मुताबिक, US वायु सेना के पास अभी पांच EA-37B विमान हैं, और वे इस बेड़े को बढ़ाकर दस करने की योजना बना रहे हैं।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN