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कौन हैं नमिता थापर जो नमाज़ की तारीफ़ करने पर हो रही हैं ट्रोल

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Source :- BBC INDIA

नमिता थापर

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4 घंटे पहले

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टीवी शो शार्क टैंक इंडिया की जज, फ़ार्मा कंपनी एमक्योर के इंडिया ऑपरेशंस की कार्यकारी निदेशक और इंक्रेडिबल वेंचर्स लिमिटेड की संस्थापक 48 वर्षीय बिज़नेसवुमन नमिता थापर चर्चा और विवाद के केंद्र में हैं.

एक कारोबारी ख़ानदान से आने वालीं नमिता थापर सोशल मीडिया पर ख़ासी सक्रिय हैं और इंस्टाग्राम पर उन्हें 15 लाख से अधिक लोग फ़ॉलो करते हैं.

नमिता सोशल मीडिया पर अलग-अलग विषयों पर अपनी राय ज़ाहिर करती हैं और रील्स बनाती हैं. तीन सप्ताह पहले एक वीडियो रील में उन्होंने इस्लामी प्रार्थना पद्धति नमाज़ के सेहत से जुड़े फ़ायदे बताए थे.

नमिता की इस रील के बाद कई लोगों ने उन्हें ट्रोल किया और उनके लिए नकारात्मक टिप्पणियां कीं.

अब नमीता ने इसे लेकर एक और रील बनाई है जिस पर सोशल मीडिया पर ख़ूब चर्चा हो रही है.

नमिता थापर का जन्म 21 मार्च 1977 को महाराष्ट्र के पुणे शहर में हुआ था. उनके पिता सतीश मेहता आईआईएम अहमदाबाद से स्नातक हैं और एमक्योर फ़ार्मा कंपनी के संस्थापक हैं.

21 साल की उम्र में बनीं सीए

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21 साल की उम्र में चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) की डिग्री लेनी वाली नमिता ने अपने पिता की कंपनी के प्रबंधन में ज़िम्मेदारी संभालने से पहले छह साल साल तक अमेरिका की गाइडेंट कॉर्पोरेशन में नौकरी की.

उन्होंने ड्यूक यूनिवर्सिटी से एमबीए की डिग्री भी ली है.

2007 में नमिता ने एमक्योर फ़ार्मा में चीफ़ फ़ाइनेंशियल ऑफ़िसर (सीएफ़ओ) का पद संभाला था. आगे चलकर वो कंपनी के इंडिया बिज़नेस की निदेशक बन गईं.

नमिता ने एक इंटरव्यू में बताया था कि उनके पिता की कंपनी एमक्योर फ़ार्मा क़रीब 70 देशों में कारोबार करती है और उसमें दस हज़ार से अधिक कर्मचारी हैं.

तीन साल पहले चेतन भगत को दिए इंटरव्यू में नमिता ने कहा था, “मैं कंपनी का भारतीय कारोबार संभालती हूं जो क़रीब दो हज़ार करोड़ रुपये सालाना है.”

नमिता ने बताया था कि उन्होंने अपनी ज़िंदगी के चार साल सीए की डिग्री हासिल करने में लगाए और यह सिर्फ़ पैशन की वजह से ही संभव हो सका.

नमिता के मुताबिक़, उन्हें अकाउंट्स बहुत पसंद था और उनके पिता उन्हें ‘मुनीम जी’ कहा करते थे.

इस इंटरव्यू में नमिता ने अपने परिवार की आर्थिक हैसियत के बारे में तो जानकारी नहीं दी थी लेकिन ये ज़रूर बताया था कि एमक्योर फ़ार्मा सालाना सात हज़ार करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार करती है.

एमक्योर अब एक पब्लिक कंपनी है जिसका मार्केट कैप तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक है.

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जुलाई 2024 में जब एमक्योर फ़ार्मा ने आईपीओ लॉन्च किया था तब नमिता ने कंपनी में अपने 12.68 लाख शेयर 127 करोड़ रुपये में बेच दिए थे.

कॉर्पोरेट भूमिका के अलावा नमिता एक सक्रिय निवेशक भी हैं और बिज़नेस रियलिटी शो शार्क टैंक इंडिया की जज हैं.

फ़ाइनैंशियल एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक़, इस शो के पहले सीज़न में नमिता ने 25 कंपनियों में दस करोड़ रुपये निवेश किए थे. उन्होंने कई और कंपनियों में निवेश किया है.

कारोबारी दुनिया और टीवी शो के अलावा नमिता सोशल मीडिया पर भी काफ़ी सक्रिय रहती हैं. कोविड महामारी के दौरान उन्होंने यूट्यूब पर टॉक शो ‘अनकंडीशन योरसेल्फ़’ होस्ट किया था.

इसके अलावा उन्होंने नीति आयोग की डिजिटल हेल्थ टास्क फ़ोर्स, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शुरू किए चैंपियंस ऑफ़ चेंज कार्यक्रम में भी भागीदारी की है.

नमिता इंटरव्यू में अपने विचार खुलकर रखती हैं और व्यक्तिगत विकास पर ज़ोर देती हैं.

एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था, “ज़िंदगी का 80% हिस्सा आपका काम होता है, इसलिए जो कर रहे हैं उसे प्यार करना बहुत ज़रूरी है, वरना आप दुखी रहेंगे.”

2021 में बिज़नेस टूडे को दिए इंटरव्यू में थापर बताती हैं कि किस तरह महज़ डिग्री होने से लोगों का सम्मान हासिल करना आसान नहीं होता है.

थापर ने बताया कि उन्होंने अपनी संस्था में सबसे अच्छे आइडिया को बढ़ावा देने के लिए असहमति को ज़ाहिर करने पर हमेशा ज़ोर दिया.

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थापर कई मामलों पर ख़ुद भी अपनी असहमति सार्वजनिक रूप से ज़ाहिर करती रही हैं.

2025 में योग गुरु और कारोबारी रामदेव ने शीतल पेय ‘रूह अफ़ज़ा’ को लेकर विवादित बयान दिए थे, जिन्हें लेकर उन पर मुक़दमे भी हुए थे.

नमिता थापर ने रामदेव के बयानों को हेट मार्केटिंग कहा था. अपनी टिप्पणी में नमिता ने कहा था, “हम किस तरह का भारत अपने बच्चों के लिए बनाना चाहते हैं.”

वहीं नमिता पर ‘नेपो किड’ और पिता के पैसों पर कामयाब होने जैसे कमेंट्स किए जाते हैं जिसके लिए वो अलग-अलग इंटरव्यू में कहती आई हैं कि उन्होंने अपने पिता की फ़ार्मा कंपनी को 500 करोड़ से 8000 करोड़ रुपये का बना दिया है.

एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था, “मैं अपनी कमाई ख़ुद ख़र्च करना चाहती थी, अपनी शर्तों पर ज़िंदगी जीना चाहती थी.”

नमिता ने इकोनॉमिक टाइम्स को दिए इंटरव्यू में कहा था कि भारत के जीडीपी में 87 फ़ीसदी हिस्सेदारी पारिवारिक कारोबार की ही होती है. उन्होंने कहा था कि सिर्फ़ पहली ही नहीं, हर पीढ़ी का इस पारिवारिक कारोबार को आगे ले जाने में अहम रोल होता है.

नमिता को शार्क टैंक इंडिया के सबसे अमीर जज में से एक भी माना जाता है. सोशल मीडिया पर सक्रियता की वजह से उनकी आलीशान ज़िंदगी और लाइफ़स्टाइल भी चर्चा में रहती है.

फ़ाइनेंशियल एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट बताती है कि उनकी लग्ज़री कार में 2 करोड़ की बीएमडब्लू X7, मर्सिडिज़ बेन्ज़ जीएलई, और ऑडी क्यू7 शामिल है.

शार्क टैंक इंडिया में उनके साथ जज रहे अमित जैन ने एक बार मज़ाक में कहा था कि नमिता 20 लाख के जूते पहनती हैं.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

SOURCE : BBC NEWS