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कोरोना में 18 महीने तक रुका था DA, अब 8वां वेतन आयोग लेगा फैसला?

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Source :- LIVE HINDUSTAN

8th Pay Commission: कोरोना काल में केंद्र सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) की तीन किस्तों को 18 महीनों के लिए रोक दिया था। यह अवधि जनवरी 2020 से जून 2021 तक रही।

8th Pay Commission latest: केंद्रीय कर्मचारियों को आठवें वेतन आयोग के गठन का इंतजार है। यह वेतन आयोग कर्मचारियों की सैलरी और भत्ते से जुड़े मुद्दों पर सरकार को सिफारिश करेगा। इन सिफारिशों पर सरकार के कोरोना काल के एक फैसले का असर पड़ेगा। आइए डिटेल में जान लेते हैं।

क्या था फैसला?

दरअसल, कोरोना काल में केंद्र सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) की तीन किस्तों को 18 महीनों के लिए रोक दिया था। यह अवधि जनवरी 2020 से जून 2021 तक रही। एक्सपर्ट बताते हैं कि सरकार के इस फैसले की वजह से कर्मचारियों का महंगाई भत्ता कम से कम 10% कम है। वर्तमान में कर्मचारियों और पेंशनर्स को 58% महंगाई भत्ता मिल रहा है। अगर कोरोना काल के भत्ते को सरकार ने जारी किया रहता तो केंद्रीय कर्मचारियों का भत्ता आज की तारीख में 68% तक पहुंच गया रहता।

क्यों लिया गया फैसला?

केंद्र सरकार ने तब स्पष्ट किया था कि कोविड-19 महामारी के कारण राजकोषीय दबाव और आपात खर्चों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। हालांकि, बाद में डीए बहाल कर दिया गया लेकिन रोकी गई किस्तों का एरियर नहीं दिया गया। सरकार ने सदन में भी स्पष्ट कर दिया था कि अब यही मुद्दा संभावित 8वें वेतन आयोग के संदर्भ में फिर चर्चा में है।

अब आठवें वेतन आयोग पर पड़ेगा असर?

वेतन आयोग के गठन के बाद अब केंद्रीय कर्मचारियों को एक बार फिर से 18 महीने के डीए की याद आई है। कर्मचारी संगठनों का तर्क है कि जब 18 महीनों का डीए रोका गया था, तब कर्मचारियों ने राष्ट्रीय संकट में सरकार का साथ दिया। इसलिए 8वें वेतन आयोग में वेतन और पेंशन संरचना तय करते समय इस तथ्य को ध्यान में रखा जाना चाहिए।

उनका कहना है कि फिटमेंट फैक्टर को उदार रखा जाए और पेंशनर्स के हितों की विशेष सुरक्षा की जाए, ताकि कोविड काल की आंशिक भरपाई हो सके। यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच किस तरह का संतुलन बनता है और क्या किसी रूप में उस अवधि की भरपाई पर विचार किया जाता है।

पिछले साल हुआ था गठन

बता दें कि सरकार ने जनवरी 2025 में आठवें वेतन आयोग का गठन किया था। आयोग को वेतन संरचना, आर्थिक स्थिति और कर्मचारियों की मांगों का विश्लेषण करने के लिए रिपोर्ट को अंतिम रूप देने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। आयोग की सिफारिशों को एक जनवरी, 2026 से लागू किया जा सकता है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN