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https://www.livehindustan.com/lh-img/smart/img/2026/04/27/1200x900/TIM_1777290045871_1777290050370.jpgTere Ishk Mein Movie: साउथ के सुपरस्टार एक्टर धनुष और कृति सैनन की फिल्म ‘तेरे इश्क में’ का एक सीन ऐसा था जिसे कृति थोड़ा अलग तरह से करना चाहती थीं।
Bhooth Bangla Box Office Collection Day 11: साल 2025 में रिलीज हुई फिल्म ‘तेरे इश्क में’ को भारतीय बॉक्स ऑफिस पर मिला जुला रिस्पॉन्स मिला। तकरीबन 85 करोड़ रुपये की लागत में बनी इस फिल्म का वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन 164 करोड़ रुपये के आसपास रहा था। फिल्म की IMDb पर रेटिंग 6.2 रही थी और बावजूद इसके कि इसकी कहानी ‘रांझणा’ जैसी दमदार नहीं थी, लोगों ने इस फिल्म की कहानी और स्क्रीनप्ले को सराहा। फिल्म की शूटिंग के दौरान कुछ ऐसा हुआ था जब कृति सैनन को यह समझ आया कि फिल्म का निर्देशक एक एक्टर के मुकाबले किसी सीन को कितनी गहराई से सोचता है।
इस सीन को लेकर हुई थी दोनों की बात
फिल्म के डायरेक्टर आनंद एल राय ने खुद यह किस्सा एक इंटरव्यू के दौरान बताया था। आनंद एल राय ने फिल्म के उस सीन के बारे में बताया जब कृति सैनन अपना सच और अपनी सिचुएशन बताने के लिए धनुष के घर जाती है, लेकिन वहां सही सिचुएशन नहीं मिल पाने के चलते उससे अपने दिल की बात नहीं कह पाती है। दरअसल कृति सैनन इस सीन को थोड़ा अलग तरह से करना चाहती थीं। लेकिन जब आनंद एल राय ने उन्हें समझाया कि क्यों वह इस सीन को इसी तरह से करना चाहते हैं तो उन्हें बात समझ आई।
कृति अलग तरह से करना चाहती थीं सीन
आनंद एल राय ने एक इंटरव्यू में बताया, ‘कृति सैनन ने मुझसे पूछा कि सर सीन डिस्कस करना है? मैंने कहा नहीं डिसकस करना है, मुझे पता है। मैं उसको लेकर पहुंचा और उसने दरवाजा खोला और रूम खत्म हो गया। तो उसने मेरे से पूछा कि सर क्या यह पॉसिबल है कि मैं शंकर को बोलूं कि मुझे तुमसे कुछ अकेले में बात करनी है तो मैं उसे एक कॉर्नर में लकर जाऊं? तो मैंने कहा कि इन घरों में पले हुए लोग अलग तरीके से अपने आप को एक्सप्रेस करते हैं। क्योंकि इनके पास वो कोने नहीं है।’
तब कृति सैनन को समझ आई यह बात
आनंद एल राय ने कृति सैनन से कहा, ‘जितनी तकलीफ तुम्हें अपनी बात रखने में आएगी और जो कि तुम नहीं रख पाओगी, वही मेरा सीन है।’ मालूम हो कि कृति सैनन जब पहली बार शंकर (धनुष) के घर पहुंचती हैं तो इस दौरान उन्हें जिन चीजों को फेस करना पड़ता है, तब उन्हें समझ में आता है कि वह कितनी गलत थीं और उनके पिता इस मामले में कितने गलत। वह तंग गलियों से होती हुई धनुष के घर पहुंचती हैं और फिर ऊपर जाते वक्त लोहे की सीढ़ी में फंसकर उनकी सैंडिल टूट जाती है। फिर ऊपर जाकर जब वो कमरे में धनुष से मिलती हैं तो वहीं पर उसके पिता और उसका दोस्त भी होता है। इसलिए लाख चाहकर भी वो अपने दिल की बात नहीं कह पाती हैं।
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