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काश पटेल और तुलसी गबार्ड होंगे ट्रंप के अगले शिकार? अमेरिका में बड़े स्तर पर मची खलबली

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Source :- LIVE HINDUSTAN

ट्रंप प्रशासन में भारी उथल-पुथल! पाम बोंडी की बर्खास्तगी के बाद अब FBI चीफ काश पटेल और DNI तुलसी गबार्ड की कुर्सी खतरे में। वहीं, 2020 चुनाव की जांच करने वाले बर्खास्त FBI एजेंटों ने ट्रंप प्रशासन के खिलाफ ठोका मुकदमा।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को बर्खास्त कर दिया है। अब ये खबरें सामने आ रही हैं कि फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन यानी FBI के निदेशक काश पटेल का अगला नंबर हो सकता है। इसके साथ ही एफबीआई के भीतर चल रहे विवादों और ट्रंप प्रशासन में कई अन्य बड़े बदलावों की अटकलों ने भी तूल पकड़ लिया है। खबरों की मानें तो नेशनल इंटेलिजेंस की डायरेक्टर (DNI) तुलसी गबार्ड का नाम भी उस लिस्ट में शामिल हो सकता है जिन्हें ट्रंप प्रशासन हटाने वाला है। एक दिन पहले ही अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने सेना प्रमुख जनरल रैंडी जॉर्ज को उनके पद से हटा दिया है। पेंटागन ने इस खबर की पुष्टि करते हुए बताया कि जनरल जॉर्ज तत्काल प्रभाव से सेना के 41वें प्रमुख के पद से रिटायर हो रहे हैं।

काश पटेल की संभावित विदाई

पूर्व एफबीआई एजेंट काइल सेराफिन ने दक्षिणपंथी होस्ट एलेक्स जोंस से बातचीत में सूत्रों के हवाले से एफबीआई में बड़े बदलाव का दावा किया है। सेराफिन के अनुसार इस बात की काफी संभावना है कि काश पटेल को आज ही बर्खास्त कर दिया जाए और विभाग में पूरी तरह से नया फेरबदल किया जाए। सेराफिन ने आगे कहा कि सवाल यह है कि ऐसा क्यों हो रहा है? मेरा अनुमान है कि ट्रंप इसे इस तरह से पेश करना चाहते हैं कि यह उनका अपना फैसला है, न कि किसी दबाव के कारण उठाया गया कदम।

एफबीआई में ‘प्रतिशोध अभियान’ और पूर्व एजेंटों का मुकदमा

काश पटेल के नेतृत्व में एफबीआई में बड़े पैमाने पर हुई छंटनी के खिलाफ अब कानूनी चुनौतियां भी खड़ी हो रही हैं। इस हफ्ते तीन पूर्व एफबीआई एजेंटों ने अपनी बहाली की मांग करते हुए एक ‘क्लास-एक्शन’ मुकदमा दायर किया है। इन एजेंटों का दावा है कि 2020 के चुनाव परिणामों को पलटने के ट्रंप के प्रयासों की जांच में शामिल होने के कारण उन्हें अवैध रूप से दंडित किया गया है।

पिछले एक साल में काश पटेल के नेतृत्व में दर्जनों एजेंटों को पद से हटाया गया है। इनमें से कई को ट्रंप से जुड़ी जांचों में शामिल होने के कारण या रिपब्लिकन राष्ट्रपति के एजेंडे के प्रति अपर्याप्त रूप से वफादार माने जाने के कारण बर्खास्त किया गया था।

एजेंट और उनका बेदाग रिकॉर्ड

मिशेल बॉल, जेमी गारमन और ब्लेयर टोलमैन नाम के इन तीन एजेंटों को पिछले साल अक्टूबर और नवंबर में निकाल दिया गया था। मुकदमे के अनुसार, इन तीनों के पास 8 से 14 साल का ‘शानदार और बेदाग’ सर्विस रिकॉर्ड था। उन्हें उम्मीद थी कि वे अपना पूरा करियर एफबीआई में बिताएंगे, लेकिन उन्हें बिना किसी कारण बताए या अपना पक्ष रखने का मौका दिए बिना ही अचानक बर्खास्त कर दिया गया। इन एजेंटों ने अपनी बर्खास्तगी को ट्रंप पर की गई उनकी जांच के खिलाफ एक ‘प्रतिशोध अभियान’ करार दिया है।

प्रशासन में अन्य संभावित बदलाव

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने प्रशासन में कुछ और अहम पदों पर भी बदलाव करने पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। अमेरिकी पर्यावरण संरक्षण एजेंसी (EPA) के प्रशासक ली जेल्डिन को पाम बोंडी की जगह नए अटॉर्नी जनरल के संभावित विकल्प के रूप में देखा जा रहा है। इसके अलावा, नेशनल इंटेलिजेंस की डायरेक्टर (DNI) तुलसी गबार्ड को भी उनके पद से हटाने को लेकर प्रशासन के भीतर चर्चा चल रही है। यह पूरा घटनाक्रम स्पष्ट करता है कि ट्रंप प्रशासन के भीतर एक व्यापक पुनर्गठन चल रहा है। एफबीआई में वफादारी और पुरानी जांचों को लेकर चल रही उथल-पुथल के बीच कई बड़े अधिकारियों और एजेंटों की छंटनी की जा रही है, जो अब कानूनी मुकदमों का रूप ले रही है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN