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कांजी में क्यों आता है कड़वापन, जानिए किन गलतियों से इसमें लगती है फफूंदी

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Source :- LIVE HINDUSTAN

कांजी होली पर बनने वाले एक स्टार्टर में से एक है। कई बार इसे सही तरह से बनाने के बाद भी इसमें कड़वापन आ जाता है और फफूंदी लगने लगती है। जानिए, कांजी में क्यों आता है कड़वापन और फफूंदी।

कांजी एक बेहद टेस्टी फर्मेंटेड ड्रिंक है। जिसे उत्तर भारत में लोग बहुत चाव से पीते हैं। वैसे तो आप सालभर में कभी भी इसे बना सकते हैं। लेकिन होली से पहले इसे खासतौर से बनाया जाता है। कुछ लोग इसे गाजर और कुछ मूंग की दाल से बने वड़े डालकर खाते हैं। स्वाद में अच्छी लगने वाली कांजी को तैयार होने में 3 से 4 दिन लगते हैं। अगर अच्छी धूप खिल रही है, तो कांजी 2 से 3 दिन में तैयार हो सकती है। पिसी हुई राई, नमक और पानी से बनने वाली कांजी कई बार सही तरह से बनाई जाती है लेकिन फिर भी इसमें कड़वापन आ जाता है और कई बार सड़ भी जाती है। यहां जानिए ऐसा क्यों होता है।

कांजी में क्यों आता है कड़वापन

1) गलत सरसों का इस्तेमाल- कांजी बनाने के लिए सही तरह की सरसों का इस्तेमाल करनी जरूरी है। बहुत से लोग काली सरसों का इस्तेमाल करते हैं जो पीसने के बाद इस्तेमाल करने पर कड़वी हो जाती है। कांजी के लिए हमेशा बारीक पीली सरसों का इ्स्तेमाल करें। इसके अलावा कांजी बनाने के लिए बहुत पुरानी सरसों का इस्तेमाल न करें।

2) बहुत ज्यादा देर के लिए धूप में रखना- कांजी को धूप में रखना एक जरूरी स्टेप है लेकिन बहुत देर के लिए ऐसा करना इसे खराब कर सकता है। दरअसल, बहुत ज्यादा देर के लिए इसे धूप में रखने से फर्मेंटेशन की प्रक्रिया ओवर हो जाती है जिसकी वजह से इसका स्वाद कसैला हो सकता है। कांजी को दिन में एक बार चेक करते रहे अगर खटास आ जाए तो इसे धूप से हटाकर फ्रिज में रख सकते हैं।

3) सरसों की मात्रा- कांजी में सरसों को खटास के लिए यूज किया जाता है। अगर आप राई को बहुत ज्यादा मात्रा में डाल देते हैं तो वह उसकी वजह से कड़वाहट महसूस हो सकती है।

क्यों सड़ जाती है कांजी

1) गलत पानी का इस्तेमाल- कांजी में फफूंदी लगने के कई कारण हो सकते हैं। अगर आप नल से डायरेक्ट पानी लेकर कांजी बनाएंगे तो ये खराब हो सकती है। इसलिए पानी को पहले अच्छी तरह उबालें और फिर उसे पूरी तरह ठंडा होने दें। इससे पानी की अशुद्धियां खत्म हो जाती हैं और फफूंद लगने का खतरा कम हो जाता है।

2) गलत चम्मच का इस्तेमाल-दिनभर में एक से दो बार कांजी को चेक करें। इसे चेक करने या फिर निकालने के लिए अगर आप गलत चम्मच का इस्तेमाल करती हैं तो इसमें फफूंदी लग सकती हैं। इसलिए कांजी को चेक करने या निकालने के लिए हमेशा साफ और सूखे लकड़ी या स्टील के चम्मच का इस्तेमाल करें।

3) नमी कर सकती है कांजी खराब- अगर आप गाजर की कांजी बना रहे हैं तो इसे धोने के बाद जरूर सुखाएं। जार अगर गीली गाजर डाल देते हैं, तो एक्सट्रा नमी फफूंद का कारण बनती है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN