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कतर से गैस बंद, पाकिस्तान में मचा हाहाकार! 14 घंटे की बिजली गुल से जूझ रही आवाम

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Source :- LIVE HINDUSTAN

मध्य पूर्व युद्ध और कतर से LNG सप्लाई रुकने के कारण पाकिस्तान भारी बिजली संकट से जूझ रहा है। देश में 14-14 घंटे बिजली गुल है। जानिए कैसे इस ऊर्जा और आर्थिक संकट के बीच पाकिस्तान अमेरिका-ईरान शांति वार्ता की मेजबानी कर रहा है।

पाकिस्तान इस समय एक भयानक ऊर्जा संकट के मुहाने पर खड़ा है। मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध के कारण पाकिस्तान को मिलने वाली लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) की आपूर्ति बुरी तरह से बाधित हो गई है, जिसके परिणामस्वरूप देश में लगातार बिजली गुल होने की आशंका है। यह संकट ऐसे संवेदनशील समय में आया है जब पाकिस्तान, ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता के अगले दौर की मेजबानी करने की तैयारी कर रहा है।

बिजली संकट की गंभीरता और असर

पाक ऊर्जा मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, बुधवार शाम को जब बिजली की मांग अपने चरम (पीक) पर होती है, तब देश में बिजली की कमी 4,500 मेगावाट तक पहुंच गई। यह पाकिस्तान की कुल बिजली मांग का लगभग 25% (एक चौथाई) हिस्सा है। मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि कुछ इलाकों में शाम के समय दो घंटे से ज्यादा की कटौती (लोडशेडिंग) हो रही है। पनबिजली उत्पादन में कमी ने स्थिति को और बिगाड़ दिया है। स्थानीय रिपोर्ट्स के मुताबिक, हालात इतने खराब हैं कि ग्रामीण इलाकों में 14-14 घंटे तक बिजली नहीं आ रही है।

‘फेडरेशन ऑफ पाकिस्तान चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री’ (FPCCI) के अध्यक्ष आतिफ इकराम शेख ने बताया कि उद्योगों में लगभग आठ घंटे की लोडशेडिंग हो रही है। इसका सीधा और बुरा असर देश के निर्यात और स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग दोनों पर पड़ेगा।

संकट के मूल कारण: मध्य पूर्व का युद्ध

पाकिस्तान पिछले कई सालों के अपने सबसे बड़े ऊर्जा संकट का सामना कर रहा है, जिसके पीछे दो बड़े अंतरराष्ट्रीय कारण हैं।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का बंद होना: ईरान में चल रहे युद्ध के कारण यह बेहद महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्ग प्रभावी रूप से बंद हो गया है, जिससे तेल और गैस की आवाजाही रुक गई है।

कतर से आपूर्ति का ठप होना: पाकिस्तान बिजली उत्पादन के लिए लगभग पूरी तरह से कतर से आने वाली LNG पर निर्भर है। लेकिन, मार्च की शुरुआत में दुनिया के सबसे बड़े LNG प्लांट (कतर) पर हुए हमलों के कारण उसे अपना निर्यात रोकना पड़ा है।

पाकिस्तान के पास क्या विकल्प हैं?

कतर से गैस न मिलने के कारण पाकिस्तान अब खुले बाजार (स्पॉट मार्केट) से LNG खरीदने के विकल्पों की तलाश कर रहा है। हालांकि, यह गैस बहुत महंगी होती है। सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान तभी इस गैस को खरीद पाएगा जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमतें थोड़ी कम होंगी, क्योंकि मौजूदा कीमतें उसके बजट से बाहर हैं।

भू-राजनीतिक और आर्थिक स्थिति

इन सब घरेलू परेशानियों के बावजूद, पाकिस्तान मध्य पूर्व के युद्धरत देशों (ईरान और अमेरिका) के बीच मध्यस्थता कर रहा है। वाशिंगटन (अमेरिका) ने भी संकेत दिए हैं कि इस वार्ता का अगला दौर पाकिस्तान में ही आयोजित हो सकता है।

इस्लामाबाद अपनी डगमगाती अर्थव्यवस्था और विदेशी मुद्रा भंडार को बचाने के लिए भी संघर्ष कर रहा है। इस मोर्चे पर उसे थोड़ी राहत मिली है। बुधवार को सरकार ने घोषणा की कि उसे सऊदी अरब से 3 अरब डॉलर की वित्तीय मदद मिली है। इस पैसे का इस्तेमाल संभवतः संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के कर्ज की किस्त चुकाने के लिए किया जाएगा।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN