Source :- LIVE HINDUSTAN
एक खास फ्रेम को जूम करके दावा किया कि प्रधानमंत्री के दाहिने हाथ में छह उंगलियां दिखाई दे रही हैं। लोगों ने इसे क्लासिक AI ग्लिच बताते हुए कहा कि यह वीडियो असली नहीं बल्कि ‘डीपफेक’ है।
Benjamin Netanyahu Health Updates: ईरान युद्ध के बीच पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बेंजामिन नेतन्याहू की मौत की अफवाहें जंगल की आग की तरह फैल रही हैं। इन अफवाहों को तब और बल मिला जब नेतन्याहू का एक वीडियो सामने आया, जिसमें उनके हाथ की बनावट को लेकर ‘AI डीपफेक’ होने के दावे किए गए। हालांकि, अब इजरायली प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने इन सभी खबरों का खंडन कर दिया है।
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तुर्की की समाचार एजेंसी अनादोलु से बात करते हुए नेतन्याहू के कार्यालय ने कहा, “यह पूरी तरह से फेक न्यूज है। प्रधानमंत्री सुरक्षित हैं और स्वस्थ हैं।” शनिवार को जारी इस बयान का उद्देश्य उन दावों को रोकना था जिनमें कहा जा रहा था कि ईरान के जवाबी हमलों में नेतन्याहू को निशाना बनाया गया है।
क्या वीडियो AI से बना था?
अफवाहों की शुरुआत 13 मार्च को नेतन्याहू के एक्स हैंडल पर पोस्ट किए गए एक वीडियो से हुई। इस वीडियो में नेतन्याहू मंच पर खड़े होकर भाषण दे रहे थे। सोशल मीडिया यूजर्स ने वीडियो के एक खास फ्रेम को जूम करके दावा किया कि प्रधानमंत्री के दाहिने हाथ में छह उंगलियां दिखाई दे रही हैं। लोगों ने इसे क्लासिक AI ग्लिच बताते हुए कहा कि यह वीडियो असली नहीं बल्कि ‘डीपफेक’ है। यूजर्स का कहना था कि चूंकि प्रधानमंत्री पिछले कुछ दिनों से सार्वजनिक रूप से दिखाई नहीं दिए हैं, इसलिए सरकार उनकी मौत छिपाने के लिए पुराने वीडियो या AI का सहारा ले रही है।
फैक्ट-चेकर्स और तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार, छह उंगलियों का दिखना अक्सर कैमरे के एंगल, हाथों की तेज गति और लाइटिंग के कारण होने वाला एक ऑप्टिकल इल्यूजन होता है। पॉलिटिफैक्ट और ग्रोक ने भी पुष्टि की है कि वीडियो में हाथ की बनावट सामान्य है और जिसे छठी उंगली कहा जा रहा है, वह हथेली का ही एक हिस्सा है जो खास एंगल की वजह से उंगली जैसा प्रतीत हो रहा है।
आखिरी बार कब दिखे नेतन्याहू?
प्रधानमंत्री नेतन्याहू को आखिरी बार 12 और 13 मार्च को वीडियो संबोधनों के माध्यम से देखा गया था। अपने संबोधन में उन्होंने ईरान के नए सर्वोच्च नेता मुजतबा खामेनेई को चेतावनी देते हुए कहा था कि इजरायल ईरान और हिजबुल्लाह को कुचल रहा है।
गौरतलब है कि यह तनाव 28 फरवरी को ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की एक हवाई हमले में हुई मौत के बाद चरम पर है। इसी युद्ध के माहौल का फायदा उठाकर कई स्रोतों ने नेतन्याहू की हत्या की झूठी खबरें फैलाना शुरू कर दिया था।
बेंजामिन नेतन्याहू जीवित हैं और अपने पद पर सक्रिय हैं। ‘छह उंगलियों’ वाला विवाद महज एक तकनीकी भ्रम साबित हुआ है। युद्ध के इस दौर में भ्रामक सूचनाएं और डीपफेक वीडियो एक बड़े हथियार के रूप में उभर रहे हैं, जिनसे सावधान रहने की जरूरत है।
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