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ईरान युद्ध में उलझी रही दुनिया, इधर चीन ने PoK के पास किया खेल; बना दिया नया प्रांत; भारत दे चुका है चेतवानी

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Source :- LIVE HINDUSTAN

यह चीन द्वारा शिनजियांग में स्थापित की गई तीसरी नई काउंटी है। चीन ने इससे पहले भी इस क्षेत्र में दो प्रांत बनाने की घोषणा की थी, जिस पर भारत ने जड़ी आपत्ति जताई थी।

जहां एक तरफ पूरा पश्चिम एशिया इस समय ईरान और अमेरिका के युद्ध में उलझा हुआ है, वहीं दूसरी तरफ चीन PoK के पास खौफनाक चालबाजी कर रहा है। दरअसल चीन ने हाल ही मेरी पाक अधिकृत कश्मीर और अफगानिस्तान की सीमा के पास स्थित अपने शिनजियांग प्रांत में एक नई काउंटी यानी पूरा का पूरा प्रशासनिक इकाई स्थापित कर दिया है। रिपोर्ट्स की मानें तो तो ड्रैगन ने उइगरों की घुसपैठ को रोकने के साथ साथ वाखान गलियारे की सुरक्षा बढ़ाने के लिए यह कदम उठाया है।

सेनलिंग नाम की यह नई काउंटी काराकोरम माउंटेन रेंज के पास पीओके और अफगानिस्तान बॉर्डर के बेहद करीब स्थित है। अहम बात यह है कि चीन शिनजियांग में इससे पहले भी दो नई काउंटी हेआन और हेकांग की घोषणा कर चुका है और अब लगभग एक साल में चीन ने यह तीसरा नया प्रांत बना दिया है।

भारत जता चुका है ऐतराज

इससे पहले भारत ने पिछले साल हेआन और हेकांग काउंटियों के निर्माण को लेकर चीन के खिलाफ विरोध दर्ज कराया था। भारत ने स्पष्ट किया है कि इन जिलों का कुछ हिस्सा भारत के केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख का हिस्सा है और इस तरह की हरकत बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जानकारी के मुताबिक हेआन में विवादित अक्साई चिन पठार का अधिकांश भाग शामिल है, जो लद्दाख का अभिन्न हिस्सा है।

नई काउंटी की घोषणा

भारत की चेतावनी के बावजूद चीन ने शिनजियांग उइगर स्वायत्त क्षेत्र की सरकार ने 26 मार्च को नई काउंटी सेनलिंग की स्थापना की घोषणा की है। हालांकि इसकी सीमाओं और प्रशासनिक हिस्सों की पूरी जानकारी नहीं दी गई है। यह जिला काशगर प्रशासन के तहत आएगा। बता दें कि काशगर एक ऐतिहासिक शहर है, जो पुराने रेशम मार्ग पर स्थित है और चीन को दक्षिण तथा मध्य एशिया से जोड़ता है। यहीं से चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे की भी शुरुआत होती है, जो पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर से होकर गुजरता है। विशेषज्ञों का कहना है कि सेनलिंग जिले का गठन चीन के सीमा क्षेत्रों पर बढ़ते फोकस और नियंत्रण को दिखाता है।

चीन का क्या प्लान?

शंघाई के एक विश्वविद्यालय के प्रोफेसर लिन मिनवांग ने कहा है कि यह कदम इस इलाके की रणनीतिक अहमियत को लेकर चीन की बढ़ती दिलचस्पी को दर्शाता है। रिपोर्ट के अनुसार, लिन ने कहा, “व्यापक स्तर पर देखें तो, यह फैसला चीन द्वारा अपनी सीमावर्ती क्षेत्रों पर दिए जा रहे विशेष जोर का संकेत है।” उन्होंने बताया कि यह नया जिला भौगोलिक रूप से अफगानिस्तान के संकरे वखान कॉरिडोर से जुड़ा है। यह 74 किलोमीटर लंबी एक पट्टी है जो शिनजियांग की सीमा से लगती है और ताजिकिस्तान और PoK को अलग करती है। यह चीन की सुरक्षा और आतंकवाद-रोधी चिंताओं को भी उजागर करता है।

चीन को पहले भी चिंता रही है कि ईस्ट तुर्किस्तान इस्लामिक मूवमेंट के उइगर लड़ाके इस रास्ते का इस्तेमाल कर अफगानिस्तान से शिनजियांग में घुस सकते हैं। अब विशेषज्ञों का मानना है कि नया जिला बनाने से चीन को स्थानीय स्तर पर शासन और नियंत्रण मजबूत करने में और भी ज्यादा मदद मिलेगी।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN