Home विश्व समाचार ईरान में सीजफायर के बाद खौफ में इजरायल? IDF बोली- अब वहां...

ईरान में सीजफायर के बाद खौफ में इजरायल? IDF बोली- अब वहां और भी ज्यादा कट्टरपंथी…

17
0

Source :- LIVE HINDUSTAN

ईरान में जारी जंग के बाद इजरायली सेना ने तेहरान में कट्टरपंथ को लेकर नई हिदायत दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इजरायली संसद में हुई एक बैठक में इजरायली सेना ने कहा कि ईरान में अब और भी ज्यादा कट्टरपंथी लोग सत्ता में हैं।

ईरान में अमेरिका और इजरायल का अभियान अब थमता हुआ नजर आ रहा है। पाकिस्तान की धरती पर सीजफायर के प्रस्ताव पर चर्चा होने वाली है। ऐसे समय में इजरायली सेना ने नेताओं को चेताया है कि ईरान का नया नेतृत्व अब कहीं ज्यादा कट्टरपंथी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक IDF ने बताया कि ईरान का नया नेतृत्व अब किसी इस्लामिक रिजीम के तहत नहीं बल्कि आईआरजीसी के तहत संचालित होता है।

टाइम्स ऑफ इजरायल की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा ईरान में सीजफायर की घोषणा के बाद इजरायली संसद के बंद कमरे में एक मीटिंग हुई। इस मीटिंग में इजरायली सेना ने ईरान के बारे में कहा कि अब वहां की सत्ता पहले से कहीं ज्यादा कट्टरपंथी तरीके से शासन चलाएगी। रिपोर्ट के अनुसार, यह संकेत मिलता है कि ईरान गार्ड्स पूर्ववर्ती राजनीतिक नेतृत्व की तुलना में कहीं अधिक वैचारिक कठोरता प्रदर्शित करते हैं।

इससे पहले भी सामने आई कई रिपोर्ट्स में मोजतबा खामेनेई को उनके पिता की तुलना में ज्यादा कट्टरपंथी बताया गया है। इसके अलावा अब जबकि, ईरान का दशकों पुराना डर (अमेरिकी हमला) खत्म हो चुका है, तो ऐसी स्थिति में ईरान और भी ज्यादा तेज और गतिशीलता के साथ अपने ऐक्शन दिखा सकता है। अमेरिका की धरती उसकी पहुंच से बाहर है, लेकिन इजरायल उसकी पहुंच में है। ऐसे में ईरान अगर और भी ज्यादा कट्टरपंथी रास्ते पर बढ़ता है, तो यह इजरायल के लिए और भी ज्यादा खतरनाक स्थिति होगी।

बता दें, 28 फरवरी को ईरान पर हमला करने के बाद अमेरिका और इजरायल ने सत्ता परिवर्तन को अपना मुख्य लक्ष्य बनाया था। पहले ही हमले में उन्होंने ईरान के सर्वोच्च लीडर अयातुल्लाह खामेनेई को खत्म कर दिया। लेकिन जैसे-जैसे युद्ध आगे बढ़ा इजरायल और अमेरिका अपना उद्देश्य बदलते गए। युद्ध विराम के समय पर होर्मुज को खोलना और परमाणु हथियार ही इस युद्ध का उद्देश्य बचा। युद्ध की शुरुआत का लक्ष्य अमेरिका और इजरायल हासिल करने में नाकामयाब रहे। ईरान में अभी भी पुरानी सत्ता ही मौजूद है, और वह पहले से ज्यादा खतरनाक है।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN