Home विश्व समाचार ईरान पर हमले की पूरी तैयार में डोनाल्ड ट्रंप, बता दिया युद्धपोत...

ईरान पर हमले की पूरी तैयार में डोनाल्ड ट्रंप, बता दिया युद्धपोत भेजने के पीछे का इरादा

14
0

Source :- LIVE HINDUSTAN

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उनका यूएसएस गेराल्ड आर फोर्ड एयरक्राफ्ट कैरियर कैरीबियन सी से मध्य एशिया की ओर रवाना हो गया है। ट्रंप पहले ही कह चुके हैं कि परमाणु कार्यक्रम क लेकर अगर दोनों देशों में डील नहीं होती है तो ईरान को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

ईरान से तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कन्फर्म कर दिया है कि वह अपने सबसे बड़े एयरक्राफ्ट कैरियर को पूरे लाव लश्कर के साथ मध्य एशिया भेज रहे हैं। अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता जरूर चल रही है लेकिन परमाणु कार्यक्रम को लेकर तनाव कम नहीं हो रहा है। ऐसे में डोनाल्ड ट्रंप ने कई बार सैन्या कार्रवाई की धमकी दी है।

अमेरिका के सबसे बड़े एयरक्राफ्ट यूएसएस गेराल्ड आर फोर्ड कैरियर को लेकर जब डोनाल्ड ट्रंप से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि यह तोड़ी ही देर में रवाना होने वाला है। अगर ईरान के साथ मसझौता नहीं होता है तो हमें इसकी जरूरत पड़ेगी। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि गेराल्ड के साथ ही यूएसएस अब्राहम लिंकन शिप को भी रवाना किया गया है।

ईरान में विरोध प्रदर्शन के बाद बढ़ गई है तनातनी

ईरान में विरोध प्रदर्शन और फिर खामेनेई द्वारा प्रदर्शनकारियों के दमन को लेकर दोनों देशों में तनाव बढ़ गया है। अमेरिका ने कहा है कि अगर परमाणु कार्यक्रम को लेकर ईरान अमेरिका की बात नहीं मानता है तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। गाइडेड मिसाइल से लैस यूएसएस अब्राहम लिंकन पहले से ही अरब सागर में मौजूद है। पिछले ही सप्ताह ईरान के एक ड्रोन को इसी युद्दपोत पर से ही मार गिराया गया था।

वेनेजुएला में अभियान को अंजाम देने गया था गेराल्ड आर फोर्ड

यूएसएस गेराल्ड फोर्ड युद्धपोत वेनेजुएला में अभियान को अंजाम देने गया था और तब से वहीं था। अब यहां से सीधे वह मध्य एशिया की ओर रवाना कर दिया गया है। बता दें कि दोनों देशों ने पिछले सप्ताह ओमान में बातचीत की थी। इसके बाद डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अगर समझौता नहीं होता है तो परिणाम बहुत गंभीर होंगे।

अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, यह निर्णय ईरान के साथ परमाणु वार्ता में गतिरोध और क्षेत्रीय अस्थिरता के बीच वाशिंगटन की सैन्य शक्ति के प्रदर्शन के तौर पर लिया गया है। यह युद्धपोत अब फारस की खाड़ी और अरब सागर क्षेत्र में पहले से मौजूद ‘यूएसएस अब्राहम लिंकन’ और उसके सहायक बेड़े के साथ शामिल होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि दो विमानवाहक पोतों की एक साथ मौजूदगी इस क्षेत्र में वाशिंगटन की नौसैनिक ताकत को अभूतपूर्व रूप से बढ़ा देगी, जिससे ईरान पर कूटनीतिक और सैन्य दोनों स्तरों पर दबाव बढ़ेगा।

राष्ट्रपति ट्रंप ने यह कदम इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ हाल ही में हुई लंबी चर्चा के बाद उठाया है। बताया जा रहा है कि ओमान में तेहरान के साथ परमाणु कार्यक्रम पर चल रही अप्रत्यक्ष वार्ता में कोई ठोस परिणाम न मिलने से वाशिंगटन असंतुष्ट है। एक रिपोर्ट के अनुसार, इस तैनाती में गाइडेड-मिसाइल विध्वंसक और निगरानी विमान भी शामिल हैं।

SOURCE : LIVE HINDUSTAN